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उगते सूर्य को अर्घ्य देकर मांगी सुख-समृद्धि
शाहजहांपुर
Updated Wed, 18 Nov 2015 11:03 PM IST
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लोधीपुर पुल केेेेेेेे नीचे खन्नौत नदी के तट पर सुबह तड़के का नजारा
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बिल्कुल अलग था। मौका था छठ पूजा का। छठ पूजा की भोर अर्थात बुधवार को सुबह
अंधेरे ही पूर्वांचल समुदाय की व्रती महिलाएं नदी तट पर पहुंचनी शुरू हो
गई थीं। यहां उन्होंने स्नान किया और फिर विधि-विधान से उगते सूर्य को
अर्घ्य देकर उपासना की। सुहागिनों ने सूर्यदेव और छठ मइया से अक्षय सुहाग
और परिवार के लिए सुख-शांति की कामना की। इस दौरान नदी के तट पर खासी रौनक
रही।
छठ पूजा के अंतिम दिन पिछले 36 घंटों से उपवास पर चल रहीं महिलाओं ने खन्नौत नदी के तट पर स्नान किया और परंपरानुसार सूर्यदेव की पूजा-अर्चना की। इसके बाद महिलाओं ने उगते सूर्यदेव को अर्घ्य देकर मनौती मांगी। इस बीच युवाओं और बच्चों ने पटाखे चलाकर खुशी का इजहार किया। यहां पूजा करने के बाद महिलाओं ने घर पर भी पूजा-अर्चना की और छठ मइया से मनौती मांगी। इस बीच उन्होंने छठ मइया के परंपरागत गीत भी गाए। पूजा के बाद महिलाओं ने उपवास का परायण किया। नदी के तट पर व्यवस्था में पूर्वांचल महासभा के वेदप्रकाश रावत, अशोक यादव, एचएन मिश्रा, चंद्रशेखर सिंह, काशीनाथ चौबे, त्रिलोकी सिंह, द्वारिका, वीरेंद्र यादव, सौरभ यादव, ज्ञानेंद्र यादव, बृजेश तिवारी आदि का योगदान रहा।
छठ पूजा के अंतिम दिन पिछले 36 घंटों से उपवास पर चल रहीं महिलाओं ने खन्नौत नदी के तट पर स्नान किया और परंपरानुसार सूर्यदेव की पूजा-अर्चना की। इसके बाद महिलाओं ने उगते सूर्यदेव को अर्घ्य देकर मनौती मांगी। इस बीच युवाओं और बच्चों ने पटाखे चलाकर खुशी का इजहार किया। यहां पूजा करने के बाद महिलाओं ने घर पर भी पूजा-अर्चना की और छठ मइया से मनौती मांगी। इस बीच उन्होंने छठ मइया के परंपरागत गीत भी गाए। पूजा के बाद महिलाओं ने उपवास का परायण किया। नदी के तट पर व्यवस्था में पूर्वांचल महासभा के वेदप्रकाश रावत, अशोक यादव, एचएन मिश्रा, चंद्रशेखर सिंह, काशीनाथ चौबे, त्रिलोकी सिंह, द्वारिका, वीरेंद्र यादव, सौरभ यादव, ज्ञानेंद्र यादव, बृजेश तिवारी आदि का योगदान रहा।