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आग की भेंट चढ़ रही वन संपदा, कर्मचारी दबाने में जुटे
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खुटार के जंगल में आग से जले पेड़ों की लकड़ी तोड़ता युवक
- फोटो : KHUTAR
खुटार। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न संस्थाओं की ओर से अभी तक पौधे रोपे जा रहे हैं। हरियाली बढ़ाने के संकल्प लिए जा रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही से वन संपदा आग की भेंट चढ़ रही है। एक माह पहले खुटार रेंज की फत्तेपुर बीट के जंगल में लगी आग से तमाम पौधे जल गए थे। वनकर्मियों ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए पूरे मामला दबा लिया। सोमवार को फिर जंगल में आग लगी, लेकिन नुकसान नहीं होने की बात कही जा रही है।
प्रदेश सरकार पौध लगाने पर जोर देकर लोगों को जागरूक कर रही है। तमाम स्थानों पर पौध रोपित करके लोगों को हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया जा रहा है। पर्यावरण दिवस पर तमाम स्थानों पर पौधरोपण किया गया और जुलाई माह में भी अभियान चलाकर लाखों पौध लगाने की तैयारी है, लेकिन खुटार रेंज के वनकर्मियों की लापरवाही फत्तेपुर बीट में देखी गई। एक माह पूर्व फत्तेपुर बीट में कठिना नदी के पश्चिम जंगल में आग लग गई थी। जब तक आग बुझाई गई, तब तक जंगल में बड़े क्षेत्रफल में तमाम छोटे पेड़ जल गए।
वनकर्मियों ने अपनी लापरवाही को देखते हुए आग लगने की घटना को छिपा लिया और मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को नहीं भेजी। अगर जंगल में आग लगने की रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी जाती तो उसकी जांच में वनकर्मियों की लापरवाही उजागर होने पर कार्रवाई हो सकती थी। इसके बाद सोमवार शाम को इसी जंगल में रसवां कलां की ओर जाने वाले रास्ते किनारे फिर से आग लग गई। जंगल के किनारे का इलाका होने के कारण जानकारी मिलने पर जल्द आग को बुझा लिया गया और नुकसान होने से बच गया। संवाद
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...तो इस कारण से नहीं बुलाई फायरब्रिगेड
जंगल में आग लगने की सूचना के बाद वनकर्मियों ने खुद ही धीरे-धीरे आग बुझाई। इससे आग बुझाने में काफी समय लगा। अगर आग लगने की सूचना पर वनकर्मियों ने फायरब्रिगेड को बुलाया होता तो कम समय में आग बुझाया जा सकती थी। एक वनकर्मी ने बताया कि आग बुझाने के लिए फायरब्रिगेड को बुलाया जाता तो घटना की जानकारी अधिकारियों को हो जाती, इसीलिए फायरब्रिगेड को कॉल नहीं किया गया। फत्तेपुर बीट के वन दरोगा आरपी वर्मा ने बताया कि जंगल में आग से कोई नुकसान नहीं हुआ है। पहले लगी आग में कुछ पौधे जले थे। सोमवार शाम को लगी आग तत्काल बुझा ली गई। कोई नुकसान नहीं हुआ है।
जंगल में आग लगने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। अगर कोई प्रकरण संज्ञान में आया तो दिखवाया जाएगा। -डीएस यादव रेंजर खुटार
आग लगने की कोई सूचना जिला मुख्यालय नहीं दी गई है। अगर जिला कार्यालय पर कोई जानकारी आती है तो उसकी जांच कराई जाती है और संबंधित अधिकारी, कर्मचारी की जवाबदेही तय होती है। - केशव पांडेय, डीएफओ कार्यालय शाहजहांपुर
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प्रदेश सरकार पौध लगाने पर जोर देकर लोगों को जागरूक कर रही है। तमाम स्थानों पर पौध रोपित करके लोगों को हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया जा रहा है। पर्यावरण दिवस पर तमाम स्थानों पर पौधरोपण किया गया और जुलाई माह में भी अभियान चलाकर लाखों पौध लगाने की तैयारी है, लेकिन खुटार रेंज के वनकर्मियों की लापरवाही फत्तेपुर बीट में देखी गई। एक माह पूर्व फत्तेपुर बीट में कठिना नदी के पश्चिम जंगल में आग लग गई थी। जब तक आग बुझाई गई, तब तक जंगल में बड़े क्षेत्रफल में तमाम छोटे पेड़ जल गए।
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वनकर्मियों ने अपनी लापरवाही को देखते हुए आग लगने की घटना को छिपा लिया और मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को नहीं भेजी। अगर जंगल में आग लगने की रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी जाती तो उसकी जांच में वनकर्मियों की लापरवाही उजागर होने पर कार्रवाई हो सकती थी। इसके बाद सोमवार शाम को इसी जंगल में रसवां कलां की ओर जाने वाले रास्ते किनारे फिर से आग लग गई। जंगल के किनारे का इलाका होने के कारण जानकारी मिलने पर जल्द आग को बुझा लिया गया और नुकसान होने से बच गया। संवाद
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...तो इस कारण से नहीं बुलाई फायरब्रिगेड
जंगल में आग लगने की सूचना के बाद वनकर्मियों ने खुद ही धीरे-धीरे आग बुझाई। इससे आग बुझाने में काफी समय लगा। अगर आग लगने की सूचना पर वनकर्मियों ने फायरब्रिगेड को बुलाया होता तो कम समय में आग बुझाया जा सकती थी। एक वनकर्मी ने बताया कि आग बुझाने के लिए फायरब्रिगेड को बुलाया जाता तो घटना की जानकारी अधिकारियों को हो जाती, इसीलिए फायरब्रिगेड को कॉल नहीं किया गया। फत्तेपुर बीट के वन दरोगा आरपी वर्मा ने बताया कि जंगल में आग से कोई नुकसान नहीं हुआ है। पहले लगी आग में कुछ पौधे जले थे। सोमवार शाम को लगी आग तत्काल बुझा ली गई। कोई नुकसान नहीं हुआ है।
जंगल में आग लगने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। अगर कोई प्रकरण संज्ञान में आया तो दिखवाया जाएगा। -डीएस यादव रेंजर खुटार
आग लगने की कोई सूचना जिला मुख्यालय नहीं दी गई है। अगर जिला कार्यालय पर कोई जानकारी आती है तो उसकी जांच कराई जाती है और संबंधित अधिकारी, कर्मचारी की जवाबदेही तय होती है। - केशव पांडेय, डीएफओ कार्यालय शाहजहांपुर