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लखनऊ-पलिया हाईवे: टेंडर स्वीकृत होने के बावजूद नहीं भरे गड्ढे
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शाहजहांपुर। लखनऊ-पलिया वाया हरदोई मार्ग को दो साल पहले स्टेट हाईवे से नेशनल हाईवे का दर्जा दिया जा चुका है लेकिन यातायात की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण इस मार्ग के रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वाहनों के बढ़ते दबाव और बरसात में जिला मुख्यालय से लेकर पलिया तक जगह-जगह रोड छलनी हो चुका है और वहां जानलेवा गड्ढे बन गए हैं। हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस हाईवे पर शाहजहांपुर से लेकर पलिया तक अनुरक्षण कार्य कराने को एक कंपनी का टेंडर स्वीकृत कर चुका है लेकिन पैचवर्क (गड्ढे भरने का काम) अभी तक शुरू नहीं हो सका। इसके चलते इन गड्ढों में बारिश का पानी भरने से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
दुधवा नेशनल पार्क ने बढ़ाई हाईवे की अहमियत
तीन दशक पहले तक यह मार्ग दिल्ली-पलिया रोड के नाम से जाना जाता था। पलिया से करीब 20 किमी आगे दुधवा के जंगल को नेशनल पार्क का दर्जा मिलने के बाद देश-विदेश से तमाम सैलानी दुधवा पार्क जाने लगे तो इस मार्ग की अहमियत बढ़ गई। सपा शासनकाल में इस मार्ग को शाहजहांपुर से लखनऊ वाया हरदोई तक डबल लेन बनाकर स्टेट हाईवे का दर्जा दिया। इसी के साथ लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) ने मार्ग की नियमित देखभाल और मरम्मत का काम अपने हाथ ले लिया। तब से इस मार्ग पर यातायात कई गुना बढ़ चुका है। इसे देखते प्रदेश सरकार ने यह मार्ग फोर लेन बनाने के लिए एनएचएआई को हस्तांतरित कर दिया। एनएचएआई के अधिकारी लखनऊ-दिल्ली एनएच-24 के सीतापुर-बरेली सेक्शन को फोर लेन बनवाने में उलझे रहे। इस कारण लखनऊ-पलिया हाईवे उपेक्षित रहने से जर्जर हो गया।
हाईवे के हालात से अफसर बने अनजान
सेहरामऊ दक्षिणी से जिले की सीमा में आए हाईवे की बीते कई साल से मरम्मत नहीं हुई है। इसके चलते महानगर में लोधीपुर से ही गड्ढे शुरू हो जाते हैं, लेकिन अफसर अनजान बने हैं। नेव टेक्निकल इंस्टीट्यूट के पास सड़क बिल्कुल छलनी हो चुकी है। जीआईसी तिराहा से मुड़कर कचहरी के पीछे की ओर बढ़ते ही जिला पंचायत के तिराहे पर रोड के आधे हिस्से में बजरी-कोलतार की ऊपरी परत उधड़ चुकी है। यहां बजरी फैली रहने से दोपहिया वाहन फिसलने से आए दिन लोग जख्मी हो रहे हैं। पुवायां की ओर मुर्छा गांव के मोड़ और लक्ष्य इंस्टीट्यूट के पास भी गहरे गड्ढे हैं।
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एडीएम के वादे पर भी नहीं शुरू हुआ काम
सिंधौली। खन्नौत पुल और भूमि विकास बैंक के सामने हाईवे जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो चुका हैेेे। समाजवादी पेट्रोल पंप के सामने सड़क का करीब दस मीटर हिस्सा गायब हो चुका है। एक माह पहले बारिश मेें वहां जलभराव होने पर एक भट्ठा स्वामी ने ईंट के रोड़े डलवा दिए तो कुछ दिन राहत मिली। पिछल्े सप्ताह भारी वर्षा से यहां जलभराव हुआ तो भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रवादी गुट ने वहां धान की पौध लगाकर प्रदर्शन किया। मंगलवार को जर्जर रोड का जायजा लेने पहुंचे एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी ने वहां मौजूद लोगों से सड़क की मरम्मत का काम बुधवार से शुरू कराने का वायदा किया लेकिन बुधवार को वहां न तो निर्माण सामग्री पहुंची और न ही कोई अधिकारी। संवाद
