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खराब रिफाइंड से हुई थी ग्रामीणों को फूड प्वाजनिंग !
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पुवायां। चाट खाने से पुवायां इलाके दिलीपपुर में 55 लोग बीमार हुए थे। डॉक्टरों का कहना है कि बीमार हुए लोगों को फुड प्वाइजन हुआ था। खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग अफसरों का मानना है कि चाट जिस रिफाइंड से बनाई गई वो खराब हो सकता है। इस मामले की जांच कर रहे खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को चाट विक्रेता समेत कई लोगों से पूछताछ की। उधर, चाट खाने से बीमार हुए छह लोग अभी जिला अस्पताल में भर्ती हैं। बाकी लोगों की हालत में काफी ठीक है।
पुवायां के खाद्य सुरक्षा निरीक्षक जयपाल सिंह ने बताया कि चार विक्रेता रवि के यहां से आलू, मटर, अरारोट, रिफाइंड तेल और किराना व्यापारी के यहां से रिफाइंड तेल का सैंपल लिया गया है। इसके अलावा रामपुर कलां के एक होटल से रिफाइंड का सैंपल लिया गया है। खाद्य सुरक्षा निरीक्षक ने बताया कि चाट विक्रेता के यहां जो रिफाइंड मिला उसका रंग बदला हुआ था। उसका सैंपल लेकर जांच को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि चाट विक्रेता का बेटा एक बाग से आम बीनकर लाया था। उसी की चटनी बनाकर चाट में मिलाई गई थी। इस बात की जांच भी की जा रही है कि जिस बाग से आम बीनकर लाए गए थे उसमें कीटनाशक का छिड़काव तो नहीं किया गया था। दरअसल, रवि ने चाट बनाने का सामान रामपुर कलां के एक दुकानदार से खरीदा था। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने बृहस्पतिवार को दुकानदार से पूछताछ की थी। अनुमान है कि लॉकडाउन में दुकान बंद रहने से रिफाइंड एक्सपायर्ड हो गया होगा, जिससे लापरवाही में बेच दिया गया। हालांकि हकीकत जांच के बाद स्पष्ट हो पाएगी।
दिलीपपुर गांव की आशा वर्कर रामबेटी का बेटा रवि चाट बेचता है। दो और तीन मई को रवि ने गांव में घूमकर चाट बेची थी, जिसे खाने से 55 लोग बीमार हो गए थे। बची हुई चाट रवि ने खुद खाई और अपने परिवार को भी खिलाई थी। इससे बीमार होने वालों में रवि और उसका परिवार भी शामिल था। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी चार मई को हो सकी। बीमार हुए दस लोगों को खुटार पीएचसी ले जाया गया था। वहां से सात लोगों को जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया। बाकी मरीजों का इलाज झोलाछाप ने किया था। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर रोगियों की जांच की। 15 लोगों को मामूली दिक्कत महसूस होने पर दवाएं दी गई हैं। डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि अब सभी लोग ठीक हैं। केवल छह लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती रखा गया है।
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झोलाछाप ने खूब की वसूली, अब हुई शिकायत
पुवायां। दिलीपपुर गांव में चाट खाने से लोगों के बीमार होने का पता चलने पर आसपास गांवों के चार झोलाछाप घर-घर जाकर इलाज करने लगे। मरीजों की संख्या बढ़ने पर एक-एक चारपाई पर चार-चार मरीजों को लिटाकर ग्लूकोज चढ़ाया गया। झोलाछाप ने इलाज के नाम पर मरीजों के घरवालों से खूब वसूली की। शुक्रवार को गांव के लोगों ने पीएचसी प्रभारी से झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
झोलाछाप की शिकायत मिली है। जांच कराई जाएगी। अधिकारियों को सूचना देकर कार्रवाई भी कराई जाएगी। - डॉ. संजीव कुमार, पीएचसी प्रभारी खुटार
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पुवायां के खाद्य सुरक्षा निरीक्षक जयपाल सिंह ने बताया कि चार विक्रेता रवि के यहां से आलू, मटर, अरारोट, रिफाइंड तेल और किराना व्यापारी के यहां से रिफाइंड तेल का सैंपल लिया गया है। इसके अलावा रामपुर कलां के एक होटल से रिफाइंड का सैंपल लिया गया है। खाद्य सुरक्षा निरीक्षक ने बताया कि चाट विक्रेता के यहां जो रिफाइंड मिला उसका रंग बदला हुआ था। उसका सैंपल लेकर जांच को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि चाट विक्रेता का बेटा एक बाग से आम बीनकर लाया था। उसी की चटनी बनाकर चाट में मिलाई गई थी। इस बात की जांच भी की जा रही है कि जिस बाग से आम बीनकर लाए गए थे उसमें कीटनाशक का छिड़काव तो नहीं किया गया था। दरअसल, रवि ने चाट बनाने का सामान रामपुर कलां के एक दुकानदार से खरीदा था। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने बृहस्पतिवार को दुकानदार से पूछताछ की थी। अनुमान है कि लॉकडाउन में दुकान बंद रहने से रिफाइंड एक्सपायर्ड हो गया होगा, जिससे लापरवाही में बेच दिया गया। हालांकि हकीकत जांच के बाद स्पष्ट हो पाएगी।
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दिलीपपुर गांव की आशा वर्कर रामबेटी का बेटा रवि चाट बेचता है। दो और तीन मई को रवि ने गांव में घूमकर चाट बेची थी, जिसे खाने से 55 लोग बीमार हो गए थे। बची हुई चाट रवि ने खुद खाई और अपने परिवार को भी खिलाई थी। इससे बीमार होने वालों में रवि और उसका परिवार भी शामिल था। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी चार मई को हो सकी। बीमार हुए दस लोगों को खुटार पीएचसी ले जाया गया था। वहां से सात लोगों को जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया। बाकी मरीजों का इलाज झोलाछाप ने किया था। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर रोगियों की जांच की। 15 लोगों को मामूली दिक्कत महसूस होने पर दवाएं दी गई हैं। डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि अब सभी लोग ठीक हैं। केवल छह लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती रखा गया है।
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झोलाछाप ने खूब की वसूली, अब हुई शिकायत
पुवायां। दिलीपपुर गांव में चाट खाने से लोगों के बीमार होने का पता चलने पर आसपास गांवों के चार झोलाछाप घर-घर जाकर इलाज करने लगे। मरीजों की संख्या बढ़ने पर एक-एक चारपाई पर चार-चार मरीजों को लिटाकर ग्लूकोज चढ़ाया गया। झोलाछाप ने इलाज के नाम पर मरीजों के घरवालों से खूब वसूली की। शुक्रवार को गांव के लोगों ने पीएचसी प्रभारी से झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
झोलाछाप की शिकायत मिली है। जांच कराई जाएगी। अधिकारियों को सूचना देकर कार्रवाई भी कराई जाएगी। - डॉ. संजीव कुमार, पीएचसी प्रभारी खुटार