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बारिश और ओलावृष्टि... खेतों में गिरीं फसलें
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शाहजहांपुर के जैतीपुर क्षेत्र में बृहस्पतिवार को ओले गिरने और बारिश के दौरान आंधी चलने से खेत मे?
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। मौसम ने आधी रात के बाद से तेवर फिर तीखे कर लिए। तेज हवा चलने के साथ ही आसमान बादलों से पूरी तरह घिर गया। सुबह शहर और आसपास मामूली बूंदाबांदी हुई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह ओले गिरने के साथ बारिश होने से हवा बर्फीली हो गई। दिन में दस बजे तक शाम जैसा नजारा बना रहा और इस दौरान 25 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली तो ठिठुरन बढ़ गई। तीन बजे के बाद फिर से आसमान काली घटाओं से घिर गया और बारिश के साथ ओले गिरने लगे। इसके साथ ही अंधड़ जैसी हवा चली तो गेहूं, सरसों, मसूर आदि फसलें खेतों में गिर गईं। मौसम विशेषज्ञ केे अनुसार शुक्रवार को भी सुबह से बादल छाए रहेंगे और कोहरा के साथ सर्दी बढ़ेगी।
रात में न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री बढ़कर 9.5 डिग्री सेल्सियस हो गया, लेकिन सुबह लोग बिस्तर छोड़कर घरों से बाहर आए तो उन्हें मौसम का बिगड़ैल रूप देखने को मिला। कुछ ही देर में बूंदाबांदी होने लगी तो हवा भी नम होकर सर्दी बढ़ाने लगी। दोपहर 12 बजे हल्की धूप निकलने पर ऐसा लगा कि अब मौसम सामान्य हो जाएगा। धूप से थोड़ी गर्मी आई, लेकिन अधिकतम तापमान सिर्फ 0.7 डिग्री घटकर 18 डिग्री सेल्सियस हुआ, लेकिन हवा की रफ्तार में कमी नहीं आई।
अपरान्ह करीब तीन बजे से बादल फिर से घने हुए तो सूर्यास्त के बाद जैसा माहौल बन गया। कुछ देर बाद ही आंधी जैसी हवा चलनी शुरू हुई और इसी के साथ बारिश होने लगी। करीब एक घंटे के दौरान 19 मिमी पानी बरस जाने से नालियां उफनाईं तो शहर में सड़कों पर जगह-जगह जलभराव हो गया। उधर, पुवायां, खुटार, सिंधौली, जैतीपुर, मदनापुर, कांट आदि क्षेत्रों में ओले गिरने और तेज हवा चलने से फसलों को भारी क्षति होने का अनुमान है।
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जैतीपुर में खेतों मेें बिछ गई सरसों की फूली फसल
जैतीपुर। तेज हवा के साथ ओलों की बरसात हुई तो सरसों की फूली हुई फसल खेतों में बिछ गई। जिन खेतों में सरसों नहीं गिरी, वहां पौधों के फूल झड़ जाने से किसानों को उत्पादन में कमी की आशंका सताने लगी है। किसानों ने बताया कि इस समय गेहूं की फसल में कीटनाशक व खाद डालने का काम चल रहा है। बारिश के कारण समय से गेहूं की फसल में दवा का छिड़काव व खाद नहीं दी गई तो फसल कमजोर होकर कीट-रोगों की चपेट में आ जाएगी। गांव बझेड़ा भगवानपुर, खेड़ा रठ, बंडिया खुर्द, बिहारीपुर, पलिहुरा, बमिहाना, भूड़िया, बिनौरा, सुरजूपुर, भिटारा, हिम्मतपुर, गोगेपुर, गोहावर, कुनियां बिहारीपुर, मरुआ झाला आदि गांवों में ओले और बारिश से सरसों आलू मसूर की फसल नुकसान हुआ है।
आंधी-पानी से शहर समेत कई इलाकों में बत्ती गुल
बारिश के साथ चले तेज अंधड़ों ने हाईटेंशन बिजली लाइनों को झिंझोड़ दिया। कई जगह तार टूट गए और लाइन फाल्ट से शहर के ककरा उपकेंद्र से जुड़े इलाकों समेत रोजा क्षेत्र में घंटों बत्ती गुल रही। सुभाषनगर तिराहे के पास खेतों में पैना से ककरा उपकेंद्र जाने वाली 33 केवी इनकमिंग लाइन के तार टूटकर जमीन पर आ गिरे। उपकेंद्र से जुड़े ककरा कलां, ककरा खुर्द, आनंदपुरम, आजादपुरम, विवेक विहार, विश्वकर्मा चौक, लोहारों का चौराहा, अलीजई (आंशिक), हद्दफ, मामुड़ी, सुभाषनगर, बीबीजई हद्दफ, ईदगाह तिराहा मोहल्लों की बत्ती गुल हो गई।
