Shahjahanpur: मीरानपुर कटरा थाने में बीएनएस के तहत पहला मुकदमा दर्ज, मारपीट के मामले में लगी ये धाराएं
रविवार की रात 12 बजे आईपीसी की धाराएं इतिहास में दर्ज हो गईं। एक जुलाई से नया कानून लागू हो गया। शाहजहांपुर में बीएनएस के तहत मीरानपुर कटरा थाने में पहला मुकदमा दर्ज किया गया।
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अंग्रेजों के जमाने से लागू भारतीय दंड संहिता को रविवार की रात बारह बजे से खत्म कर दिया गया। आईपीसी की धाराओं में शाहजहांपुर जिले में अंतिम मुकदमा कांट थाने में पशु क्रूरता अधिनियम के तहत लिखा गया। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के लागू होने पर सोमवार दोपहर मीरानपुर कटरा थाने में मारपीट का पहला मुकदमा दर्ज किया गया।
भारत सरकार ने 1860 से लागू आईपीसी को खत्म करने के साथ भारतीय न्याय संहिता को लागू कर दिया है। रविवार को 24 घंटे के अंतराल में जनपद के 23 थानों में 41 मुकदमों को दर्ज किया गया। दहेज हत्या, अपहरण, शीलभंग के दो-दो, चोरी में एक, आबकारी में आठ, शस्त्र अधिनियम में सात केस शामिल हैं।
आईपीसी की धारा में अंतिम मुकदमा कांट थाना क्षेत्र के मोहल्ला शेरान में देवेश कुमार ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत दर्ज कराया। उन्होंने मुजीब, रशीद आदि को नामजद किया। पुलिस ने एक चाकू समेत अन्य उपकरण बरामद किए हैं। इसी मुकदमे के साथ जिले में पुलिस ने आईपीसी की धारा को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।
बीएनएस के तहत दर्ज हुआ मारपीट का मुकदमा
भारतीय न्याय संहिता के तहत मीरानपुर कटरा थाने में मारपीट का पहला मुकदमा दर्ज किया गया। मोहल्ला तहबरगंज के अमन कश्यप ने मोहल्ले के नीरज, आकाश व आजाद को नामजद किया है। भारतीय न्याय संहिता के तहत धाराओं के नंबर बदलने के बाद सोमवार को अमन कश्यप ने कांट थाने में पहली रिपोर्ट दर्ज कराई।
अमन ने तहरीर देकर बताया कि वह अपनी जमीन पर मिट्टी डाल रही थी। सुबह साढ़े नौ बजे नीरज, आकाश, आजाद ने उन्हें घेरकर पिटाई लगा दी। उनके सीधे हाथ की अंगुली में काफी चोटें आई हैं। नाना भीम सेन कश्यप के साथ अभद्रता की गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 115( 2), 352 और 351(2) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।