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Shahjahanpur News: सांप को पकड़कर गले में डाला, फोटो भी खिंचवाए... डंसने से चली गई जान
Mon, 17 Mar 2025 12:46 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 17 Mar 2025 12:46 AM IST
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बंडा के मोहल्ला ताजपुर में सांप से खिलवाड़ करता मुकेश। स्रोत: जागरुक पाठक
बंडा। कच्चे घर में निकले सांप को पकड़कर गले में डालने के बाद उससे खिलवाड़ करना मोहल्ला ताजपुर के 25 वर्षीय मुकेश के लिए जानलेवा साबित हुआ। सर्पदंश से अचेत होने पर परिजन इलाज कराने के बजाय उसकी झाड़-फूंक कराने लगे। इस दौरान उसने दम तोड़ दिया।
रामसागर के मकान में रविवार को पूर्वाह्न 11 बजे सांप निकल आया, जिसे उनके पुत्र मुकेश ने पकड़ लिया। इस के बाद वह सांप को अपने गले में डालकर गांव के बच्चों और किशोरों को दिखाने लगा। आसपास में घूमकर फोटो भी खिंचवाए। इसी दौरान सांप ने उसे डस लिया।
कुछ मिनट बाद ही मुकेश की हालत बिगड़ने लगी। परिजन उसे सीएचसी लेकर जाने के बजाय देसी उपचार और झाड़फूंक करने वाले के झाले पर लेकर गए, जहां सर्पदंश वाले स्थान पर जड़ी-बूटी का लेप लगाकर उन्हें लौटा दिया गया। घर में कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो परिजन सीएचसी लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर ने परीक्षण कर उसे मृत घोषित कर दिया। शाम छह बजे तक मुकेश के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया था। रामसागर ने बताया कि बेटे के शरीर में अभी जान है। उसने झाड़फूंक करने वाले को बुलाया है। उसका इंतजार किया जा रहा था।
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सर्पदंश पर झाड़-फूंक से बचें-
-जिस अंग पर सांप डसे, उसे चलाएं या फिराएं नहीं, स्थिर कर दें।
-वहां पर चीरा नहीं लगाएं, पुराने जमाने के नुस्खे नुकसानदायक हो सकते हैं।
-20 प्रतिशत सांप जहरीले होते हैं। इसमें कोबरा, क्रत और पिटवाइपर सांप शामिल हैं।
-80 प्रतिशत सांप जहरीले न होने के कारण झाड़-फूंक करने वाले फायदा उठाते हैं।
-सांप के काटने पर झाड़-फूंक के चक्कर में बिल्कुल भी नहीं पड़ें, तुरंत ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर इलाज कराएं।
-घबराएं नहीं। इससे दिल का दौरा पड़ने की संभावना रहती है।
डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य- राजकीय मेडिकल कॉलेज
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रामसागर के मकान में रविवार को पूर्वाह्न 11 बजे सांप निकल आया, जिसे उनके पुत्र मुकेश ने पकड़ लिया। इस के बाद वह सांप को अपने गले में डालकर गांव के बच्चों और किशोरों को दिखाने लगा। आसपास में घूमकर फोटो भी खिंचवाए। इसी दौरान सांप ने उसे डस लिया।
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कुछ मिनट बाद ही मुकेश की हालत बिगड़ने लगी। परिजन उसे सीएचसी लेकर जाने के बजाय देसी उपचार और झाड़फूंक करने वाले के झाले पर लेकर गए, जहां सर्पदंश वाले स्थान पर जड़ी-बूटी का लेप लगाकर उन्हें लौटा दिया गया। घर में कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो परिजन सीएचसी लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर ने परीक्षण कर उसे मृत घोषित कर दिया। शाम छह बजे तक मुकेश के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया था। रामसागर ने बताया कि बेटे के शरीर में अभी जान है। उसने झाड़फूंक करने वाले को बुलाया है। उसका इंतजार किया जा रहा था।
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सर्पदंश पर झाड़-फूंक से बचें-
-जिस अंग पर सांप डसे, उसे चलाएं या फिराएं नहीं, स्थिर कर दें।
-वहां पर चीरा नहीं लगाएं, पुराने जमाने के नुस्खे नुकसानदायक हो सकते हैं।
-20 प्रतिशत सांप जहरीले होते हैं। इसमें कोबरा, क्रत और पिटवाइपर सांप शामिल हैं।
-80 प्रतिशत सांप जहरीले न होने के कारण झाड़-फूंक करने वाले फायदा उठाते हैं।
-सांप के काटने पर झाड़-फूंक के चक्कर में बिल्कुल भी नहीं पड़ें, तुरंत ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर इलाज कराएं।
-घबराएं नहीं। इससे दिल का दौरा पड़ने की संभावना रहती है।
डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य- राजकीय मेडिकल कॉलेज

बंडा के मोहल्ला ताजपुर में सांप से खिलवाड़ करता मुकेश। स्रोत: जागरुक पाठक