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आपरेशन के दौरान पेट में कपड़ा छूटने का मामला : बयान दर्ज, डीएम का कार्रवाई का आश्वासन
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शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में गर्भवती महिला के ऑपरेशन के दौरान पेट में कपड़ा छूटने के मामले में बृहस्पतिवार को महिला का पति डीएम से मिला। उसको जांच रिपोर्ट जल्द आने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। वहीं राजकीय मेडिकल कॉलेज की जांच कमेटी ने भी उसके बयान दर्ज कर लिए हैं। दो दिन बाद जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जानी है।
तिलहर के रमापुर उत्तरी निवासी नीलम को छह माह पहले राजकीय मेडिकल कॉलेज में पति मनोज कुमार ने भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के दौरान उसके पेट में कपड़ा छूट गया था। इससे आंत में संक्रमण फैल गया था। उसके बाद लखनऊ के केजीएमयू में दस दिन इलाज कराने के बाद उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में डीएम के आदेश के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज ने चार सदस्यीय टीम बनाई गई। बृहस्पतिवार को पति मनोज कुमार ने डीएम इंद्र विक्रम सिंह से मुलाकात की। उनको छह माह के दौरान इलाज निजी अस्पतालों में हुए इलाज के कागजात डीएम को सौंपे।
डीएम ने मनोज से कहा कि दो दिन में रिपोर्ट आ जाएगी। उसके साथ न्याय जरूर होगा। डीएम के आश्वासन से मनोज संतुष्ट दिखे। मनोज ने बताया कि राजकीय मेडिकल कॉलेज द्वारा जांच की जा रही है। उसके बाद वह वहां जाकर जांच कमेटी के सदस्यों से मिला। जहां उन्होंने आपरेशन के दौरान क्या-क्या हुआ, इसके बारे में पूछा। मनोज ने अपने दर्ज कराए बयान में बताया कि ऑपरेशन के नाम पर उससे रुपये मांगे गए थे। रुपये देने के बाद भी ऑपरेशन के दौरान पेट में कपड़ा छूट गया था। इसके बाद से छह माह तक अलग-अलग निजी अस्पतालों में इलाज कराया था। हालत में सुधार न होने पर और आंत का आपरेशन कराने के लिए लखनऊ के केजीएमयू में पत्नी नीलम देवी को भर्ती कराना पड़ा था। जहां पत्नी की मौत हो गई थी। हालांकि जांच कमेटी ने भी मनोज को निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन दिया है।
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अब तक आरोपी डॉक्टर के बयान दर्ज नहीं
छह माह पहले नीलम देवी के ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर के साथ नर्स, वार्ड ब्वाय से लेकर जूनियर डॉक्टर भी मौजूद थे। जांच कमेटी ने बुधवार को ऑपरेशन के दौरान मौजूद रहने वाले स्टाफ के भी बयान दर्ज किए हैं। हालांकि अब तक आरोपी डॉक्टर के बयान जांच कमेटी नहीं दर्ज कर पाई है। जबकि दो दिन बाद जांच कमेटी को रिपोर्ट डीएम को देनी है।
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जांच कमेटी बना दी गई है। कमेटी अपना काम कर रही है। जांच पूरी होते ही रिपोर्ट डीएम को भेज दी जाएगी।
-डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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तिलहर के रमापुर उत्तरी निवासी नीलम को छह माह पहले राजकीय मेडिकल कॉलेज में पति मनोज कुमार ने भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के दौरान उसके पेट में कपड़ा छूट गया था। इससे आंत में संक्रमण फैल गया था। उसके बाद लखनऊ के केजीएमयू में दस दिन इलाज कराने के बाद उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में डीएम के आदेश के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज ने चार सदस्यीय टीम बनाई गई। बृहस्पतिवार को पति मनोज कुमार ने डीएम इंद्र विक्रम सिंह से मुलाकात की। उनको छह माह के दौरान इलाज निजी अस्पतालों में हुए इलाज के कागजात डीएम को सौंपे।
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डीएम ने मनोज से कहा कि दो दिन में रिपोर्ट आ जाएगी। उसके साथ न्याय जरूर होगा। डीएम के आश्वासन से मनोज संतुष्ट दिखे। मनोज ने बताया कि राजकीय मेडिकल कॉलेज द्वारा जांच की जा रही है। उसके बाद वह वहां जाकर जांच कमेटी के सदस्यों से मिला। जहां उन्होंने आपरेशन के दौरान क्या-क्या हुआ, इसके बारे में पूछा। मनोज ने अपने दर्ज कराए बयान में बताया कि ऑपरेशन के नाम पर उससे रुपये मांगे गए थे। रुपये देने के बाद भी ऑपरेशन के दौरान पेट में कपड़ा छूट गया था। इसके बाद से छह माह तक अलग-अलग निजी अस्पतालों में इलाज कराया था। हालत में सुधार न होने पर और आंत का आपरेशन कराने के लिए लखनऊ के केजीएमयू में पत्नी नीलम देवी को भर्ती कराना पड़ा था। जहां पत्नी की मौत हो गई थी। हालांकि जांच कमेटी ने भी मनोज को निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन दिया है।
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अब तक आरोपी डॉक्टर के बयान दर्ज नहीं
छह माह पहले नीलम देवी के ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर के साथ नर्स, वार्ड ब्वाय से लेकर जूनियर डॉक्टर भी मौजूद थे। जांच कमेटी ने बुधवार को ऑपरेशन के दौरान मौजूद रहने वाले स्टाफ के भी बयान दर्ज किए हैं। हालांकि अब तक आरोपी डॉक्टर के बयान जांच कमेटी नहीं दर्ज कर पाई है। जबकि दो दिन बाद जांच कमेटी को रिपोर्ट डीएम को देनी है।
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जांच कमेटी बना दी गई है। कमेटी अपना काम कर रही है। जांच पूरी होते ही रिपोर्ट डीएम को भेज दी जाएगी।
-डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज