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Shahjahanpur News: गर्रा का जलस्तर एक मीटर बढ़ा...अलर्ट जारी
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न्यू सिटी ककरा में बने पुल से तेजी से बढ़ रहा गर्रा नदी का जलस्तर। संवाद
शाहजहांपुर। गर्रा नदी का जलस्तर शनिवार शाम को एक मीटर बढ़ गया। रविवार को जलस्तर दो मीटर बढ़ने का अनुमान है। प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी कर दिया गया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए कहा गया है। गर्रा के साथ खन्नौत का भी जलस्तर बढ़ेगा। गर्रा का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे रहने वाले लोग सहमे हुए हैं।
सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक चौबारी घाट पर रामगंगा वर्तमान में 160.690 मीटरगेज पर बह रही है। शनिवार को दो सेमी का इजाफा हुआ है। रामगंगा का खतरे का निशान 163.070 मीटरगेज है। नदी खतरे के निशान से 59 सेमी ऊपर बह रही है। दो दिन पहले गर्रा नदी में 35 हजार क्यूसेक से अधिक पानी दियूनी बैराज से छोड़ा गया है।
शनिवार को फिर 25111 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। शनिवार शाम को गर्रा का जलस्तर एक मीटर बढ़ गया है। रविवार को गर्रा का जलस्तर दो मीटर तक बढ़ने का अनुमान है। गर्रा का जलस्तर बढ़ने से खन्नौत नदी का भी जलस्तर रविवार तक एक मीटर बढ़ने का अनुमान है। गंगा के जलस्तर में गिरावट हुई है, लेकिन अब भी इस क्षेत्र में दर्जनों गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं।
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गर्रा का जलस्तर बढ़ने से दहशत में लोग
आवास एवं विकास परिषद कॉलोनी में बाढ़ की आशंका को लेकर लोग भयभीत हैं। पिछले वर्ष इन दिनों आई भयंकर बाढ़ के चलते हुए नुकसान का दंश झेलने के बाद अब काॅलोनीवासियों ने समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। वहीं प्रशासन ने भी कटान से बचाने के लिए गांव उमरगंज के पास अस्थायी बांध का निर्माण कराया है। पिछले वर्ष आई बाढ़ में आवास-विकास परिषद कॉलोनी, अजीजगंज, साउथ सिटी काॅलोनी, नवादा इंदेपुर और वृंदावन गार्डन, कांशीराम कालोनी आदि काॅलोनियों में पानी भर गया था। लालपुर वार्ड के पार्षद सिद्धार्थ शुक्ला ने बताया कि बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। काॅलोनीवासियों के साथ मिलकर इस संबंध में रणनीति तैयार कर स्थायी समाधान कराया जाएगा।
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गर्रा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण सहमे
तिलहर। गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी गांव के निकट पहुंचने से ग्रामीण सहम गए हैं। गांव में नदी के किनारे बने घरों के लोगों को चिंता सता रही है। एसडीएम रवींद्र कुमार ने चितीबोझी गांव पहुंचकर गर्रा नदी का निरीक्षण का दिशानिर्देश दिए। शनिवार की सुबह गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पानी चितीबोझी व अजमाबाद गांव के किनारे तक पहुंचने लगा है। गांव के कच्चे मार्गों पर नदी का पानी आने से ग्रामीणों में दहशत है। एसडीएम ने ग्रामीणों से कहा कि नदी किनारे न जाएं और बच्चों पर भी नजर रखें। बाढ़ नियंत्रण टीम पूरी तरह से मुस्तैद है हरसंभव मदद प्रशासन की ओर से दी जाएगी।
