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सद्भावना एक्सप्रेस में दंपति से बिछड़े बच्चे
शाहजहांपुर।
Updated Tue, 09 Jun 2015 11:07 PM IST
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पीलीभीत जिले के एक दंपति के दो बच्चे ट्रेन में सफर के दौरान बिछड़ गए। शाहजहांपुर स्टेशन पर उतरने पर इसकी जानकारी होने पर बच्चों के पिता ने उन्हें मुरादाबाद तक ट्रेनों में ढूंढा, लेकिन बच्चे नहीं मिले। मंगलवार देर शाम तक इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई।
पीलीभीत जिले के थाना दिउरिया कलां के गांव देवकलिया के चिरौंजीलाल अपनी पत्नी चमेली देवी, दो बच्चों और तीन अन्य लोगों के साथ अपने गांव जा रहे थे। सोमवार को चिरौंजीलाल मुजफ्फरपुर से शाहजहांपुर के टिकट लेकर सद्भावना एक्सप्रेस में बैठ गए। वह खुद तो जनरल बोगी में बैठे थे, जबकि पत्नी और बच्चों को महिला बोगी में बैठा दिया था। लखनऊ रेलवे स्टेशन पर सात वर्षीय बेटा राहुल और पांच वर्षीय रोहित को पानी पिलाने के लिए चिरौंजी लाल ने ट्रेन से उतारा। बच्चों को पानी पिलाकर उन्हें फिर पत्नी के पास महिला बोगी में भेज दिया। चिरौंजीलाल को लगा कि बच्चे अपनी मां के पास पहुंच गए हैं और मां को लगा पिता उन्हें ले गए हैं। सोमवार रात 10 बजे पति-पत्नी स्टेशन पर उतरे तो बच्चों को न पाकर घबरा गए। उन्होंने मुरादाबाद तक ट्रेनों में बच्चों के बारे में जानकारी की, लेकिन कोई पता नहीं चल सका। इस पर चिरौंजीलाल साथ में आए कुंभकर्ण, शेरबहादुर, रिंकू और सुवनेश के साथ जीआरपी थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराने के लिए पहुंचे, लेकिन वहां रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। वहीं जीआरपी थाना के प्रभारी एसओ अजय शर्मा ने कहा कि गाजियाबाद तक जीआरपी थानों में संपर्क कर लिया गया है। ऐसे बच्चों के मिलने की सूचना नहीं मिली है। कहा कि तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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पीलीभीत जिले के थाना दिउरिया कलां के गांव देवकलिया के चिरौंजीलाल अपनी पत्नी चमेली देवी, दो बच्चों और तीन अन्य लोगों के साथ अपने गांव जा रहे थे। सोमवार को चिरौंजीलाल मुजफ्फरपुर से शाहजहांपुर के टिकट लेकर सद्भावना एक्सप्रेस में बैठ गए। वह खुद तो जनरल बोगी में बैठे थे, जबकि पत्नी और बच्चों को महिला बोगी में बैठा दिया था। लखनऊ रेलवे स्टेशन पर सात वर्षीय बेटा राहुल और पांच वर्षीय रोहित को पानी पिलाने के लिए चिरौंजी लाल ने ट्रेन से उतारा। बच्चों को पानी पिलाकर उन्हें फिर पत्नी के पास महिला बोगी में भेज दिया। चिरौंजीलाल को लगा कि बच्चे अपनी मां के पास पहुंच गए हैं और मां को लगा पिता उन्हें ले गए हैं। सोमवार रात 10 बजे पति-पत्नी स्टेशन पर उतरे तो बच्चों को न पाकर घबरा गए। उन्होंने मुरादाबाद तक ट्रेनों में बच्चों के बारे में जानकारी की, लेकिन कोई पता नहीं चल सका। इस पर चिरौंजीलाल साथ में आए कुंभकर्ण, शेरबहादुर, रिंकू और सुवनेश के साथ जीआरपी थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराने के लिए पहुंचे, लेकिन वहां रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। वहीं जीआरपी थाना के प्रभारी एसओ अजय शर्मा ने कहा कि गाजियाबाद तक जीआरपी थानों में संपर्क कर लिया गया है। ऐसे बच्चों के मिलने की सूचना नहीं मिली है। कहा कि तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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