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Shahjahanpur News: हिरण्याक्ष का वध करने के लिए हरि विष्णु ने लिया वराह अवतार
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खुटार के गांव दिलीपपुर में भुइयार बाबा स्थान पर कथा सुनाते कथा व्यास अनिल दीक्षित। संवाद
गांव दिलीपपुर में भुइयार बाबा स्थान पर चल रही है श्रीमद्भागवत कथा
संवाद न्यूज एजेंसी
खुटार। गांव दिलीपपुर में भुइयार बाबा स्थान पर बुधवार से चल रही श्रीमद्भागवत कथा में हरदोई के शाहाबाद से आए कथा व्यास अनिल दीक्षित ने भगवान विष्णु के वराह अवतार की कथा सुनाई।
कथा व्यास अनिल दीक्षित ने कहा कि धरती पर जब-जब राक्षसों का अत्याचार बढ़ा, भगवान ने अलग-अलग रूपों में अवतार लेकर वध किया। उन्होंने बताया कि हिरण्याक्ष का वध करने के लिए भगवान विष्णु ने वराह अवतार लिया। उन्होंने बताया कि हिरण्याक्ष पृथ्वी को पाताल में ले गया। देवताओं के अंदर आने पर रोक लगा दी।
हिरण्याक्ष को ऋषि-मुनियों का श्राप था कि तीन जन्म तक निशाचर बनना पड़ेगा। इस प्रकार भगवान ने तीसरे जन्म में हिरण्याक्ष का वराह अवतार लेकर वध किया। कथा व्यास ने बताया कि 26 सितंबर तक कथा का आयोजन होगा और 27 सितंबर को कन्या भोज, भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
खुटार। गांव दिलीपपुर में भुइयार बाबा स्थान पर बुधवार से चल रही श्रीमद्भागवत कथा में हरदोई के शाहाबाद से आए कथा व्यास अनिल दीक्षित ने भगवान विष्णु के वराह अवतार की कथा सुनाई।
कथा व्यास अनिल दीक्षित ने कहा कि धरती पर जब-जब राक्षसों का अत्याचार बढ़ा, भगवान ने अलग-अलग रूपों में अवतार लेकर वध किया। उन्होंने बताया कि हिरण्याक्ष का वध करने के लिए भगवान विष्णु ने वराह अवतार लिया। उन्होंने बताया कि हिरण्याक्ष पृथ्वी को पाताल में ले गया। देवताओं के अंदर आने पर रोक लगा दी।
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हिरण्याक्ष को ऋषि-मुनियों का श्राप था कि तीन जन्म तक निशाचर बनना पड़ेगा। इस प्रकार भगवान ने तीसरे जन्म में हिरण्याक्ष का वराह अवतार लेकर वध किया। कथा व्यास ने बताया कि 26 सितंबर तक कथा का आयोजन होगा और 27 सितंबर को कन्या भोज, भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
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