{"_id":"625f0ffec6e3d86d6b4f4664","slug":"give-priority-to-studies-with-sports-only-then-you-will-get-progress-shahjahanpur-news-bly4820599106","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेल के साथ पढ़ाई को दें प्राथमिकता, तभी मिल सकेगी तरक्की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेल के साथ पढ़ाई को दें प्राथमिकता, तभी मिल सकेगी तरक्की
विज्ञापन
डॉ.सुदामा प्रसाद विद्यास्थली में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में उपस्थित छात्राएं । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। रेती रोड स्थित डॉ. सुदामा प्रसाद विद्यास्थली में मंगलवार को जिला क्रीड़ा अधिकारी ने छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें खेलों में कॅरियर बनाने के बारे में जानकारी दी। इस बीच छात्राओं ने समय प्रबंधन, खेल में आगे बढ़ने समेत कई सवाल पूछे, जिसका जवाब देकर उनकी जिज्ञासा को शांत किया गया। कार्यक्रम में करीब 90 छात्राएं मौजूद रहीं।
डॉ. सुदामा प्रसाद विद्यास्थली में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला क्रीड़ा अधिकारी जितेंद्र भगत ने कहा कि खिलाड़ियों को अपने जीवन में अनुशासन जरूर रखना चाहिए, तभी एक सफल खिलाड़ी बन सकता है। उन्होंने छात्राओं को बताया कि 20 से 22 वर्ष की उम्र के बीच के साल काफी ज्यादा मायने रखते हैं। इन्हीं में छात्र-छात्राओं के भविष्य का फैसला हो जाता है।
अभिभावक अपनी समझ के अनुसार मार्गदर्शन कर सकते हैं, लेकिन निर्णय खुद लेना होता है। जितेंद्र भगत ने खेलों में कॅरियर बनाने पर जोर दिया। कहा कि यदि 50 प्रतिशत से ऊपर अंक आते हैं तो पढ़ाई को प्राथमिकता दें। यदि ऐसा नहीं हो रहा तो खेल को तरजीह देते हुए पढ़ाई को जारी रखें। पढ़ाई और खेल एक-दूसरे के पूरक है। इनके बिना कोई आगे नहीं बढ़ सकता है।
विज्ञापन
उन्होंने छात्राओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि वर्तमान में महिलाएं देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ हवाई जहाज तक उड़ाने का काम कर रही हैं। इसलिए खुद को किसी से कम नहीं आंकना चाहिए। पूरी रणनीति के साथ खेल और पढ़ाई पूरी करें, तभी सफलता मिलेगी। रेखा धवन के संचालन में हुए कार्यक्रम उप प्रधानाचार्य ज्योत्सना द्विवेदी, शालिनी अग्निहोत्री आदि मौजूद रहे।
छात्राओं के सवाल-क्रीड़ा अधिकारी के जवाब
सवाल : सुबह स्कूल आना होता है, खेलने का समय नहीं मिल पाता।
जवाब : सुबह खेलना सबसे ज्यादा बेहतर है। पांच बजे से पहले बिस्तर छोड़िए और खेल में मन लगाएं। पढ़ाई और खेल के लिए समय प्रबंधन करें।
सवाल : खेल के जरिये करियर बनाने की संभावना है।
जवाब : खेल कोटे से काफी कॅरियर बनाने की संभावना है। बशर्ते, वहां तक अपनी मेहनत और अभ्यास के जरिये पहुंच बना पाएं।
सवाल : कौन सा खेल सबसे बेहतर
जवाब : खेल सारे ही बेहतर हैं, जिस खेल में आपकी रुचि हो। उसे मन लगाकर खेलें तो अच्छा रिजल्ट आएगा।
पढ़ाई और खेल जरूरी