रजऊ से मैलानी तक खतरों भरा सफर
पुवायां। सिंधौली के आगे रजऊ गांव से मैलानी तक गड्ढे रोड की बदहाली बयां करते हैं। पुवायां में करनापुर चीनी मिल के आगे टेढ़ा पुल के पास पुलिया का कुछ हिस्सा धंस जाने से गहरा गड्ढा हो गया है और रोड की ऊपरी सतह के नीचे की मिट्टी गायब है। इसी तरह गोमती नदी के आगे पुलिया के फुटपाथ पर गड्ढे होने के साथ वहां की रेलिंग गायब होने से एक्सीडेंट जोन बन गया है। इस जगह रोडवेज की एक बस और ट्रक पलट भी चुके हैं। खुटार-मैलानी मार्ग पर तिकुनिया चौराहा के आगे भी गड्ढों की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं।
5.38 करोड़ का ठेका लेकर बैठी कंपनी
हाईवे पर पुत्तूलाल चौराहा से हथौड़ा चौराहा होते हुए जीआईसी तिराहा तक चौड़ीकरण कार्य राज्य योजना के बजट से एक साल पहले स्वीकृत हो चुका है लेकिन इस पर अभी काम शुरू नहीं हुआ है। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता ओपी वर्मा के अनुसार एनएचएआई ने पलिया-शाहजहांपुर के बीच मार्ग का दो वर्ष तक अनुरक्षण कराने का ठेका दिल्ली की एक कंपनी मेसर्स श्री इंटरप्राइजेज को 5.38 करोड़ रुपये में दिया गया है लेकिन ठेका लेने के बाद कंपनी के अधिकारी खामोश बैठे हैं।
नोएडा की जिस कंपनी को रोड की मरम्मत का ठेका दिया गया, वह अभी तक अन्य प्रोजेक्ट में उलझी रही। कंपनी के अधिकारियों और ठेकेदार से बात हो चुकी है। उनके कुछ कर्मचारी भी यहां पहुंच चुके हैं और अब निर्माण सामग्री समेत मशीनें पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। मरम्मत कार्य बहुत जल्द शुरू होगा।
- रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन
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दुधवा नेशनल पार्क ने बढ़ाई हाईवे की अहमियत
तीन दशक पहले तक यह मार्ग दिल्ली-पलिया रोड के नाम से जाना जाता था। पलिया से करीब 20 किमी आगे दुधवा के जंगल को नेशनल पार्क का दर्जा मिलने के बाद देश-विदेश से तमाम सैलानी दुधवा पार्क जाने लगे तो इस मार्ग की अहमियत बढ़ गई। सपा शासनकाल में इस मार्ग को शाहजहांपुर से लखनऊ वाया हरदोई तक डबल लेन बनाकर स्टेट हाईवे का दर्जा दिया। इसी के साथ लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) ने मार्ग की नियमित देखभाल और मरम्मत का काम अपने हाथ ले लिया। तब से इस मार्ग पर यातायात कई गुना बढ़ चुका है। इसे देखते प्रदेश सरकार ने यह मार्ग फोर लेन बनाने के लिए एनएचएआई को हस्तांतरित कर दिया। एनएचएआई के अधिकारी लखनऊ-दिल्ली एनएच-24 के सीतापुर-बरेली सेक्शन को फोर लेन बनवाने में उलझे रहे। इस कारण लखनऊ-पलिया हाईवे उपेक्षित रहने से जर्जर हो गया।
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हाईवे के हालात से अफसर बने अनजान
