{"_id":"6123f5278ebc3e79fd451888","slug":"highway-shahjahanpur-news-bly4572738116","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ-दिल्ली हाईवे: मानसून के बहाने हरदोई बाईपास चौराहा पर रोका निर्माण कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ-दिल्ली हाईवे: मानसून के बहाने हरदोई बाईपास चौराहा पर रोका निर्माण कार्य
विज्ञापन
शाहजहांपुर में लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर हरदोई बाईपास चौराहा से रोजा की ओर उखड़ चुकी अध?
- फोटो : SHAHJAHANPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजहांपुर/रौसर कोठी। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाने के काम में सुस्ती से कहीं बाईं लेन तो कहीं दाईं लेन अधूरी पड़ी हैं। हरदोई मोड़ चौराहा से लेकर मेजबान तिराहा बाईपास के आगे रौजा मंडी तक सड़क के दोनों फुटपाथ उखड़े पड़े हैं। कई जगह बारिश से किनारे की मिट्टी कटने से रोड की पटरी पर हुए गड्ढे घटनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं। मेजबान बाईपास तिराहा से हरदोई मोड़ चौराहा तक इसी वजह से सफर खतरनाक हो चुका है। पिछले दिनों बाडीगांव तिराहा के पास हुई दुर्घटना के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के ठेकेदार ने काम शुरू कराया, लेकिन अब मानसून के बहाने निर्माण कार्य रोक दिया गया।
हरदोई मोड़ चौराहा से मेजबान तिराहा की ओर जाने पर सड़क की दाईं पटरी किनारे की मिट्टी धसने से खराब हो रही है। वाहन पलटने से बचाने को वहां रोड की दाईं लेन के किनारे कंक्रीट के बोल्डर लगाए गए हैं, लेकिन सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कराने की जरूरत नहीं समझी गई। यही नहीं, हरदोई चौराहा से मेजबान बाईपास तिराहा से पहले रोजा बाईपास के निर्माणाधीन ओवरब्रिज तक लगभग एक किमी लंबाई में पुल को जोड़ने वाली एप्रोच रोड पूरी तरह टूट चुकी है। इससे बरसात में गाड़ी के फिसलने का खतरा बढ़ जाता है और खुले मौसम में भयंकर धूल उड़ती है।
इसी तरह बाडीगांव मोड़ से रोजा बाईपास के ओवरब्रिज तक सिंगल लेन भारी वाहनों के दबाव से पूरी तरह टूट चुकी है। टूटी हुई सड़क का मलबा कार्यदायी संस्था ने रोड़ के किनारे ही इकट्ठा कर दिया और उसे हटाने की जहमत नही उठाई । रोजा के मेजबान होटल से पहले जहां से नए ओवरब्रिज का निर्माण शुरू है उसके दूसरे साइड में नीचे तराई को जाने वाले कच्चे रास्ते पर बरसात के कारण भूमि का कटाव इतना ज्यादा हो गया है जो कि अब सड़क तक पहुंच चुका है। जरा सी चूक होने पर कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बढ़ गई है।
विज्ञापन
रूट डायवर्जन के नहीं लगाए संकेतक
हरदोई बाईपास से लेकर रोजा की ओर जहां तक ओवरब्रिज की एप्रोच रोड बननी है, वहां तक हाईवे की सिंगल लेन से निर्माण सामग्री की कार्य स्थल तक ढुलाई होने के साथ सामान्य यातायात भी हो रहा है। आगे बाबा रामकिशन बगिया मंदिर के पास से वनवे समाप्त हो जाता है और एक लेन अधूरी होने के कारण सिंगल लेन शुरू हो जाती है। वहां से रोजा को जाने वाले वाहन डायवर्ट होकर सिंगल रोड पर आ जाते हैं। आगे बाडीगांव मोड़ से रोजा बाईपास तक सिंगल लेन उखड़ चुकी है। हरदोई चौराहा पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज की दोनों सर्विस लेन के मिलान वाले स्थान पर कोई संकेतक लगाने की जरूरत नहीं समझी गई। इस वजह से दोनो लेन के जोड़ वाले इस तिकोने हिस्से में लेन बदलते समय विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों की टक्कर में लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है।
