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Shahjahanpur News: बाढ़ का संकट सामने...डैम रोड ऊंची करने के लिए नहीं कर सके मिट्टी की व्यवस्था
Sun, 07 Jun 2026 12:47 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 07 Jun 2026 12:47 AM IST
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अजीजगंज से कैनाल पंप जाने वाली इसी सड़क को ऊंचा किया जाना है। संवाद
शाहजहांपुर। पिछले दो वर्षों से बाढ़ की विभीषिका झेल रहे लोगों को बचाने की प्रशासनिक तैयारी इस बार भी मुकम्मल होती नहीं दिख रहीं हैं। जून का पहला हफ्ता खत्म होने को है और अब तक अजीजगंज डैम रोड को ऊंचा करने के काम की शुरुआत भी नहीं हो सकी है। पीडब्ल्यूडी सड़क ऊंची करने के लिए मिट्टी की व्यवस्था नहीं कर सका है। आमतौर पर 15 जून के बाद बरसात का मौसम शुरू हो जाता है। ऐसे में सड़क बनाना चुनौतीपूर्ण होगा। हालांकि, गर्रा नदी के पुल को ऊंचा करने का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
न्यू ककरा सिटी में गर्रा नदी पर वर्ष 2021 में 181.13 मीटर लंबे पुल का निर्माण कराया गया था। 16 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण हुआ था। वर्ष 2024 और 2025 में आई बाढ़ में गर्रा नदी का पानी पुल से टकराकर आसपास के सरकारी भवनों और कॉलोनियों में घुस गया था। बाढ़ की वजह से काफी नुकसान हुआ था। बाढ़ समाप्त होने के बाद पुल की तकनीकी जांच कराई गई। इसमें काफी खामियां पाई गईं थीं। इसके बाद प्रशासन ने पुल को ऊंचा करने के लिए प्रस्ताव तैयार कराया था।
पुल को 80 सेमी ऊंचा किया जाना था। इसके लिए शासन की ओर से ऊंचा करने के लिए चार करोड़ 24 लाख रुपये से अधिक के बजट की स्वीकृति मिली थी। पुल को ऊंचा करने के साथ ही डैम रोड को भी करीब एक मीटर ऊंचा किया जाना है। जिससे बाढ़ आने की स्थिति में पानी कॉलोनियों में प्रवेश न कर सके।
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गर्रा नदी के डैम से अजीजगंज की ओर आने वाला यह करीब डेढ़ किमी लंबा मार्ग एक बांध की तरह काम करेगा। पीडब्ल्यूडी को यह कार्य जून में पूरा करना था, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है। इसकी वजह से पुल की अप्रोच रोड बनने में भी देरी होगी। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के मुताबिक, सड़क पर भराव के लिए मिट्टी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। मिट्टी अच्छी गुणवत्ता की चाहिए। आमतौर पर खेत की मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है। मिट्टी की व्यवस्था के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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बरसात में डामर रोड बनाना होगा मुश्किल
जून का पहला सप्ताह खत्म होने वाला है। 15 जून के बाद बरसात का सीजन शुरू हो जाता है। ऐसे में पहले मिट्टी का भराव डलवाकर एक मीटर रोड ऊंची करने के बाद डामर डालना कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी के लिए काफी मुश्किल हो जाएगा। बारिश शुरू होने पर राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। यह एक प्रमुख मार्ग है, जिससे हजारों लोगों का रोजाना निकलना होता है।
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अंतिम दौर में पुल को ऊंचा करने का कार्य
कार्यदायी संस्था सेतु निगम ने पुल को ऊंचा करने का ठेका वाराणसी की एक एजेंसी को दिया गया था। भारी जैकों के माध्यम से पुल को ऊंचा किया गया है। काम अंतिम दौर में चल रहा है। इसके बाद सेतु निगम को अप्रोच रोड का निर्माण कराना है। सेतु निगम के अधिकारियों के मुताबिक जून के अंत तक काम पूरा हो जाएगा।-- -- -- -- -
वर्जन-
