{"_id":"63349a91333d202daa05ec17","slug":"floud-shahjahanpur-news-bly499127211","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा और रामगंगा में उफान जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा और रामगंगा में उफान जारी
सार
उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी के बांधों-बैराजों से बुधवार को पानी की निकासी बढ़कर 1.25 लाख क्यूसेक से ज्यादा हो गई।आजादनगर के कच्चे रास्ते पर तीन से चार फुट पानी भर जाने से वहां तक अफसरों का पहुंचना मुश्किल हो गया।कमथरी गांव के कई परिवारों ने अपनी झोपड़ी उठाकर गंगा से दूर खेतों में रख ली हैं।
विज्ञापन
मिर्जापुर क्षेत्र के इस्लामनगर गांव के पास पहुंचा बाढ़ का पानी। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शाहजहांपुर। उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी के बांधों-बैराजों से बुधवार को पानी की निकासी बढ़कर 1.25 लाख क्यूसेक से ज्यादा हो गई। कलान के भैसार बांध पर गंगा का जलस्तर लगातार चौथे दिन चार सेमी बढ़कर 143.12 मीटर हो गया। नरौरा से पानी की निकासी सुबह 81336 से बढ़कर 1.09 लाख क्यूसेक होने से अगले 24 घंटे तक गंगा में उफान जारी रहने के आसार हैं। उधर, अन्य बैराजों से दो दिन पहले भारी मात्रा में निकले पानी से रामगंगा का जलस्तर 1.19 मीटर बढ़कर 160.29 मीटर हो गया है।
गत चार दिनों में गंगा का जलस्तर 34 सेमी बढ़ चुका है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि आज सुबह नरौरा से निकला पानी 36 से 48 घंटे में यहां पहुंचेगा। मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा के तटवर्ती गांव इस्लामनगर, आजादनगर, पंखिया नगला और पड़ोसी फर्रुखाबाद जनपद की सीमा में आने वाले गांव कमतरी, चितार आदि गांवों के आसपास पानी फिर से बढ़ने लगा है। अब इन सभी गांवों के संपर्क मार्ग डूब जाने से लोग आवागमन को नाव पर निर्भर हो गए हैं। खन्नौत नदी का जलस्तर 40 सेमी बढ़कर 143.35 मीटर हो गया है। ड्यूनी डॉम से अभी 3685 क्यूसेक पानी निकल रहा है। इसलिए गर्रा भी 45 सेमी बढ़कर 146.85 मीटर पर पहुंच गई है।
--
परौर में बाढ़ और भूमि कटान का दोहरा कहर
परौर। रामगंगा नदी की धारा भूमि कटान कर रही है। सबसे ज्यादा परेशान नारायणनगर पश्चिमी, दहेलिया, मंझा और मोहनपुर गांवों के लोग हैं। पानी उतरने पर कटान तेज होने की आशंका है। नारायणनगर निवासी हरिओम, कृष्णपाल, झुमक लाल, रामविलास, बृजेश कुमार सुनील कुमार आदि ने बाढ़ से बचाव को जल्द जरूरी प्रयास करने की मांग की है। संवाद
विज्ञापन
--
फोटो: 28 एसपीएनपी 09
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का अधिकारियों ने लिया जायजा
शाहजहांपुर। गंगा में बाढ़ से मिर्जापुर क्षेत्र में जलालाबाद-एटा, मैनपुरी वाया ढाईघाट मार्ग पर कम हुआ पानी फिर बढ़ गया है। चौंरा-बसोला नगला और इस्लाम नगर कमथरी मार्ग भी जलमग्न हो गया है। बुधवार को प्रभारी एसडीएम दुर्गेश यादव के साथ इस्लामनगर का जायजा लिया। आजादनगर के कच्चे रास्ते पर तीन से चार फुट पानी भर जाने से वहां तक अफसरों का पहुंचना मुश्किल हो गया। एसडीएम ने लेखपाल संजीव कुमार को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए। आजाद नगर के ग्रामीणों ने उनसे नाव चलवाने की मांग की। कमथरी गांव के कई परिवारों ने अपनी झोपड़ी उठाकर गंगा से दूर खेतों में रख ली हैं। संवाद
विज्ञापन
गत चार दिनों में गंगा का जलस्तर 34 सेमी बढ़ चुका है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि आज सुबह नरौरा से निकला पानी 36 से 48 घंटे में यहां पहुंचेगा। मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा के तटवर्ती गांव इस्लामनगर, आजादनगर, पंखिया नगला और पड़ोसी फर्रुखाबाद जनपद की सीमा में आने वाले गांव कमतरी, चितार आदि गांवों के आसपास पानी फिर से बढ़ने लगा है। अब इन सभी गांवों के संपर्क मार्ग डूब जाने से लोग आवागमन को नाव पर निर्भर हो गए हैं। खन्नौत नदी का जलस्तर 40 सेमी बढ़कर 143.35 मीटर हो गया है। ड्यूनी डॉम से अभी 3685 क्यूसेक पानी निकल रहा है। इसलिए गर्रा भी 45 सेमी बढ़कर 146.85 मीटर पर पहुंच गई है।
विज्ञापन
--
परौर में बाढ़ और भूमि कटान का दोहरा कहर
परौर। रामगंगा नदी की धारा भूमि कटान कर रही है। सबसे ज्यादा परेशान नारायणनगर पश्चिमी, दहेलिया, मंझा और मोहनपुर गांवों के लोग हैं। पानी उतरने पर कटान तेज होने की आशंका है। नारायणनगर निवासी हरिओम, कृष्णपाल, झुमक लाल, रामविलास, बृजेश कुमार सुनील कुमार आदि ने बाढ़ से बचाव को जल्द जरूरी प्रयास करने की मांग की है। संवाद
विज्ञापन
--
फोटो: 28 एसपीएनपी 09
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का अधिकारियों ने लिया जायजा
शाहजहांपुर। गंगा में बाढ़ से मिर्जापुर क्षेत्र में जलालाबाद-एटा, मैनपुरी वाया ढाईघाट मार्ग पर कम हुआ पानी फिर बढ़ गया है। चौंरा-बसोला नगला और इस्लाम नगर कमथरी मार्ग भी जलमग्न हो गया है। बुधवार को प्रभारी एसडीएम दुर्गेश यादव के साथ इस्लामनगर का जायजा लिया। आजादनगर के कच्चे रास्ते पर तीन से चार फुट पानी भर जाने से वहां तक अफसरों का पहुंचना मुश्किल हो गया। एसडीएम ने लेखपाल संजीव कुमार को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए। आजाद नगर के ग्रामीणों ने उनसे नाव चलवाने की मांग की। कमथरी गांव के कई परिवारों ने अपनी झोपड़ी उठाकर गंगा से दूर खेतों में रख ली हैं। संवाद