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पूर्व दर्जा राज्यमंत्री कोविद कुमार नहीं रहे
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,शाहजहांपुर
Updated Tue, 23 Oct 2018 11:46 PM IST
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प्रदेश के पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री कोविद कुमार सिंह का मंगलवार शाम गुरुग्राम के मेदांता सिटी हॉस्पिटल में निधन हो गया। वह 63 वर्ष के थे। बीते सप्ताह अस्वस्थ होने पर मंगलवार को उन्हें मेदांता में भर्ती कराया गया था। वर्ष 2006 में उनका लिवर ट्रांसप्लांट हुआ था।
मूलत: निगोही क्षेत्र के गांव ढकिया तिवारी निवासी कोविद का जन्म 15 अगस्त 1955 को हुआ था। वह तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। मंझले भाई देव कुमार का कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका है। 26 जून को उनके पिता का भी निधन हो गया था। उनके परिवार में पत्नी सुनीता कोविद, बेटी दिव्या और बेटा दिव्यांश हैं। भाई आदित्य कुमार सिंह ने फोन पर बताया कि कोविद के पार्थिव शरीर के साथ वे रात में तेल टंकी रोड स्थित आवास पर पहुंचेंगे और बुधवार को दोपहर अंतिम यात्रा निकलेगी। खन्नौत तट के मोक्षधाम परिसर में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
1991 मेें भाजपा से पहली बार बने थे विधायक
कोविद कुमार ने 1980 में भाजपा से सक्रिय राजनीति शुरू की थी। वह पहली बार निगोही विधानसभा क्षेत्र (परिसीमन के बाद अब तिलहर) से 1991 में भाजपा के विधायक बने थे। 1993 में हुए मध्यावधि चुनाव में इसी सीट से दोबारा चुने गए और 2003 में प्रदेश की सपा सरकार में उन्हें दर्जा राज्यमंत्री का ओहदा मिला। प्रसाद परिवार से नजदीकियों के चलते वह कांग्रेस में शामिल हुए और वर्ष 2012 में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उनकी पत्नी सुनीता कोविद को तिलहर से चुनाव लड़ाया। पत्नी के पराजित होने से उनका कांग्रेस से मोहभंग हुआ। बीते विधानसभा चुनाव से पहले वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे।
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मूलत: निगोही क्षेत्र के गांव ढकिया तिवारी निवासी कोविद का जन्म 15 अगस्त 1955 को हुआ था। वह तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। मंझले भाई देव कुमार का कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका है। 26 जून को उनके पिता का भी निधन हो गया था। उनके परिवार में पत्नी सुनीता कोविद, बेटी दिव्या और बेटा दिव्यांश हैं। भाई आदित्य कुमार सिंह ने फोन पर बताया कि कोविद के पार्थिव शरीर के साथ वे रात में तेल टंकी रोड स्थित आवास पर पहुंचेंगे और बुधवार को दोपहर अंतिम यात्रा निकलेगी। खन्नौत तट के मोक्षधाम परिसर में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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1991 मेें भाजपा से पहली बार बने थे विधायक
कोविद कुमार ने 1980 में भाजपा से सक्रिय राजनीति शुरू की थी। वह पहली बार निगोही विधानसभा क्षेत्र (परिसीमन के बाद अब तिलहर) से 1991 में भाजपा के विधायक बने थे। 1993 में हुए मध्यावधि चुनाव में इसी सीट से दोबारा चुने गए और 2003 में प्रदेश की सपा सरकार में उन्हें दर्जा राज्यमंत्री का ओहदा मिला। प्रसाद परिवार से नजदीकियों के चलते वह कांग्रेस में शामिल हुए और वर्ष 2012 में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उनकी पत्नी सुनीता कोविद को तिलहर से चुनाव लड़ाया। पत्नी के पराजित होने से उनका कांग्रेस से मोहभंग हुआ। बीते विधानसभा चुनाव से पहले वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे।
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