फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   hamid got galib prize

भाषा के चौकीदार को गालिब पुरस्कार

Tue, 19 Jan 2016 08:26 PM IST
अमर उजाला, शाहजहांपुर
अमर उजाला, शाहजहांपुर Updated Tue, 19 Jan 2016 08:26 PM IST
विज्ञापन
hamid got galib prize
शहर के मोहल्ला दिलाजाक में वह पत्नी शबनम बानों और दो बेटों मो. सैफ और सुहेल के साथ रहते हैं। उनकी अब तक चार पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी हैं। इसमें उर्दू गजलों का संग्रह लमसे शबनम और लरजते साए तथा हिंदी गजल संग्रह धड़कन और ठंडी हवा के झोके शामिल हैं। मिर्जा गालिब पुरस्कार के बावत खिजर बोले कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि उनकी मेहनत का सिला ऊपर वाला इस रूप में देगा। परिवार ही नहीं, मित्र और विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी बहुत खुश हैं। खिजर ने मुफलिसी को इस तरह शब्दों में बांधने का काम किया कि मुफलिसी ने मेरे हालात बिगाड़े कैसे, देखिए अबके गुजरते हैं ये जाड़े कैसे। सच है चौखट से नहीं होती है हिफाजत घर की, तंग हाली है लगाओगे किबाड़े कैसे।
विज्ञापन

इसी तरह मौजूदा हालात पर उन्होंने लिखा कि सुकून-ए-दिल की बातें अब फकत ख्वाबों की बातें हैं, घरों में आ गए हों बम तो कैसे नींद आएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed