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वाहनों के दबाव से हैदलपुर में पैंटून पुल क्षतिग्रस्त, रामगंगा में वाहन गिरने की आशंका

Sat, 30 Apr 2022 02:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 30 Apr 2022 02:00 AM IST
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Haidalpur Pantoon Bridge is dying due to the pressure of vehicles
परोर क्षेत्र के ग्राम हैदरपुर के पास बना जर्जर पुल स निकलते लोग । - फोटो : SHAHJAHANPUR
परौर। क्षेत्र के हैदलपुर गांव के पास आसपास के करीब दो दर्जन गांवों में रहने वाले हजारों बाशिंदों के लिए रामगंगा पर बनाया गया पैंटून पुल देखरेख के अभाव में जीर्ण-शीर्ण हो गया है। वाहनों के दबाव से पुल पर डाले गए लकड़ी के पटले कई जगह टूटकर नदी में गिर चुके हैं। पुल पर कई जगह दो पटलों के बीच एक फुट से ज्यादा खाली जगह हो जाने से अब उस पर पैदल चलना भी खतरनाक हो गया है। इसके बावजूद क्षतिग्रस्त पुल से वाहन निकलने से उनके नदी में गिरने का खतरा बढ़ गया है। यही नहीं, पुल के दोनों ओर खड़ंजा नहीं डाले जाने से कच्चे रास्ते पर बने गड्ढों में अक्सर वाहन फंस रहे हैं और हर समय धूल उड़ने से वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है।
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करीब एक दशक पहले क्षेत्रीय जनता की तहसील और जिला मुख्यालय तक आवागमन की आवश्यकता को भांपकर लोक निर्माण विभाग ने रामगंगा के हैदलपुर घाट पर पैंटून पुल बनवाया था। नियमानुसार पैंटून पुल का हर वर्ष अनुरक्षण कराया जाना चाहिए। इसके बावजूद लोनिवि ने हर बार मानसून सीजन में हटाए जाने वाले पैंटून पुल को पुराने पीपों और मौसम की मार से गलकर जर्जर हो चुके पटले लगाकर दोबारा आवागमन के लिए खोल दिया। इसीलिए पुल के पटले लगातार टूट रहे हैं। इसके बावजूद पुराने पटलों पर वाहनों का बोझ लगातार पड़ने से कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
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इस पुल से भारी संख्या में लोगों का आवागमन होने के कारण पुल को दोनों ओर जोड़ने वाला कच्चा रास्ता इतना खराब हो गया है कि वाहन चलना तो दूर रहा, पैदल निकलना भी मुश्किल होने लगा है। गांव मगटोरा से लेकर हैदलपुर घाट तक वाहन रेंगते हुए पहुंचते हैं। पुल पार करने के बाद दूसरी ओर का कच्चा रास्ता भी तय करना कठिन हो रहा है। इसलिए दिन भर में चार-पांच वाहन गड्ढों में फंसना आम बात हो गई है। यहां फंसे हुए वाहन बाद में ट्रैक्टर से खींचकर निकालने पड़ते हैं। क्षेत्र के राजीव सिंह, सुरेंद्र यादव, सुखेंद्र यादव, हरपाल कश्यप, अवधेश कश्यप, कमलेश कुमार, मदन पाल सिंह आदि ने पैंटून पुल जल्द सही कराने की मांग की है।
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