हम बैंडमिंटन खिलाड़ी हैं, जब भी समय मिलता है तो खेलते जरूर हैं। मुझे बैडमिंटन का अच्छा खिलाड़ी बनना है। एक सीख मिली कि पढ़ाई और खेल दोनों ही जरूरी है। दोनों को साथ में लेकर चलना है। -शगुन गंगवार
समय प्रबंधन पर देंगे ध्यान
कार्यक्रम में जिला क्रीड़ा अधिकारी ने खेल और पढ़ाई दोनों के लिए उपयुक्त समय के बारे में बताया। अब समय प्रबंधन करते हुए सुबह चार बजे उठकर फिटनेस पर ध्यान देंगे, साथ ही पढ़ाई के लिए भी समय तय करेंगे। -स्कंदा
जीवन का हिस्सा बनाएं खेल
खेल को जीवन का हिस्सा प्रत्येक व्यक्ति को बनाना चाहिए। ऐसा करने से शरीर हमेशा चुस्त और दुरस्त रहेगा। खेल भावना को आगे बढ़ाने से एकजुटता आती है। -लक्ष्मी सिंह
सेहत का महत्व पता चला
कोरोना के बाद हर इंसान को अपने स्वास्थ्य का महत्व पता चल सका है। अब लोग सबसे ज्यादा स्वास्थ्य पर ध्यान देते हैं। युवाओं को अपने पढ़ाई के साथ खेल में हिस्सा लेकर अपने स्वास्थ्य की देखभाल करनी चाहिए। -भूमि यादव
अच्छा लगता है वॉलीबॉल
वॉलीबॉल खेलना हमें बहुत अच्छा लगता है। घर में अभ्यास करने का इंतजाम नहीं है, लेकिन स्कूल में खूब अभ्यास करते हैं। एयरहोस्टेस बनने का सपना है। उसे पूरा करने के लिए पूरी मेहनत के साथ डटे हुए हैं। -फाकिहा अख्तर
दिन की शुरुआत योगा से
-हम फिटनेस को लेकर काफी ज्यादा ध्यान रखते हैं। हमारी सुबह की शुरुआत ही योगा से होती है। योग के आसन करने से शरीर को काफी आराम मिलता है। समय प्रबंधन सभी को करना चाहिए। इससे काफी फायदे हैं। -छवि
अच्छी जानकारी मिली
खेलों को बढ़ावा देने संबंधी काफी अच्छी जानकारी दी गई। खेल के जरिये कैसे कॅरियर को बना सकते हैं, इसके बारे में विस्तार से मार्गदर्शन किया गया। छात्राओं को बातों को सीखकर आगे बढ़ने की जरूरत है। -श्रेया
फिटनेस का रखते ध्यान
शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए कसरत जरूरी है। चूंकि, हमें सुबह में ज्यादा समय नहीं मिल पाता है। फिर भी रस्सी कूदकर खुद की फिटनेस का ध्यान रखते हैं। फिट रहने के लिए खेल भी काफी जरूरी है। -कृतिका सक्सेना
विज्ञापन
डॉ. सुदामा प्रसाद विद्यास्थली में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला क्रीड़ा अधिकारी जितेंद्र भगत ने कहा कि खिलाड़ियों को अपने जीवन में अनुशासन जरूर रखना चाहिए, तभी एक सफल खिलाड़ी बन सकता है। उन्होंने छात्राओं को बताया कि 20 से 22 वर्ष की उम्र के बीच के साल काफी ज्यादा मायने रखते हैं। इन्हीं में छात्र-छात्राओं के भविष्य का फैसला हो जाता है।
विज्ञापन
अभिभावक अपनी समझ के अनुसार मार्गदर्शन कर सकते हैं, लेकिन निर्णय खुद लेना होता है। जितेंद्र भगत ने खेलों में कॅरियर बनाने पर जोर दिया। कहा कि यदि 50 प्रतिशत से ऊपर अंक आते हैं तो पढ़ाई को प्राथमिकता दें। यदि ऐसा नहीं हो रहा तो खेल को तरजीह देते हुए पढ़ाई को जारी रखें। पढ़ाई और खेल एक-दूसरे के पूरक है। इनके बिना कोई आगे नहीं बढ़ सकता है।
विज्ञापन
उन्होंने छात्राओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि वर्तमान में महिलाएं देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ हवाई जहाज तक उड़ाने का काम कर रही हैं। इसलिए खुद को किसी से कम नहीं आंकना चाहिए। पूरी रणनीति के साथ खेल और पढ़ाई पूरी करें, तभी सफलता मिलेगी। रेखा धवन के संचालन में हुए कार्यक्रम उप प्रधानाचार्य ज्योत्सना द्विवेदी, शालिनी अग्निहोत्री आदि मौजूद रहे।
