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खरीफ की फसलों का अफसर करवाएं बीमा
शाहजहांपुर।
Updated Sat, 06 Jun 2015 08:51 PM IST
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प्रदेश शासन के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान जिले के अधिकारियों से खरीफ सीजन की तैयारियों का ब्यौरा लिया। साथ ही खरीफ की फसलों का किसानों से बीमा कराने के निर्देश दिए। इसके अनुपालन में डीएम शुभ्रा सक्सेना ने किसानों से आग्रह किया है कि खरीफ में जो भी फसल बोएं, उसका मौसम आधारित बीमा जरूर कराएं।
एनआईसी के कांफ्रेंस हाल में हुए वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्य सचिव के साथ प्रमुख सचिव कृषि, आपदा राहत आयुक्त आदि अधिकारी भी रहे। मुख्य सचिव ने दक्षिण-पश्चिम मानसून के पूर्वानुमान को देखते डीएम को पानी की कम खपत में शीघ्र पकने वाली धान प्रजातियों की बुवाई को प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए। इस मौके पर डीएम के साथ जिला कृषि अधिकारी अखिलानंद पांडेय और जिले के अन्य कई अधिकारी जवाबदेही को अलर्ट रहे।
डीएम की अपील, किसान अवश्य कराएं बीमा
डीएम शुभ्रा सक्सेना ने किसानों से अपील की है कि सिंचित क्षेत्रों में धान की पौध लगाने के बजाय उसकी सीधी बुवाई करें। वैकल्पिक फसलों के लिए मक्का, ज्वार, बाजरा, तिल, उर्द आदि की बुवाई कर सकते हैं। बीमा कराने के लिए किसान संबंधित बैंक में प्रीमियम जमा कर सकते हैं। डीएम ने कहा कि जिन किसानों ने बैंकों से ऋण ले रखा है, उनका बीमा बैंक शाखाएं अपने स्तर से करेंगी। ऋण लेने वाले किसान बैंक से बीमा प्रीमियम की रसीद अवश्य ले लें।
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पशुओं को धूप लगी चरी खिलाने से बचें : सीवीओ
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंद्रमनि ने भीषण गर्मी में पशुओं को बीमार होने से बचाने के लिए उनका धूप से बचाव करने और उन्हें धूप लगी चरी नहीं खिलाने का सुझाव दिया है।
सीवीओ के अनुसार धूप लगी हुई चरी विषाक्त हो जाने से उसे खाकर पशुओं की मौत भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि शाम के समय चरी की कटाई कर उसे रात भर खुले स्थान पर फैलाकर छोड़ दें और सुबह पशुओं को खिलाएं तो उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा। इसके बावजूद पशुओं पर विषाक्तता का असर देख पशुपालक तत्काल क्षेत्र के पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करें।
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एनआईसी के कांफ्रेंस हाल में हुए वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्य सचिव के साथ प्रमुख सचिव कृषि, आपदा राहत आयुक्त आदि अधिकारी भी रहे। मुख्य सचिव ने दक्षिण-पश्चिम मानसून के पूर्वानुमान को देखते डीएम को पानी की कम खपत में शीघ्र पकने वाली धान प्रजातियों की बुवाई को प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए। इस मौके पर डीएम के साथ जिला कृषि अधिकारी अखिलानंद पांडेय और जिले के अन्य कई अधिकारी जवाबदेही को अलर्ट रहे।
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डीएम की अपील, किसान अवश्य कराएं बीमा
डीएम शुभ्रा सक्सेना ने किसानों से अपील की है कि सिंचित क्षेत्रों में धान की पौध लगाने के बजाय उसकी सीधी बुवाई करें। वैकल्पिक फसलों के लिए मक्का, ज्वार, बाजरा, तिल, उर्द आदि की बुवाई कर सकते हैं। बीमा कराने के लिए किसान संबंधित बैंक में प्रीमियम जमा कर सकते हैं। डीएम ने कहा कि जिन किसानों ने बैंकों से ऋण ले रखा है, उनका बीमा बैंक शाखाएं अपने स्तर से करेंगी। ऋण लेने वाले किसान बैंक से बीमा प्रीमियम की रसीद अवश्य ले लें।
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पशुओं को धूप लगी चरी खिलाने से बचें : सीवीओ
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंद्रमनि ने भीषण गर्मी में पशुओं को बीमार होने से बचाने के लिए उनका धूप से बचाव करने और उन्हें धूप लगी चरी नहीं खिलाने का सुझाव दिया है।
सीवीओ के अनुसार धूप लगी हुई चरी विषाक्त हो जाने से उसे खाकर पशुओं की मौत भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि शाम के समय चरी की कटाई कर उसे रात भर खुले स्थान पर फैलाकर छोड़ दें और सुबह पशुओं को खिलाएं तो उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा। इसके बावजूद पशुओं पर विषाक्तता का असर देख पशुपालक तत्काल क्षेत्र के पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करें।