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गोशालाओं में कहीं सड़ा भूसा तो वो भी नहीं

Sat, 31 Aug 2019 01:55 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 31 Aug 2019 01:55 AM IST
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पुवायां। स्थाई और अस्थाई गोशालाओं में अमर उजाला की मुहिम के बाद कुछ सुधार हुआ है, लेकिन कई गोशालाओं मेें स्थित अब भी खराब है। कहीं गोशाला में चारे के नाम पर गोवंशीय सड़ा भूसा खाने को मजबूर हैं तो कहीं वह भी नहीं मिल रहा है। यही नहीं पशुओं की देखभाल को अस्थाई गोशाला में लगाए गए ग्वालों और चौकीदारों को मजदूरी भी नहीं मिल रही है। जिससे उनके परिवार के लोग बेहद परेशान हैं। कुल मिलाकर अभी स्थित संतोषजनक नहीं कही जा सकती है।
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चांदपुर/खुटार। गांव चांदपुर की अस्थाई गोशाला में 40 गायें पल रही हैं। यहां गोशाला के पास ही गायों के लिए जो भूसा लगा हुआ है वह पूरी तरह से सड़ा हुआ है। गायों की चन्नी (नाद) में नाममात्र का भूसा नहीं था। 40 गायों की देखरेख, भूसा डालने और पानी पिलाने का जिम्मा एकमात्र चौकीदार नफीस पर है। नफीस ने बताया कि जनवरी से अभी तक उसे मात्र ढाई हजार रुपये एक माह पहले एसडीएम दे गए थे। गांव का चेतराम भी गोशाला पर काम करता था, लेकिन उसे चार माह की मजदूरी नहीं मिली तो वह काम छोड़कर चला गया। चेतराम को एक बार प्रधान की आरे से दो हजार रुपये दिए गए थे। नफीस ने कहा कि भूसा सड़ गया है, यह भूसा गायों को नहीं दिया जाता है। प्रधान भूसे की व्यवस्था करते हैं। गोशाला का तिरपाल भी फटने लगा है।
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पुवायां। पुवायां नगर पालिका की ओर से संचालित कान्हा पशु आश्रय में गायों की मौत की खबर अमर उजाला में खबर छपने के बाद एसडीएम और ईओ ने जिम्मेदार लोगों के पेंच कसे थे। अब यहां की व्यवस्थाओं में सुधार हो गया है। रोजाना गायों का इलाज किया जाता है। एक पखवाड़े से गायों के मरने का सिलसिला भी रुक गया है। बृहस्पतिवार को पुवायां पशु अस्पताल से डॉ. विनोद कुमार पहुंचे और बीमार आठ गायों का इलाज किया।
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इंदलपुर में ग्वाले को नहीं मिली मजदूरी, प्रधान ने कहा प्रशासन ने नहीं दिया धेला
बंडा। गांव इंदलपुर गोशाला की देख रेख कर रहे मुकेश ने बताया कि गोशाला में 39 गायें हैं। भूसा प्रधान जी के यहां लगा है, वहीं से लाकर पशुओं को डाला जाता है। गायों के लिए मच्छरदानी का प्रबंध नहीं किया गया है, नदी के किनारे बनी गोशाला में मच्छरों की भरमार है। एक माह पहले बीमारी के चलते दो गायों की मौत हो गई थी, इसके बाद से पशुओं की मौत नहीं हुई है। मुकेश ने बताया कि उसे मजदूरी नहीं मिल रही है, जिस कारण वह बेहद परेशान है। प्रधान संतराम ने बताया प्रशासन से कोई राशि नहीं मिली है, तो वह कहां से इंतजाम करें।
सभी गोशालाओं का भ्रमण चल रहा है। जहां जो समस्या सामने आ रही है, उनका समाधान जल्द कराया जाएगा। जहां पैसा नहीं मिला है वहां जल्द ही भुगतान कराया जाएगा।
सौरभ भट्ट, एसडीएम पुवायां
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