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Shahjahanpur News: आधी-अधूरी तैयारियों के साथ शुरू हुई सरकारी धान खरीद
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पुवायां मंडी में आरएफसी सेंटर पर धान की नमी चेक कराते एडीएम प्रशासन। संवाद
- फोटो : Archive
शाहजहांपुर। जिले में सोमवार से सरकारी धान खरीद शुरू होने के दावे पहले ही दिन कागजों तक सिमटे नजर आए। पुवायां, रोजा, तिलहर, कलान और जलालाबाद में कई क्रय केंद्र या तो शुरू नहीं हो सके या तैयारियों के अभाव में खरीद नहीं हुई। इसके अलावा धान में नमी अधिक होने से भी दिक्कत आई।
कहीं केंद्रों पर किसानों की जगह आढ़तियों का धान पड़ा मिला तो कहीं किसान मजबूरी में निजी व्यापारियों को धान बेचते नजर आए। बारिश और बाढ़ से पहले ही नुकसान झेल चुके किसानों के सामने अब सरकारी खरीद में देरी से उचित मूल्य पाने का संकट खड़ा हो गया है।
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत जिले में सरकारी धान खरीद शुरू हो गई है। विभिन्न क्रय एजेंसियों के माध्यम से ग्रामीण और प्रमुख मंडियों में कुल 188 धान क्रय केंद्र सक्रिय किए गए हैं। शासन ने सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2441 रुपये और ग्रेड-ए धान का मूल्य 2461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
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एडीएम प्रशासन एवं जिला खरीद अधिकारी रजनीश कुमार मिश्रा ने बताया कि क्रय किए गए धान का भुगतान 48 घंटे के अंदर पीएफएमएस के माध्यम से किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। सभी खरीद किसान पहचान पत्र / फार्मर आईडी के माध्यम से होगी।
क्रय केंद्रों पर 17 प्रतिशत तक नमी वाले मानक धान की खरीद की जाएगी। किसानों की सुविधा के लिए प्रत्येक मंडी गेट पर नमी मापक यंत्र की व्यवस्था की गई है। जिन किसानों के पास फार्मर आईडी नहीं है, वे फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर आईडी प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन ने केंद्र प्रभारियों को नमी मानक के अनुसार धान खरीदने, किसानों की सुविधाओं का ध्यान रखने और व्यवस्थाएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
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नहीं हुई पुवायां और बंडा मंडी में खरीद
पुवायां। एडीएम प्रशासन रजनीश कुमार मिश्रा ने सोमवार को मंडी समिति में धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। किसी भी केंद्र पर किसान नहीं मिला, जबकि आढ़तियों का धान पड़ा था। पहले दिन पुवायां और बंडा मंडी में खरीद नहीं हुई। केंद्र प्रभारियों ने नमी अधिक होने की बात कही। जांच में धान में 19 प्रतिशत नमी मिली। एडीएम ने एक-दो दिन धान सुखाने के बाद खरीद शुरू कराने के निर्देश दिए। कुछ केंद्रों पर नमी मापक मशीनें खराब मिलीं, जिन्हें बदलने के निर्देश दिए गए। उन्होंने मंडी गेट पर ही नमी जांचकर ट्राॅलियों को प्रवेश देने और किसानों से फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील की। इस दौरान डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडेय समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। संवाद
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रोजा : 12 केंद्र खुले, पहले दिन खरीद शून्य
रोजा। मंडी समिति परिसर में सोमवार से 12 सरकारी धान क्रय केंद्र शुरू किए गए, लेकिन पहले दिन खरीद नहीं हुई। एडीएम प्रशासन रजनीश कुमार मिश्रा ने सुबह निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पीसीयू केंद्र पर नमी मापक मशीन गंदी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। व्यापारी के धान की जांच में 18 प्रतिशत नमी मिली। उन्होंने मानक के अनुसार 17 प्रतिशत नमी वाला धान खरीदने के निर्देश दिए। केंद्रों के बाहर पड़े आढ़तियों के धान को हटाने के लिए कहा, ताकि किसान अपना धान सुखा सकें। किसानों के बैठने और पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। प्रवेश द्वार पर नमी जांच की व्यवस्था करने और पिछले वर्ष के किसानों से फोन पर संपर्क कर खरीद बढ़ाने के लिए कहा। संवाद