एनएचएआई के अधिकारियों को बरेली मोड़ और हरदोई मोड़ बाईपास चौराहा पर ओवरब्रिज जल्द निर्मित कराने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश से निर्माण कार्य में व्यवधान पड़ना स्वाभाविक है, लेकिन यातायात सामान्य बनाए रखने के लिए लोनिवि के अभियंताओं को हाईवे के इस हिस्से पर मेजबान बाईपास तिराहा से लेकर रोजा अड्डा तक राज्य योजना से स्वीकृत फोरलेन का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
-रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन।
विज्ञापन
हरदोई मोड़ चौराहा से मेजबान तिराहा की ओर जाने पर सड़क की दाईं पटरी किनारे की मिट्टी धसने से खराब हो रही है। वाहन पलटने से बचाने को वहां रोड की दाईं लेन के किनारे कंक्रीट के बोल्डर लगाए गए हैं, लेकिन सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कराने की जरूरत नहीं समझी गई। यही नहीं, हरदोई चौराहा से मेजबान बाईपास तिराहा से पहले रोजा बाईपास के निर्माणाधीन ओवरब्रिज तक लगभग एक किमी लंबाई में पुल को जोड़ने वाली एप्रोच रोड पूरी तरह टूट चुकी है। इससे बरसात में गाड़ी के फिसलने का खतरा बढ़ जाता है और खुले मौसम में भयंकर धूल उड़ती है।
विज्ञापन
इसी तरह बाडीगांव मोड़ से रोजा बाईपास के ओवरब्रिज तक सिंगल लेन भारी वाहनों के दबाव से पूरी तरह टूट चुकी है। टूटी हुई सड़क का मलबा कार्यदायी संस्था ने रोड़ के किनारे ही इकट्ठा कर दिया और उसे हटाने की जहमत नही उठाई । रोजा के मेजबान होटल से पहले जहां से नए ओवरब्रिज का निर्माण शुरू है उसके दूसरे साइड में नीचे तराई को जाने वाले कच्चे रास्ते पर बरसात के कारण भूमि का कटाव इतना ज्यादा हो गया है जो कि अब सड़क तक पहुंच चुका है। जरा सी चूक होने पर कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बढ़ गई है।
विज्ञापन
रूट डायवर्जन के नहीं लगाए संकेतक
हरदोई बाईपास से लेकर रोजा की ओर जहां तक ओवरब्रिज की एप्रोच रोड बननी है, वहां तक हाईवे की सिंगल लेन से निर्माण सामग्री की कार्य स्थल तक ढुलाई होने के साथ सामान्य यातायात भी हो रहा है। आगे बाबा रामकिशन बगिया मंदिर के पास से वनवे समाप्त हो जाता है और एक लेन अधूरी होने के कारण सिंगल लेन शुरू हो जाती है। वहां से रोजा को जाने वाले वाहन डायवर्ट होकर सिंगल रोड पर आ जाते हैं। आगे बाडीगांव मोड़ से रोजा बाईपास तक सिंगल लेन उखड़ चुकी है। हरदोई चौराहा पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज की दोनों सर्विस लेन के मिलान वाले स्थान पर कोई संकेतक लगाने की जरूरत नहीं समझी गई। इस वजह से दोनो लेन के जोड़ वाले इस तिकोने हिस्से में लेन बदलते समय विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों की टक्कर में लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है।
एनएचएआई के अधिकारियों को बरेली मोड़ और हरदोई मोड़ बाईपास चौराहा पर ओवरब्रिज जल्द निर्मित कराने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश से निर्माण कार्य में व्यवधान पड़ना स्वाभाविक है, लेकिन यातायात सामान्य बनाए रखने के लिए लोनिवि के अभियंताओं को हाईवे के इस हिस्से पर मेजबान बाईपास तिराहा से लेकर रोजा अड्डा तक राज्य योजना से स्वीकृत फोरलेन का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
-रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन।