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रामगंगा की बाढ़ से बहने लगीं ठोकरें
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
Updated Mon, 14 Aug 2017 11:27 PM IST
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तीन दिन से बारिश थमने के बावजूद बैराजों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से जिले से होकर बहने वाली नदियों में उफान बढ़ता ही जा रहा है। 72 घंटे में रामगंगा 1.47 मीटर बढ़कर 160.45 मीटर पर पहुंच गई। नदी में पानी के उफान से हरिहरपुर गांव के पास बनाई गईं कच्ची ठोकरें बहने लगी हैं। उधर, कलान क्षेत्र के भैंसार बांध पर गंगा का जल स्तर 142.72 मीटर हो चुका है, जबकि सोमवार को सुबह नरौरा से रिलीज 1.83 लाख क्यूसेक पानी अभी यहां नहीं पहुंचा है। प्रशासन तटवर्ती गावों को बाढ़ से बचाने में जुट गया है। इधर, शहर के समीप गर्रा दो दिन में 90 सेमी बढ़ चुकी है।
बता दें कि रामगंगा में रामनगर, खो, हरेली, किच्छा आदि बैराजोें से रिलीज होने वाले पानी की मात्रा गत एक सप्ताह तक सात-आठ क्यूसेक तक सीमित रही, लेकिन चार दिन पहले बैराजों का फ्लो बढ़कर 78 हजार क्यूसेक हो जाने से रामगंगा बेकाबू होने लगी है। शनिवार को बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा 67 सेमी बढ़कर 159.73 मीटर पर पहुंच गई। बीते दिन रामगंगा में आठ सेमी पानी कम हुआ, लेकिन सोमवार को नदी का जल स्तर 80 सेमी फिर बढ़ गया।
रामगंगा उफनाने से मिर्जापुर क्षेत्र के तटवर्ती गांव हरिहरपुर में बाढ़ से बचाव के लिए सिंचाई विभाग द्वारा बालू और मिट्टी से भरीं बोरियों से बनाई जा रहीं ठोकरें नदी मे बह रहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नदी के कटान से अब उन्हें भगवान ही बचा सकता है।
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उधर, रामगंगा के करीबी ग्राम कुनियां, हरिहरपुर, पहरुआ और मौजमपुर को बाढ़ से बचाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
सिंचाई विभाग सहायक अभियंता अनूप कुमार मौके पर ही कैंप करके बांस-बल्लियों के सहारे लगभग नौ लाख की लागत से खरीदे गए 15 जिओ ट्यूब तथा मिट्टी भरी बोरियों से ठोकरें बनाने का काम करवाने में जुटे हैं। प्रभावित गांवों के श्याम सिंह, बुधपाल, महेश, राजेंद्र, राजपाल, देवकीनंदन, सुभाष, वीरपाल आदि का कहना है कि भू-कटान रोकने के लिए बनाई जा रहीं बालू-मिट्टी से भरी बोरियों की ठोकरें पानी में बहने से पानी उतरने पर भूमि कटान रोकना कठिन हो जाएगा।
इधर, गर्रा की गुर्राहट बढ़ने से शहरी क्षेत्र में शामिल मोहल्ला अजीजगंज, बरेली मोड़, आवास विकास कालोनी, कांशीराम कालोेनी, साउथ सिटी कालोनी, नवादा इंदेपुर, राईखेड़ा, रुद्र्रपुर आदि गांवों के बाशिंदों को बाढ़ से घिरने की आशंका सताने लगी है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभारी/सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र के अनुसार ड्यूनी डाम से गर्रा में 3360 क्यूसेक पानी आने से नदी में चढ़ाव आने के संकेत हैं। इस समय गर्रा 145.35 मीटर पर बह रही है, जबकि खन्नौत का जल स्तर पांच सेमी की मामूली कमी के बाद 143.25 मीटर बना हुआ है।
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रामगंगा नदी के बहाव को मोड़ने के लिए बनाई गई दो किमी लंबी नहर में आशा के अनुरूप नदी की मेन स्ट्रीम नहीं पहुंचने से भूमि कटान को रोकने में दिक्कत आ रही है।
अनूप कुमार, सहायक अभियंता, सिंचाई
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बता दें कि रामगंगा में रामनगर, खो, हरेली, किच्छा आदि बैराजोें से रिलीज होने वाले पानी की मात्रा गत एक सप्ताह तक सात-आठ क्यूसेक तक सीमित रही, लेकिन चार दिन पहले बैराजों का फ्लो बढ़कर 78 हजार क्यूसेक हो जाने से रामगंगा बेकाबू होने लगी है। शनिवार को बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा 67 सेमी बढ़कर 159.73 मीटर पर पहुंच गई। बीते दिन रामगंगा में आठ सेमी पानी कम हुआ, लेकिन सोमवार को नदी का जल स्तर 80 सेमी फिर बढ़ गया।
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रामगंगा उफनाने से मिर्जापुर क्षेत्र के तटवर्ती गांव हरिहरपुर में बाढ़ से बचाव के लिए सिंचाई विभाग द्वारा बालू और मिट्टी से भरीं बोरियों से बनाई जा रहीं ठोकरें नदी मे बह रहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नदी के कटान से अब उन्हें भगवान ही बचा सकता है।
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उधर, रामगंगा के करीबी ग्राम कुनियां, हरिहरपुर, पहरुआ और मौजमपुर को बाढ़ से बचाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
सिंचाई विभाग सहायक अभियंता अनूप कुमार मौके पर ही कैंप करके बांस-बल्लियों के सहारे लगभग नौ लाख की लागत से खरीदे गए 15 जिओ ट्यूब तथा मिट्टी भरी बोरियों से ठोकरें बनाने का काम करवाने में जुटे हैं। प्रभावित गांवों के श्याम सिंह, बुधपाल, महेश, राजेंद्र, राजपाल, देवकीनंदन, सुभाष, वीरपाल आदि का कहना है कि भू-कटान रोकने के लिए बनाई जा रहीं बालू-मिट्टी से भरी बोरियों की ठोकरें पानी में बहने से पानी उतरने पर भूमि कटान रोकना कठिन हो जाएगा।
इधर, गर्रा की गुर्राहट बढ़ने से शहरी क्षेत्र में शामिल मोहल्ला अजीजगंज, बरेली मोड़, आवास विकास कालोनी, कांशीराम कालोेनी, साउथ सिटी कालोनी, नवादा इंदेपुर, राईखेड़ा, रुद्र्रपुर आदि गांवों के बाशिंदों को बाढ़ से घिरने की आशंका सताने लगी है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभारी/सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र के अनुसार ड्यूनी डाम से गर्रा में 3360 क्यूसेक पानी आने से नदी में चढ़ाव आने के संकेत हैं। इस समय गर्रा 145.35 मीटर पर बह रही है, जबकि खन्नौत का जल स्तर पांच सेमी की मामूली कमी के बाद 143.25 मीटर बना हुआ है।
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रामगंगा नदी के बहाव को मोड़ने के लिए बनाई गई दो किमी लंबी नहर में आशा के अनुरूप नदी की मेन स्ट्रीम नहीं पहुंचने से भूमि कटान को रोकने में दिक्कत आ रही है।
अनूप कुमार, सहायक अभियंता, सिंचाई