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छह दिन बाद भी गंगा की बाढ़ में डूबा रहा शमशाबाद हाईवे
शाहजहांपुर। भैंसार बांध पर पिछले 24 घंटे से गंगा का जलस्तर स्थिर रहने के बावजूद तटीय गांवों के लोगों को बाढ़ के प्रकोप से राहत नहीं मिल रही है। जलालाबाद-शमशाबाद हाईवे का फर्रुखाबाद के चौरा गांव से जनपद के बिसोला गांव तक करीब तीन किमी हिस्सा अभी दो फुट पानी से डूबा है। इस कारण हाईवे पर शनिवार को छठे दिन भी यातायात प्रतिबंधित रहा। उधर, पानी के तेज बहाव से मिर्जापुर-जरियनपुर-ढाई मार्ग कई जगह क्षतिग्रस्त हो गया है।
हालांकि, हाईवे पर गत सप्ताह की तुलना में एक फुट पानी कम हो चुका है, लेकिन उसका बहाव बहुत तेज होने से दोपहिया वाहनों के बहने का खतरा बरकरार है। चूंकि, इसी हाईवे पर पिछले दिनों बाइक और बच्चों समेत दंपती के बह जाने से महिला और उसकी बेटी की मौत हो चुकी है। इस हादसे को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने हाईवे पर बैरियर के साथ सख्त पहरा लगा रखा है। मिर्जापुर से जरियनपुर और ढाई गांव के रास्ते पर कई जगह बाढ़ से सड़क कटकर बह गई है। इसलिए पानी उतरने पर भी यह मार्ग आवागमन के लायक नहीं रहा है।
मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा के किनारे बसे इस्लामनगर, आजादनगर, कमतरी, चितार, पंखिया नगला आदि एक दर्जन गांवों के लोग गांव में ही फंसे हुए हैं क्योंकि पानी आबादी के चारों ओर भरा हुआ है। इन गांवों के लोगों को घर-गृहस्थी की रोजमर्रा की चीजों के लिए तरसना पड़ रहा है। प्रशासन ने अभी इन गांवों में किसी तरह की राहत-रसद पहुंचाने की पहल नहीं की है।
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गर्रा नदी का जलस्तर शनिवार शाम को एक मीटर बढ़ गया है। गर्रा के साथ खन्नौत नदी का भी जलस्तर बढ़ेगा। प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां कर ली गईं हैं। निगरानी टीम को सक्रिय कर दिया गया है। नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।
- अरविंद कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक चौबारी घाट पर रामगंगा वर्तमान में 160.690 मीटरगेज पर बह रही है। शनिवार को दो सेमी का इजाफा हुआ है। रामगंगा का खतरे का निशान 163.070 मीटरगेज है। नदी खतरे के निशान से 59 सेमी ऊपर बह रही है। दो दिन पहले गर्रा नदी में 35 हजार क्यूसेक से अधिक पानी दियूनी बैराज से छोड़ा गया है।
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शनिवार को फिर 25111 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। शनिवार शाम को गर्रा का जलस्तर एक मीटर बढ़ गया है। रविवार को गर्रा का जलस्तर दो मीटर तक बढ़ने का अनुमान है। गर्रा का जलस्तर बढ़ने से खन्नौत नदी का भी जलस्तर रविवार तक एक मीटर बढ़ने का अनुमान है। गंगा के जलस्तर में गिरावट हुई है, लेकिन अब भी इस क्षेत्र में दर्जनों गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं।
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गर्रा का जलस्तर बढ़ने से दहशत में लोग
