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राम के हाथों रावण को मिला मोक्ष
शाहजहांपुर
Updated Sat, 24 Oct 2015 12:02 AM IST
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ओसीएफ रामलीला में शुक्रवार को विजयदशमी पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। रामलीला का शुभारंभ रावण का शिवलिंग के समक्ष कुपित होने से किया गया। इसके बाद राम और रावण के बीच घमासान युद्ध हुआ। राम लंकापति रावण को मारने के लिए जितने वाण चलाते थे, उतनी ही बार रावण जीवित हो उठता था। राम और रावण के बीच घनघोर युद्ध हुआ। जब विभीषण ने देखा कि प्रभु राम रावण को मारने में असमर्थ लग रहे हैं तो उसने उन्हें बताया कि रावण की नाभि में अमृत है, जिस कारण उसे मारा नही जा सकता। तब राम ने एक साथ इकतीस बाण छोड़े, जो रावण की नाभि और सिरों तथा हाथों में लगे। इससे रावण धराशायी होकर पृथ्वी पर गिर पड़ा।
रावण के धराशायी होने पर राम ने लक्ष्मण को उससे उपदेश लेने के लिए भेजा। इसके बाद रावण ने प्राण त्याग दिए और प्रभु राम ने उसे मोक्ष प्रदान किया। रावण वध के बाद जबरदस्त आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया। आतिशबाजी और रावण वध लीला देखने के लिए ओसीएफ अधिकारियों अस्थाई कार्यभार अधिकारी के सत्यनारायणा, अपर महाप्रबंधक सुकुमार रथ, डॉ. एके वर्मन, कर्नल डीबीएस कुशवाहा, संजय कुमार, एसएस डोएफोडे, सौरभ सिंह, राम मोहन अग्निहोत्री, एके मिश्रा, राजेश कंचन, अनुज शेखर समेत अन्य अधिकारी, कर्मचारी तथा प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने आतिशबाजी का आनंद लेकर पुतला दहन देखा और एक-दूसरे को विजयदशमी की शुभकामनाएं दीं।
सत्य नारायण जुगनू, पैट्रिक दास के निर्देशन और सुदर्शन वर्मा सलिलेश के संचालन में हुए लीला मंचन में रोहित सक्सेना, देवेंद्र पाल, कल्याण राम, अंकित सक्सेना, अरशद आजाद आदि शामिल रहे। इधर, दशहरा मेला देखने के लिए लाखों की भीड़ ओसीएफ मैदान में जुटी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ही रावण का पुतला दहन हर साल की तरह जल्दी कर दिया गया। मेला प्रदर्शनी में लोगों ने खानपान, खेल-तमाशों का आनंद लेते हुए झूलों का भी लुत्फ लिया और जमकर खरीददारी की।
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रावण के धराशायी होने पर राम ने लक्ष्मण को उससे उपदेश लेने के लिए भेजा। इसके बाद रावण ने प्राण त्याग दिए और प्रभु राम ने उसे मोक्ष प्रदान किया। रावण वध के बाद जबरदस्त आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया। आतिशबाजी और रावण वध लीला देखने के लिए ओसीएफ अधिकारियों अस्थाई कार्यभार अधिकारी के सत्यनारायणा, अपर महाप्रबंधक सुकुमार रथ, डॉ. एके वर्मन, कर्नल डीबीएस कुशवाहा, संजय कुमार, एसएस डोएफोडे, सौरभ सिंह, राम मोहन अग्निहोत्री, एके मिश्रा, राजेश कंचन, अनुज शेखर समेत अन्य अधिकारी, कर्मचारी तथा प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने आतिशबाजी का आनंद लेकर पुतला दहन देखा और एक-दूसरे को विजयदशमी की शुभकामनाएं दीं।
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सत्य नारायण जुगनू, पैट्रिक दास के निर्देशन और सुदर्शन वर्मा सलिलेश के संचालन में हुए लीला मंचन में रोहित सक्सेना, देवेंद्र पाल, कल्याण राम, अंकित सक्सेना, अरशद आजाद आदि शामिल रहे। इधर, दशहरा मेला देखने के लिए लाखों की भीड़ ओसीएफ मैदान में जुटी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ही रावण का पुतला दहन हर साल की तरह जल्दी कर दिया गया। मेला प्रदर्शनी में लोगों ने खानपान, खेल-तमाशों का आनंद लेते हुए झूलों का भी लुत्फ लिया और जमकर खरीददारी की।
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