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तिलहर : क्रय केंद्र शुरू न होने से किसान निजी व्यापारियों पर निर्भर
तिलहर। मंडी समिति में सरकारी धान क्रय केंद्र शुरू न होने से किसान निजी व्यापारियों को कम दाम पर धान बेचने के लिए मजबूर हैं। बाढ़ और बारिश से पहले ही नुकसान झेल चुके किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों ने बताया कि सरकारी खरीद शुरू होने पर उन्हें समर्थन मूल्य मिलने की उम्मीद थी, लेकिन देरी से आर्थिक नुकसान हो रहा है। तहसीलदार आदेश कुमार ने मंडी समिति पहुंचकर 12 केंद्रों के संचालन की तैयारियों का निरीक्षण किया। केंद्रों पर बैनर, कांटा, नमी जांच मशीन, चलना और अन्य सामग्री उपलब्ध कराई गई। मंडी सचिव शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सामग्री मिलने के बाद खरीद शुरू कराई जाएगी। किसानों ने जल्द सरकारी तौल शुरू कराने की मांग की। संवाद
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कलान : केंद्र न खुलने से सस्ते दाम पर धान बेचने की मजबूरी
कलान। सरकारी धान खरीद शुरू करने के आदेश के बावजूद सोमवार को क्षेत्र में कोई क्रय केंद्र शुरू नहीं हो सका है। इससे किसानों को अपनी उपज सस्ते दामों पर बेचने की मजबूरी बनी हुई है। जखिया और आंधीदेही साधन सहकारी समिति के खरीद केंद्र प्रभारी सचिव परिमाल सिंह ने बताया कि समिति के केंद्र का जियो टैग और स्थान चयन अभी बाकी है, इसलिए खरीद शुरू नहीं हो सकी है। बाराखुर्द साधन सहकारी संघ के सचिव संतोष मौर्य ने बताया कि स्थान का चयन कर तत्काल खरीद शुरू कराई जाएगी। संवाद
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जलालाबाद : 28 केंद्र स्वीकृत, एक भी शुरू नहीं हुआ
जलालाबाद। मंडी समिति समेत क्षेत्र के लिए स्वीकृत 28 धान क्रय केंद्रों में सोमवार को एक भी केंद्र शुरू नहीं हो सका। बाढ़ के कारण मंडी में धान की आवक कम है, फिर भी कुछ किसान उपज लेकर पहुंचे, लेकिन केंद्र बंद मिलने पर आढ़तों का सहारा लेना पड़ा। मंडी समिति में 17 केंद्र संचालित होने हैं, लेकिन टिन शेड में सन्नाटा पसरा रहा। मंडी सचिव विक्रम वाजपेयी ने बताया कि छह केंद्र प्रभारी कांटा, बांट, डस्टर और चलना समेत सामग्री ले गए हैं। रौली बौरी के किसान मान खान ने बताया कि वह ट्राॅली लेकर आए थे, लेकिन केंद्र बंद मिलने पर धान आढ़त पर रखवा दिया। गुरुगवां के अवनीश ने बताया कि पानी में भीगने से धान की रंगत बदल गई है। संवाद
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कहीं केंद्रों पर किसानों की जगह आढ़तियों का धान पड़ा मिला तो कहीं किसान मजबूरी में निजी व्यापारियों को धान बेचते नजर आए। बारिश और बाढ़ से पहले ही नुकसान झेल चुके किसानों के सामने अब सरकारी खरीद में देरी से उचित मूल्य पाने का संकट खड़ा हो गया है।
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खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत जिले में सरकारी धान खरीद शुरू हो गई है। विभिन्न क्रय एजेंसियों के माध्यम से ग्रामीण और प्रमुख मंडियों में कुल 188 धान क्रय केंद्र सक्रिय किए गए हैं। शासन ने सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2441 रुपये और ग्रेड-ए धान का मूल्य 2461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
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एडीएम प्रशासन एवं जिला खरीद अधिकारी रजनीश कुमार मिश्रा ने बताया कि क्रय किए गए धान का भुगतान 48 घंटे के अंदर पीएफएमएस के माध्यम से किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। सभी खरीद किसान पहचान पत्र / फार्मर आईडी के माध्यम से होगी।
क्रय केंद्रों पर 17 प्रतिशत तक नमी वाले मानक धान की खरीद की जाएगी। किसानों की सुविधा के लिए प्रत्येक मंडी गेट पर नमी मापक यंत्र की व्यवस्था की गई है। जिन किसानों के पास फार्मर आईडी नहीं है, वे फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर आईडी प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन ने केंद्र प्रभारियों को नमी मानक के अनुसार धान खरीदने, किसानों की सुविधाओं का ध्यान रखने और व्यवस्थाएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