आवास एवं विकास परिषद कॉलोनी में बाढ़ की आशंका को लेकर लोग भयभीत हैं। पिछले वर्ष इन दिनों आई भयंकर बाढ़ के चलते हुए नुकसान का दंश झेलने के बाद अब काॅलोनीवासियों ने समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। वहीं प्रशासन ने भी कटान से बचाने के लिए गांव उमरगंज के पास अस्थायी बांध का निर्माण कराया है। पिछले वर्ष आई बाढ़ में आवास-विकास परिषद कॉलोनी, अजीजगंज, साउथ सिटी काॅलोनी, नवादा इंदेपुर और वृंदावन गार्डन, कांशीराम कालोनी आदि काॅलोनियों में पानी भर गया था। लालपुर वार्ड के पार्षद सिद्धार्थ शुक्ला ने बताया कि बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। काॅलोनीवासियों के साथ मिलकर इस संबंध में रणनीति तैयार कर स्थायी समाधान कराया जाएगा।
गर्रा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण सहमे
तिलहर। गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी गांव के निकट पहुंचने से ग्रामीण सहम गए हैं। गांव में नदी के किनारे बने घरों के लोगों को चिंता सता रही है। एसडीएम रवींद्र कुमार ने चितीबोझी गांव पहुंचकर गर्रा नदी का निरीक्षण का दिशानिर्देश दिए। शनिवार की सुबह गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पानी चितीबोझी व अजमाबाद गांव के किनारे तक पहुंचने लगा है। गांव के कच्चे मार्गों पर नदी का पानी आने से ग्रामीणों में दहशत है। एसडीएम ने ग्रामीणों से कहा कि नदी किनारे न जाएं और बच्चों पर भी नजर रखें। बाढ़ नियंत्रण टीम पूरी तरह से मुस्तैद है हरसंभव मदद प्रशासन की ओर से दी जाएगी।
छह दिन बाद भी गंगा की बाढ़ में डूबा रहा शमशाबाद हाईवे
शाहजहांपुर। भैंसार बांध पर पिछले 24 घंटे से गंगा का जलस्तर स्थिर रहने के बावजूद तटीय गांवों के लोगों को बाढ़ के प्रकोप से राहत नहीं मिल रही है। जलालाबाद-शमशाबाद हाईवे का फर्रुखाबाद के चौरा गांव से जनपद के बिसोला गांव तक करीब तीन किमी हिस्सा अभी दो फुट पानी से डूबा है। इस कारण हाईवे पर शनिवार को छठे दिन भी यातायात प्रतिबंधित रहा। उधर, पानी के तेज बहाव से मिर्जापुर-जरियनपुर-ढाई मार्ग कई जगह क्षतिग्रस्त हो गया है।
हालांकि, हाईवे पर गत सप्ताह की तुलना में एक फुट पानी कम हो चुका है, लेकिन उसका बहाव बहुत तेज होने से दोपहिया वाहनों के बहने का खतरा बरकरार है। चूंकि, इसी हाईवे पर पिछले दिनों बाइक और बच्चों समेत दंपती के बह जाने से महिला और उसकी बेटी की मौत हो चुकी है। इस हादसे को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने हाईवे पर बैरियर के साथ सख्त पहरा लगा रखा है। मिर्जापुर से जरियनपुर और ढाई गांव के रास्ते पर कई जगह बाढ़ से सड़क कटकर बह गई है। इसलिए पानी उतरने पर भी यह मार्ग आवागमन के लायक नहीं रहा है।
मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा के किनारे बसे इस्लामनगर, आजादनगर, कमतरी, चितार, पंखिया नगला आदि एक दर्जन गांवों के लोग गांव में ही फंसे हुए हैं क्योंकि पानी आबादी के चारों ओर भरा हुआ है। इन गांवों के लोगों को घर-गृहस्थी की रोजमर्रा की चीजों के लिए तरसना पड़ रहा है। प्रशासन ने अभी इन गांवों में किसी तरह की राहत-रसद पहुंचाने की पहल नहीं की है।
गर्रा नदी का जलस्तर शनिवार शाम को एक मीटर बढ़ गया है। गर्रा के साथ खन्नौत नदी का भी जलस्तर बढ़ेगा। प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां कर ली गईं हैं। निगरानी टीम को सक्रिय कर दिया गया है। नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।
- अरविंद कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व

न्यू सिटी ककरा में बने पुल से तेजी से बढ़ रहा गर्रा नदी का जलस्तर। संवाद