छात्राओं के सवाल-क्रीड़ा अधिकारी के जवाब
सवाल : सुबह स्कूल आना होता है, खेलने का समय नहीं मिल पाता।
जवाब : सुबह खेलना सबसे ज्यादा बेहतर है। पांच बजे से पहले बिस्तर छोड़िए और खेल में मन लगाएं। पढ़ाई और खेल के लिए समय प्रबंधन करें।
सवाल : खेल के जरिये करियर बनाने की संभावना है।
जवाब : खेल कोटे से काफी कॅरियर बनाने की संभावना है। बशर्ते, वहां तक अपनी मेहनत और अभ्यास के जरिये पहुंच बना पाएं।
सवाल : कौन सा खेल सबसे बेहतर
जवाब : खेल सारे ही बेहतर हैं, जिस खेल में आपकी रुचि हो। उसे मन लगाकर खेलें तो अच्छा रिजल्ट आएगा।
पढ़ाई और खेल जरूरी
हम बैंडमिंटन खिलाड़ी हैं, जब भी समय मिलता है तो खेलते जरूर हैं। मुझे बैडमिंटन का अच्छा खिलाड़ी बनना है। एक सीख मिली कि पढ़ाई और खेल दोनों ही जरूरी है। दोनों को साथ में लेकर चलना है। -शगुन गंगवार
समय प्रबंधन पर देंगे ध्यान
कार्यक्रम में जिला क्रीड़ा अधिकारी ने खेल और पढ़ाई दोनों के लिए उपयुक्त समय के बारे में बताया। अब समय प्रबंधन करते हुए सुबह चार बजे उठकर फिटनेस पर ध्यान देंगे, साथ ही पढ़ाई के लिए भी समय तय करेंगे। -स्कंदा
जीवन का हिस्सा बनाएं खेल
खेल को जीवन का हिस्सा प्रत्येक व्यक्ति को बनाना चाहिए। ऐसा करने से शरीर हमेशा चुस्त और दुरस्त रहेगा। खेल भावना को आगे बढ़ाने से एकजुटता आती है। -लक्ष्मी सिंह
सेहत का महत्व पता चला
कोरोना के बाद हर इंसान को अपने स्वास्थ्य का महत्व पता चल सका है। अब लोग सबसे ज्यादा स्वास्थ्य पर ध्यान देते हैं। युवाओं को अपने पढ़ाई के साथ खेल में हिस्सा लेकर अपने स्वास्थ्य की देखभाल करनी चाहिए। -भूमि यादव
अच्छा लगता है वॉलीबॉल
वॉलीबॉल खेलना हमें बहुत अच्छा लगता है। घर में अभ्यास करने का इंतजाम नहीं है, लेकिन स्कूल में खूब अभ्यास करते हैं। एयरहोस्टेस बनने का सपना है। उसे पूरा करने के लिए पूरी मेहनत के साथ डटे हुए हैं। -फाकिहा अख्तर
दिन की शुरुआत योगा से
-हम फिटनेस को लेकर काफी ज्यादा ध्यान रखते हैं। हमारी सुबह की शुरुआत ही योगा से होती है। योग के आसन करने से शरीर को काफी आराम मिलता है। समय प्रबंधन सभी को करना चाहिए। इससे काफी फायदे हैं। -छवि
अच्छी जानकारी मिली
खेलों को बढ़ावा देने संबंधी काफी अच्छी जानकारी दी गई। खेल के जरिये कैसे कॅरियर को बना सकते हैं, इसके बारे में विस्तार से मार्गदर्शन किया गया। छात्राओं को बातों को सीखकर आगे बढ़ने की जरूरत है। -श्रेया
फिटनेस का रखते ध्यान
शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए कसरत जरूरी है। चूंकि, हमें सुबह में ज्यादा समय नहीं मिल पाता है। फिर भी रस्सी कूदकर खुद की फिटनेस का ध्यान रखते हैं। फिट रहने के लिए खेल भी काफी जरूरी है। -कृतिका सक्सेना

शाहजहांपुर के डॉ.सुदामा प्रसाद विद्यास्थली में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में बोलते जिला क- फोटो : SHAHJAHANPUR