पंप कैनाल से लखनऊ-पलिया हाईवे तक डेढ़ किमी लंबाई में सड़क को ऊंचा करना है। मिट्टी की व्यवस्था नहीं होने पर कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। इसके लिए खेत की मिट्टी की आवश्यकता होगी। मिट्टी की व्यवस्था होते ही सड़क बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। जून के अंत तक कार्य पूर्ण करने का पूरा प्रयास है।
- महेंद्र पाल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड
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न्यू ककरा सिटी में गर्रा नदी पर वर्ष 2021 में 181.13 मीटर लंबे पुल का निर्माण कराया गया था। 16 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण हुआ था। वर्ष 2024 और 2025 में आई बाढ़ में गर्रा नदी का पानी पुल से टकराकर आसपास के सरकारी भवनों और कॉलोनियों में घुस गया था। बाढ़ की वजह से काफी नुकसान हुआ था। बाढ़ समाप्त होने के बाद पुल की तकनीकी जांच कराई गई। इसमें काफी खामियां पाई गईं थीं। इसके बाद प्रशासन ने पुल को ऊंचा करने के लिए प्रस्ताव तैयार कराया था।
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पुल को 80 सेमी ऊंचा किया जाना था। इसके लिए शासन की ओर से ऊंचा करने के लिए चार करोड़ 24 लाख रुपये से अधिक के बजट की स्वीकृति मिली थी। पुल को ऊंचा करने के साथ ही डैम रोड को भी करीब एक मीटर ऊंचा किया जाना है। जिससे बाढ़ आने की स्थिति में पानी कॉलोनियों में प्रवेश न कर सके।
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गर्रा नदी के डैम से अजीजगंज की ओर आने वाला यह करीब डेढ़ किमी लंबा मार्ग एक बांध की तरह काम करेगा। पीडब्ल्यूडी को यह कार्य जून में पूरा करना था, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है। इसकी वजह से पुल की अप्रोच रोड बनने में भी देरी होगी। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के मुताबिक, सड़क पर भराव के लिए मिट्टी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। मिट्टी अच्छी गुणवत्ता की चाहिए। आमतौर पर खेत की मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है। मिट्टी की व्यवस्था के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
बरसात में डामर रोड बनाना होगा मुश्किल
जून का पहला सप्ताह खत्म होने वाला है। 15 जून के बाद बरसात का सीजन शुरू हो जाता है। ऐसे में पहले मिट्टी का भराव डलवाकर एक मीटर रोड ऊंची करने के बाद डामर डालना कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी के लिए काफी मुश्किल हो जाएगा। बारिश शुरू होने पर राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। यह एक प्रमुख मार्ग है, जिससे हजारों लोगों का रोजाना निकलना होता है।
अंतिम दौर में पुल को ऊंचा करने का कार्य
कार्यदायी संस्था सेतु निगम ने पुल को ऊंचा करने का ठेका वाराणसी की एक एजेंसी को दिया गया था। भारी जैकों के माध्यम से पुल को ऊंचा किया गया है। काम अंतिम दौर में चल रहा है। इसके बाद सेतु निगम को अप्रोच रोड का निर्माण कराना है। सेतु निगम के अधिकारियों के मुताबिक जून के अंत तक काम पूरा हो जाएगा।
वर्जन-
पंप कैनाल से लखनऊ-पलिया हाईवे तक डेढ़ किमी लंबाई में सड़क को ऊंचा करना है। मिट्टी की व्यवस्था नहीं होने पर कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। इसके लिए खेत की मिट्टी की आवश्यकता होगी। मिट्टी की व्यवस्था होते ही सड़क बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। जून के अंत तक कार्य पूर्ण करने का पूरा प्रयास है।
- महेंद्र पाल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड

अजीजगंज से कैनाल पंप जाने वाली इसी सड़क को ऊंचा किया जाना है। संवाद