नहीं हुई पुवायां और बंडा मंडी में खरीद
पुवायां। एडीएम प्रशासन रजनीश कुमार मिश्रा ने सोमवार को मंडी समिति में धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। किसी भी केंद्र पर किसान नहीं मिला, जबकि आढ़तियों का धान पड़ा था। पहले दिन पुवायां और बंडा मंडी में खरीद नहीं हुई। केंद्र प्रभारियों ने नमी अधिक होने की बात कही। जांच में धान में 19 प्रतिशत नमी मिली। एडीएम ने एक-दो दिन धान सुखाने के बाद खरीद शुरू कराने के निर्देश दिए। कुछ केंद्रों पर नमी मापक मशीनें खराब मिलीं, जिन्हें बदलने के निर्देश दिए गए। उन्होंने मंडी गेट पर ही नमी जांचकर ट्राॅलियों को प्रवेश देने और किसानों से फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील की। इस दौरान डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडेय समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। संवाद
रोजा : 12 केंद्र खुले, पहले दिन खरीद शून्य
रोजा। मंडी समिति परिसर में सोमवार से 12 सरकारी धान क्रय केंद्र शुरू किए गए, लेकिन पहले दिन खरीद नहीं हुई। एडीएम प्रशासन रजनीश कुमार मिश्रा ने सुबह निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पीसीयू केंद्र पर नमी मापक मशीन गंदी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। व्यापारी के धान की जांच में 18 प्रतिशत नमी मिली। उन्होंने मानक के अनुसार 17 प्रतिशत नमी वाला धान खरीदने के निर्देश दिए। केंद्रों के बाहर पड़े आढ़तियों के धान को हटाने के लिए कहा, ताकि किसान अपना धान सुखा सकें। किसानों के बैठने और पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। प्रवेश द्वार पर नमी जांच की व्यवस्था करने और पिछले वर्ष के किसानों से फोन पर संपर्क कर खरीद बढ़ाने के लिए कहा। संवाद
तिलहर : क्रय केंद्र शुरू न होने से किसान निजी व्यापारियों पर निर्भर
तिलहर। मंडी समिति में सरकारी धान क्रय केंद्र शुरू न होने से किसान निजी व्यापारियों को कम दाम पर धान बेचने के लिए मजबूर हैं। बाढ़ और बारिश से पहले ही नुकसान झेल चुके किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों ने बताया कि सरकारी खरीद शुरू होने पर उन्हें समर्थन मूल्य मिलने की उम्मीद थी, लेकिन देरी से आर्थिक नुकसान हो रहा है। तहसीलदार आदेश कुमार ने मंडी समिति पहुंचकर 12 केंद्रों के संचालन की तैयारियों का निरीक्षण किया। केंद्रों पर बैनर, कांटा, नमी जांच मशीन, चलना और अन्य सामग्री उपलब्ध कराई गई। मंडी सचिव शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सामग्री मिलने के बाद खरीद शुरू कराई जाएगी। किसानों ने जल्द सरकारी तौल शुरू कराने की मांग की। संवाद
कलान : केंद्र न खुलने से सस्ते दाम पर धान बेचने की मजबूरी
कलान। सरकारी धान खरीद शुरू करने के आदेश के बावजूद सोमवार को क्षेत्र में कोई क्रय केंद्र शुरू नहीं हो सका है। इससे किसानों को अपनी उपज सस्ते दामों पर बेचने की मजबूरी बनी हुई है। जखिया और आंधीदेही साधन सहकारी समिति के खरीद केंद्र प्रभारी सचिव परिमाल सिंह ने बताया कि समिति के केंद्र का जियो टैग और स्थान चयन अभी बाकी है, इसलिए खरीद शुरू नहीं हो सकी है। बाराखुर्द साधन सहकारी संघ के सचिव संतोष मौर्य ने बताया कि स्थान का चयन कर तत्काल खरीद शुरू कराई जाएगी। संवाद
जलालाबाद : 28 केंद्र स्वीकृत, एक भी शुरू नहीं हुआ
जलालाबाद। मंडी समिति समेत क्षेत्र के लिए स्वीकृत 28 धान क्रय केंद्रों में सोमवार को एक भी केंद्र शुरू नहीं हो सका। बाढ़ के कारण मंडी में धान की आवक कम है, फिर भी कुछ किसान उपज लेकर पहुंचे, लेकिन केंद्र बंद मिलने पर आढ़तों का सहारा लेना पड़ा। मंडी समिति में 17 केंद्र संचालित होने हैं, लेकिन टिन शेड में सन्नाटा पसरा रहा। मंडी सचिव विक्रम वाजपेयी ने बताया कि छह केंद्र प्रभारी कांटा, बांट, डस्टर और चलना समेत सामग्री ले गए हैं। रौली बौरी के किसान मान खान ने बताया कि वह ट्राॅली लेकर आए थे, लेकिन केंद्र बंद मिलने पर धान आढ़त पर रखवा दिया। गुरुगवां के अवनीश ने बताया कि पानी में भीगने से धान की रंगत बदल गई है। संवाद

पुवायां मंडी में आरएफसी सेंटर पर धान की नमी चेक कराते एडीएम प्रशासन। संवाद- फोटो : Archive