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गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ी

Sat, 31 Jul 2021 01:04 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 31 Jul 2021 01:04 AM IST
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परौर के ग्राम नारायण नगर में कटान करती रामगंगा । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। उत्तराखंड के पहाड़ों और पश्चिमी यूपी के मैदानी क्षेत्रों में बीते 36 घंटे के दौरान हुई बारिश के साथ बांधों और बैराजों से पानी की निकासी बढ़ रही है। शुक्रवार को छठे दिन भी गंगा उफान पर रही।
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ढाई घाट से लेकर कलान क्षेत्र के तटवर्ती गांवों की ओर गंगा का पानी बढ़ने से ग्रामीण बाढ़ के आसन्न खतरे से बेहद परेशान हैं। उधर रामगंगा में पानी लगातार घटने के कारण हो रहे कटान के चलते परौर क्षेत्र में नदी के किनारे बनाई गईं जिओ ट्यूब की ठोकरें तलहटी में धंस जाने से वहां के कई गांवों की कृषि भूमि का तेजी से कटान हो रहा है।
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बाढ़ नियंत्रण कक्ष को शुक्रवार सुबह मिली सूचनाओं के अनुसार नरौरा बैराज से गंगा में पानी की निकासी 63231 से बढ़कर एक लाख 15 हजार 255 क्यूसेक हो गयी है। बीते दिन पास हुए पानी के यहां पहुंचने से गंगा भैंसार बांध पर 32 सेंटीमीटर बढ़कर 143.20 मीटर पर पहुंच गयी।
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सिंचाई विभाग के तार बाबू का कहना है कि शुक्रवार को नरौरा से निकास किया गया अतिरिक्त पानी शनिवार शाम तक यहां पहुंचेगा। चूंकि कछला घाट(बदायूं) में गंगा का जलस्तर आज भी 15 सेमी बढ़ा है इसलिए ये पानी यहां पहुंचने पर शनिवार को भी भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर बढ़ने के आसार हैं। गंगा में उफान आने से ढाईघाट के ढाई गांव से लेकर मिर्जापुर क्षेत्र में इस्लाम नगर ,आजाद नगर और मस्जिद नगला आदि गांवों की ओर गंगा का पानी बढ़ने से ग्रामीणों को बाढ़ से घिरने की आशंका सता रही है।
ग्रामीणों का मानना है कि गंगा में दो दिन उफान और जारी रहा तो आजाद नगर और इस्लाम नगर के सम्पर्क मार्ग भी बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे। उधर कलान क्षेत्र में भैंसार और आसपास के दो दर्जन गांव बांध के कारण सुरक्षित हैं, लेकिन मिर्जापुर क्षेत्र में इस्लाम नगर से बमुश्किल 100 मीटर के फासले पर फर्रुखाबाद जिले की सीमा में आने वाले कमतरी और चितार गांव के पास नदी का पानी पहुंच रहा है।
गत वर्ष आई बाढ़ में इन दोनों गांवों को कटान से भारी क्षति हो चुकी है। इसलिए गांवों तक उफनाई गंगा पहुंचने के बाद पानी उतरने की दशा में इन गांवों को फिर कटान से बचाना मुश्किल होगा।
सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र के अनुसार खो, हरेली, किच्छा, रामनगर और कालागढ़ बांध से रामगंगा में 15005 क्यूसेक पानी का निकास किया गया है जो बीते दिन से 1070 क्यूसेक कम है ,लेकिन लगातार हो रही बारिश से रामगंगा बीते 24 घंटे की तुलना में सिर्फ चार सेमी कम हुई है।
उन्होंने बताया कि बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा 159.46 मीटर पर बह रही है। ड्यूनी डैम से पानी की निकासी आज बंद हो गई इसलिए गर्रा 20 सेमी सिमट कर 144.80 मीटर पर आ गयी है। खनौत में भी जलस्तर 30 सेमी कम होकर 143 मीटर रह गया है लेकिन रात में हुई बारिश के कारण शनिवार को खनौत में पानी बढ़ सकता है।
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कटान रोकने को जिओ ट्यूब उठाने का हो रहा प्रयास
परौर। क्षेत्र से होकर बहने वाली रामगंगा बीते दो दिन से उतार पर होने के बावजूद आसपास के कई गांवों तक फैलाव लिए हुए है। रामगंगा के तटवर्ती गांवों नारायण नगर पश्चिमी और मोहनपुर के बीच जिओ टयूब की बनाई गई अस्थायी ठोकरों के नीचे कटान वाले हिस्से में दो ठोकरें करीब तीन मीटर गहरी धंस गयीं हैं। इस वजह से अब रामगंगा की धारा ठोकरों के ऊपर से बहाव का रास्ता बना कर उपजाऊ जमीन काटने लगी है।
कटान रोकने के लिए नारायण नगर पहुंचे सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अनूप कुमार ने जेई अमित कुमार व श्यामा कुमार की मदद से ठोकरों को ऊपर उठाने के लिए मजदूर लगाए हैं। चूंकि जिओ ट्यूब में लगभग तीन से चार टन मिट्टी भरकर उन्हें तट पर लगाया गया था इसलिए उनका वजन इतना ज्यादा हो गया है कि वे लगातार नीचे धंस रहीं हैं। जेसीबी से ये काम कराना खतरे से खाली नही माना जा रहा है इसलिए जिओ ट्यूब में रस्से बांध कर उन्हें ऊपर उठाने के लिए अतिरिक्त श्रमिक बुलाए गए हैं। बहाव इतना तेज है कि दो जिओ ट्यूब नीचे धंसने के साथ ही उनकी दिशा बदल गयी और वो तिरछे हो गए हैं। संवाद
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34 मिमी बारिश बढ़ाएगी नदियों का जलस्तर
शाहजहांपुर। बृहस्पतिवार शाम से रात तक 30 मिमी और आज दिन में चार मिमी बरसात होने से वातावरण में आर्द्रता 90 फीसदी के आसपास बनी रही। इस वजह से दिन में अधिकतम तापमान तीन डिग्री घटकर 32.5 डिग्री सेल्सियस रह गया। बारिश के कारण रात में न्यूनतम तापमान भी 1.5 डिग्री घटकर 25.6 डिग्री सेल्सियस हो गया और इस वजह से जनजीवन को गर्मी और उमस से ज्यादा नही जूझना पड़ा।
गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ.मनमोहन सिंह के अनुसार शाम को वायुदाब सामान्य से 11 अंक अधिक हो गया है। इस वजह से शनिवार को सुबह से हवा चलेगी, लेकिन बादल छाए रहने के बावजूद बूंदाबांदी और बारिश की संभावना बनी रहेगी। संवाद

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गंगा और रामगंगा में पानी सामान्य से अधिक होने के बावजूद अभी तटवर्ती गांव बाढ़ से पूरी तरह सुरक्षित हैं। बीते दिन परौर क्षेत्र में रामगंगा के तटीय गांव नारायन नगर पश्चिमी का दौरा करने पर वहां बनाई गई जिओ ट्यूब की ठोकरें सामान्य स्थिति में पाई गईं थीं। कटान से जिओ ट्यूब धंसने की सूचना मुझे नही मिली है, लेकिन इस तथ्य का संज्ञान लेते हुए मौके पर मौजूद सहायक अभियंता से जानकारी लेकर ठोकरों को जल्द व्यवस्थित कराया जाएगा।
- सुनील कुमार भास्कर, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
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