क्षेत्रीय अवर अभियंता मनीष प्रजापति ने एक घंटे बाद इन इलाकों को अब्दुल्लागंज उपकेंद्र की दूसरी लाइन से बिजली आपूर्ति शुरू कराने के साथ फाल्ट ठीक करा दिया। उधर, रोजा उपकेंद्र से निकली कई लाइनों के तार टूट गए। उपखंड अभियंता पुष्पेंद्र कुमार के अनुसार मिश्रीपुर फीडर की लाइन एक घंटे में ठीक कर चालू करा दी गई, लेकिन रेलवे कालोनी, चर्च कालोनी और आदर्शनगर कालोनी में शाम छह बजे के बाद तक बिजली नहीं आई।
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रात में न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री बढ़कर 9.5 डिग्री सेल्सियस हो गया, लेकिन सुबह लोग बिस्तर छोड़कर घरों से बाहर आए तो उन्हें मौसम का बिगड़ैल रूप देखने को मिला। कुछ ही देर में बूंदाबांदी होने लगी तो हवा भी नम होकर सर्दी बढ़ाने लगी। दोपहर 12 बजे हल्की धूप निकलने पर ऐसा लगा कि अब मौसम सामान्य हो जाएगा। धूप से थोड़ी गर्मी आई, लेकिन अधिकतम तापमान सिर्फ 0.7 डिग्री घटकर 18 डिग्री सेल्सियस हुआ, लेकिन हवा की रफ्तार में कमी नहीं आई।
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अपरान्ह करीब तीन बजे से बादल फिर से घने हुए तो सूर्यास्त के बाद जैसा माहौल बन गया। कुछ देर बाद ही आंधी जैसी हवा चलनी शुरू हुई और इसी के साथ बारिश होने लगी। करीब एक घंटे के दौरान 19 मिमी पानी बरस जाने से नालियां उफनाईं तो शहर में सड़कों पर जगह-जगह जलभराव हो गया। उधर, पुवायां, खुटार, सिंधौली, जैतीपुर, मदनापुर, कांट आदि क्षेत्रों में ओले गिरने और तेज हवा चलने से फसलों को भारी क्षति होने का अनुमान है।
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जैतीपुर में खेतों मेें बिछ गई सरसों की फूली फसल
जैतीपुर। तेज हवा के साथ ओलों की बरसात हुई तो सरसों की फूली हुई फसल खेतों में बिछ गई। जिन खेतों में सरसों नहीं गिरी, वहां पौधों के फूल झड़ जाने से किसानों को उत्पादन में कमी की आशंका सताने लगी है। किसानों ने बताया कि इस समय गेहूं की फसल में कीटनाशक व खाद डालने का काम चल रहा है। बारिश के कारण समय से गेहूं की फसल में दवा का छिड़काव व खाद नहीं दी गई तो फसल कमजोर होकर कीट-रोगों की चपेट में आ जाएगी। गांव बझेड़ा भगवानपुर, खेड़ा रठ, बंडिया खुर्द, बिहारीपुर, पलिहुरा, बमिहाना, भूड़िया, बिनौरा, सुरजूपुर, भिटारा, हिम्मतपुर, गोगेपुर, गोहावर, कुनियां बिहारीपुर, मरुआ झाला आदि गांवों में ओले और बारिश से सरसों आलू मसूर की फसल नुकसान हुआ है।
आंधी-पानी से शहर समेत कई इलाकों में बत्ती गुल
बारिश के साथ चले तेज अंधड़ों ने हाईटेंशन बिजली लाइनों को झिंझोड़ दिया। कई जगह तार टूट गए और लाइन फाल्ट से शहर के ककरा उपकेंद्र से जुड़े इलाकों समेत रोजा क्षेत्र में घंटों बत्ती गुल रही। सुभाषनगर तिराहे के पास खेतों में पैना से ककरा उपकेंद्र जाने वाली 33 केवी इनकमिंग लाइन के तार टूटकर जमीन पर आ गिरे। उपकेंद्र से जुड़े ककरा कलां, ककरा खुर्द, आनंदपुरम, आजादपुरम, विवेक विहार, विश्वकर्मा चौक, लोहारों का चौराहा, अलीजई (आंशिक), हद्दफ, मामुड़ी, सुभाषनगर, बीबीजई हद्दफ, ईदगाह तिराहा मोहल्लों की बत्ती गुल हो गई।
क्षेत्रीय अवर अभियंता मनीष प्रजापति ने एक घंटे बाद इन इलाकों को अब्दुल्लागंज उपकेंद्र की दूसरी लाइन से बिजली आपूर्ति शुरू कराने के साथ फाल्ट ठीक करा दिया। उधर, रोजा उपकेंद्र से निकली कई लाइनों के तार टूट गए। उपखंड अभियंता पुष्पेंद्र कुमार के अनुसार मिश्रीपुर फीडर की लाइन एक घंटे में ठीक कर चालू करा दी गई, लेकिन रेलवे कालोनी, चर्च कालोनी और आदर्शनगर कालोनी में शाम छह बजे के बाद तक बिजली नहीं आई।