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Shahjahanpur News: बाढ़ पीड़ितों का आरोप, प्रशासन नहीं ले रहा सुध
Sun, 22 Sep 2024 03:34 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 22 Sep 2024 03:34 AM IST
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जलालाबाद। बाढ़ का पानी कम होने के बाद प्रशासन ने पीड़ितों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। बाढ़ में कई दिन जलमग्न रहे चचुआपुर, थाथरमई, कसारी खुर्द, कसारी बुजुर्ग, उइला, अतरी, चितरऊ आदि गांवों में कई लोग खांसी, जुकाम व बुखार से पीड़ित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग से अभी तक कोई नहीं पहुंचा है। इन गांवों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था छठे दिन भी सुचारु न हो पाने से रात मे लोगों को भारी दिक्कत हो रही है।
कसारी के लोगों ने बताया कि शनिवार को नाव संचालक के न आने से आवागमन में काफी दिक्कत हुई। बताया कि गांव के रामभजन की पत्नी गुड्डी, रमेश का बेटा प्रिंस, सतीश तथा रमेश आदि दो दिन से बुखार से पीड़ित हैं। नाव की व्यवस्था ठप रहने से दवा लेने जाने में बहुत कठिनाई हुई। उइला, थाथरमई, संगाहा, रैपुरा के लोगों को भी पानी उतरने के बाद ऐसी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। प्रभारी तहसीलदार रोहित कटियार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीमें लगातार प्रभावित गांवों में भ्रमण कर दवा वितरण कर रही हैं।
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फसलों का हुआ है भारी नुकसान
नदियों के तटवर्ती गांवों में कई दिन बाढ़ का पानी भरा रहने से उर्द, तिल, मूंग, मूंगफली व पालेज की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। पानी कम होने के बाद फसलों की यह बर्बादी सामने आने पर किसान सदमे में हैं। ज्यादा दिन पानी भरा रहने से धान की फसल को भी नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। खड़ी फसलों के बड़े रकबे में अभी भी पानी भरा हुआ है जिसे सूखने पर अभी समय लगेगा। संवाद
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कसारी के लोगों ने बताया कि शनिवार को नाव संचालक के न आने से आवागमन में काफी दिक्कत हुई। बताया कि गांव के रामभजन की पत्नी गुड्डी, रमेश का बेटा प्रिंस, सतीश तथा रमेश आदि दो दिन से बुखार से पीड़ित हैं। नाव की व्यवस्था ठप रहने से दवा लेने जाने में बहुत कठिनाई हुई। उइला, थाथरमई, संगाहा, रैपुरा के लोगों को भी पानी उतरने के बाद ऐसी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। प्रभारी तहसीलदार रोहित कटियार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीमें लगातार प्रभावित गांवों में भ्रमण कर दवा वितरण कर रही हैं।
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फसलों का हुआ है भारी नुकसान
नदियों के तटवर्ती गांवों में कई दिन बाढ़ का पानी भरा रहने से उर्द, तिल, मूंग, मूंगफली व पालेज की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। पानी कम होने के बाद फसलों की यह बर्बादी सामने आने पर किसान सदमे में हैं। ज्यादा दिन पानी भरा रहने से धान की फसल को भी नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। खड़ी फसलों के बड़े रकबे में अभी भी पानी भरा हुआ है जिसे सूखने पर अभी समय लगेगा। संवाद
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