सेहरामऊ दक्षिणी से जिले की सीमा में आए हाईवे की बीते कई साल से मरम्मत नहीं हुई है। इसके चलते महानगर में लोधीपुर से ही गड्ढे शुरू हो जाते हैं, लेकिन अफसर अनजान बने हैं। नेव टेक्निकल इंस्टीट्यूट के पास सड़क बिल्कुल छलनी हो चुकी है। जीआईसी तिराहा से मुड़कर कचहरी के पीछे की ओर बढ़ते ही जिला पंचायत के तिराहे पर रोड के आधे हिस्से में बजरी-कोलतार की ऊपरी परत उधड़ चुकी है। यहां बजरी फैली रहने से दोपहिया वाहन फिसलने से आए दिन लोग जख्मी हो रहे हैं। पुवायां की ओर मुर्छा गांव के मोड़ और लक्ष्य इंस्टीट्यूट के पास भी गहरे गड्ढे हैं।
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एडीएम के वादे पर भी नहीं शुरू हुआ काम
सिंधौली। खन्नौत पुल और भूमि विकास बैंक के सामने हाईवे जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो चुका हैेेे। समाजवादी पेट्रोल पंप के सामने सड़क का करीब दस मीटर हिस्सा गायब हो चुका है। एक माह पहले बारिश मेें वहां जलभराव होने पर एक भट्ठा स्वामी ने ईंट के रोड़े डलवा दिए तो कुछ दिन राहत मिली। पिछल्े सप्ताह भारी वर्षा से यहां जलभराव हुआ तो भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रवादी गुट ने वहां धान की पौध लगाकर प्रदर्शन किया। मंगलवार को जर्जर रोड का जायजा लेने पहुंचे एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी ने वहां मौजूद लोगों से सड़क की मरम्मत का काम बुधवार से शुरू कराने का वायदा किया लेकिन बुधवार को वहां न तो निर्माण सामग्री पहुंची और न ही कोई अधिकारी। संवाद
रजऊ से मैलानी तक खतरों भरा सफर
पुवायां। सिंधौली के आगे रजऊ गांव से मैलानी तक गड्ढे रोड की बदहाली बयां करते हैं। पुवायां में करनापुर चीनी मिल के आगे टेढ़ा पुल के पास पुलिया का कुछ हिस्सा धंस जाने से गहरा गड्ढा हो गया है और रोड की ऊपरी सतह के नीचे की मिट्टी गायब है। इसी तरह गोमती नदी के आगे पुलिया के फुटपाथ पर गड्ढे होने के साथ वहां की रेलिंग गायब होने से एक्सीडेंट जोन बन गया है। इस जगह रोडवेज की एक बस और ट्रक पलट भी चुके हैं। खुटार-मैलानी मार्ग पर तिकुनिया चौराहा के आगे भी गड्ढों की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं।
5.38 करोड़ का ठेका लेकर बैठी कंपनी
हाईवे पर पुत्तूलाल चौराहा से हथौड़ा चौराहा होते हुए जीआईसी तिराहा तक चौड़ीकरण कार्य राज्य योजना के बजट से एक साल पहले स्वीकृत हो चुका है लेकिन इस पर अभी काम शुरू नहीं हुआ है। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता ओपी वर्मा के अनुसार एनएचएआई ने पलिया-शाहजहांपुर के बीच मार्ग का दो वर्ष तक अनुरक्षण कराने का ठेका दिल्ली की एक कंपनी मेसर्स श्री इंटरप्राइजेज को 5.38 करोड़ रुपये में दिया गया है लेकिन ठेका लेने के बाद कंपनी के अधिकारी खामोश बैठे हैं।
नोएडा की जिस कंपनी को रोड की मरम्मत का ठेका दिया गया, वह अभी तक अन्य प्रोजेक्ट में उलझी रही। कंपनी के अधिकारियों और ठेकेदार से बात हो चुकी है। उनके कुछ कर्मचारी भी यहां पहुंच चुके हैं और अब निर्माण सामग्री समेत मशीनें पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। मरम्मत कार्य बहुत जल्द शुरू होगा।
- रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन