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आकांक्षा स्कूल में घुटन भरे कमरों में चलती मिली कक्षाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, शाहजहांपुर
Updated Fri, 22 Jul 2016 11:59 PM IST
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डीआईओएस डॉ. केएल वर्मा ने बृहस्पतिवार को शहर के माध्यमिक स्कूलों का निरीक्षण किया, जिसमें आकांक्षा हाई स्कूल के संचालन में उन्हें कई अनियमितताएं मिलीं। डीआईओएस ने निर्धारित मानकों संबंधी पत्रावती तीन दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश प्रबंधक को दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में वांछित अभिलेख नहीं मिलने पर स्कूल की मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति कर दी जाएगी।
डीआईओएस डॉ. वर्मा ने आकांक्षा हाई स्कूल में एकसाथ कक्षा एक से दस तक की पढ़ाई की जा रही है। स्कूल के शिक्षण कक्ष मानक के अनुरूप नहीं हैं। बताया: भूतल पर कक्षा छह से आठ, द्वितीय तल पर मानक के विरुद्ध एक संकरे कमरे में 10वीं की क्लास चल रही थी, जबकि इसी कमरे पास दूसरे संकरे कक्ष में कक्षा नौ की पढ़ाई हो रही थी। कमरे संकरे होने के कारण उनमें घुटन हो रही थी। निरीक्षण के समय प्रधानाचार्य उपस्थित नहीं थीं। शिक्षक उपस्थिति पंजिका मांगे जाने पर तीन पंजिकाएं उपलब्ध कराई गईं, जो क्रमश: कक्षा एक से पांच तक, कक्षा छह से आठ तक और कक्षा नौ से दस तक की थीं। इस तरह यह स्कूल एक छोटे से परिसर में कक्षा एक से दस तक चल रहा था।
इसके बाद डीआईओएस ने देवी प्रसाद इंटर कॉलेज का भी निरीक्षण किया। यहां उन्हें शिक्षण कार्य होता मिला। डॉ. वर्मा ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वह छात्रों को रटाने के बजाय उन्हें समझाने का प्रयास करें और शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दें। उन्होंने प्रधानाचार्य को निर्देश दिए कि वह प्रबंधतंत्र से कहकर वित्तविहीन कक्षाओं के लिए योग्य शिक्षक नियुक्त कराएं। उन्होंने स्कूूल में बायोमेट्रिक हस्ताक्षर मशीन लगवाकर एक सप्ताह में अवगत कराने तथा 31 जुलाई तक शिविर लगाकर सभी छात्रों के आधार कार्ड बनवाने के भी निर्देश दिए।
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डीआईओएस डॉ. वर्मा ने आकांक्षा हाई स्कूल में एकसाथ कक्षा एक से दस तक की पढ़ाई की जा रही है। स्कूल के शिक्षण कक्ष मानक के अनुरूप नहीं हैं। बताया: भूतल पर कक्षा छह से आठ, द्वितीय तल पर मानक के विरुद्ध एक संकरे कमरे में 10वीं की क्लास चल रही थी, जबकि इसी कमरे पास दूसरे संकरे कक्ष में कक्षा नौ की पढ़ाई हो रही थी। कमरे संकरे होने के कारण उनमें घुटन हो रही थी। निरीक्षण के समय प्रधानाचार्य उपस्थित नहीं थीं। शिक्षक उपस्थिति पंजिका मांगे जाने पर तीन पंजिकाएं उपलब्ध कराई गईं, जो क्रमश: कक्षा एक से पांच तक, कक्षा छह से आठ तक और कक्षा नौ से दस तक की थीं। इस तरह यह स्कूल एक छोटे से परिसर में कक्षा एक से दस तक चल रहा था।
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इसके बाद डीआईओएस ने देवी प्रसाद इंटर कॉलेज का भी निरीक्षण किया। यहां उन्हें शिक्षण कार्य होता मिला। डॉ. वर्मा ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वह छात्रों को रटाने के बजाय उन्हें समझाने का प्रयास करें और शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दें। उन्होंने प्रधानाचार्य को निर्देश दिए कि वह प्रबंधतंत्र से कहकर वित्तविहीन कक्षाओं के लिए योग्य शिक्षक नियुक्त कराएं। उन्होंने स्कूूल में बायोमेट्रिक हस्ताक्षर मशीन लगवाकर एक सप्ताह में अवगत कराने तथा 31 जुलाई तक शिविर लगाकर सभी छात्रों के आधार कार्ड बनवाने के भी निर्देश दिए।
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