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प्रत्याशी की अदला-बदली के बाद वर्चस्व की लड़ाई बनी तिलहर विधानसभा सीट

Thu, 10 Feb 2022 12:54 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 10 Feb 2022 12:54 AM IST
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fight for prestige in tilhar consituency
तिलहर। कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के भाजपा छोड़कर सपा में छलांग मारने का सबसे ज्यादा असर तिलहर विधानसभा सीट पर दिखाई पड़ता है। भाजपा विधायक रोशनलाल वर्मा अब सपा के प्रत्याशी हैं जबकि सपा से टिकट मांग रहीं सलोना कुशवाहा अब कमल के निशान पर चुनाव लड़ रही है। रोशनलाल ने कद्दावर नेता सुरेश कुमार खन्ना और जितिन प्रसाद को चुनौती देकर तिलहर सीट को प्रतिष्ठा की जंग बना दिया है।
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कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य जब सपा में शामिल हुए तो उनके साथ तिलहर से भाजपा विधायक रोशनलाल वर्मा भी पार्टी में आ गए। टिकट भी फाइनल हो गया। इससे सबसे बड़ा झटका लगा बरेली के चिकित्सक डॉ. राम सिंह कुशवाहा की पत्नी सलोना कुशवाहा को। दरअसल निगोही में सलोना कुशवाहा का मायका है और वह सपा से टिकट के आश्वासन पर पिछले करीब एक साल से क्षेत्र में सक्रिय थीं। लोगों के बीच प्रचार कर रहीं सलोना कुशवाहा टिकट न मिलने पर भाजपा के बड़े नेताओं की शरण में पहुंच गईं। वह कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना और जितिन प्रसाद से भी मिलीं। भाजपा ने मौके का लाभ उठाकर सलोना कुशवाहा को टिकट दे दिया। वहीं सपा प्रत्याशी रोशनलाल वर्मा ने भाजपा छोड़ने के बाद पार्टी के बड़े नेताओं पर जमकर शब्दबाण चलाए। 2017 के चुनाव में कांग्रेस-सपा के संयुक्त उम्मीदवार रहे जितिन प्रसाद को हराने वाले रोशनलाल ने कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना को चुनौती दे डाली। जितिन प्रसाद पर भी शब्दबाण छोड़े। जिले के सबसे बड़े नेताओं पर विपक्षी पाले में गए प्रत्याशी के शब्दबाणों से तिलमिलाई भाजपा ने सीट जीतने को अपनी प्रतिष्ठा की लड़ाई बना दिया। वहीं सलोना कुशवाहा भी पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में हैं।
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कांग्रेस ने अपने जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता मुन्ना को प्रत्याशी बनाया है। रजनीश गुप्ता काफी समय से तिलहर क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। रजनीश गुप्ता सवर्ण बिरादरी और कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक के भरोसे चुनावी मैदान जीतने की आस में हैं। व्यापारिक पृष्ठभूमि से आने वाले रजनीश गुप्ता व्यापारी समाज से वोट की मदद की उम्मीद कर रहे हैं। रजनीश गुप्ता मुकाबला त्रिकोणीय मानकर चल रहे हैं। कांग्रेस का मानना है कि सपा-भाजपा के प्रत्याशी ओबीसी समाज से होने के कारण सवर्ण मतदाता उसकी ओर जा सकता है। बसपा ने फैजान खां को प्रत्याशी बनाया है। फैजान इससे पहले नगर विधानसभा क्षेत्र से सुरेश कुमार खन्ना के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। फैजान बसपा के कोर वोट बैंक के साथ ही मुस्लिम वोट बैंक में सेंधमारी कर सकते हैं। मतदाताओं की बात
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गांव बंधीचक के रामभजन यादव ने कहा कि विधायक ऐसा हो जो काम करने वाला हो। लोग जाति बिरादरी के चक्कर में पड़ जाते हैं। मुख्य टक्कर भाजपा और सपा में लग रही है। भाजपा की कुछ योजनाओं से गरीबों को लाभ हुआ है वहीं सपा की पिछली सरकार ने भी विकास के काफी काम कराए थे। गांव रजाकपुर के हीरालाल ने बताया कि ऐसा विधायक होना चाहिए जो जाति बिरादरी से ऊपर उठकर क्षेत्र का विकास करा सके। गांव में सड़कें बिजली आदि साधन उपलब्ध हो सकें और पशुओं की समस्या से किसान को निजात मिल सके। सूरज कांति गुर्जर एकेडमी के संचालक अभय गुर्जर बोले कि यहां पर कोई खेल का मैदान नहीं है। कई बार इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया गया लेकिन समस्या का निदान अभी तक नहीं हो सका है। कंप्यूटर शिक्षिका रिया शर्मा ने कहा कि समस्या बेरोजगारी की सबसे अधिक है। आज पढ़ा-लिखा युवा रोजगार की तलाश में दर-दर ठोकरें खा रहा है। आने वाली सरकारें युवाओं को रोजगार के सपने दिखाती हैं लेकिन सरकार बन जाने के बाद वह इस ओर ध्यान नहीं देती हैं। मोहल्ला दातागंज निवासी अमान सिंह का मानना है कि सरकार ऐसी बने जिसके शासनकाल में सभी वर्ग के लोग अमन-चैन से रह सकें। सामाजिक वातावरण खुशहाल हो, किसानों की उपज का सही दाम मिले, महंगाई और बेरोजगारी की समस्या दूर हो सके। बोले वर्तमान सरकार कई मुद्दों पर खरी उतरी है लेकिन कई समस्याएं अभी मुंह फैलाए खड़ी हैं। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। मोहल्ला वहिदुल्लागंज निवासी श्याम जी रस्तोगी ने कहा कि विधायक ऐसा हो जो समाज के सभी वर्ग के लोगों को साथ लेकर चलने वाला हो। कहा कि महंगाई, बेरोजगारी अशिक्षा जैसी समस्याओं से आम नागरिक जूझ रहा है वहीं किसानों को फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। बिचौलिए किसानों की फसल पर डाका डाल रहे हैं सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। बूरा-बताशा व्यापारी भूरे ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास यह नारा ठीक है लेकिन इस पर अमल होना चाहिए। पार्टी नेताओं की कथनी और करनी में अंतर है। इससे विश्वास खत्म होता है। कन्या गुरुकुल महाविद्यालय रुद्रपुर के संचालक अनुभव आर्य ने कहा कि युवा देश के भविष्य होते हैं। कहा जाता है कि युवाओं पर ही देश का भविष्य निर्भर है। यदि वह शिक्षित और समृद्धशाली नहीं होगा तब है देश का भला कैसे कर सकेगा। कहा कि भारत की शिक्षा प्रणाली पर विचार करने की आवश्यकता है। गुरुकुल में शिक्षा प्रणाली ही राष्ट्र को समृद्धशाली बना सकती है इस और सरकार को ध्यान देना चाहिए। अमित सक्सेना और संजय एडवोकेट ने कहा कि तिलहर की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चौपट है।

प्रमुख पांच मुद्दे
-राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे इलाज की समुचित व्यवस्था न होना
-बेरोजगारी
-छुट्टा पशु
-लिंक मार्गों का निर्माण न होना और परिवहन व्यवस्था का बेहतर न होना
-बाढ़ से बचाव के नाकाफी इंतजाम
विधानसभा का इतिहास
पहले क्षेत्र तिलहर पूर्व और दक्षिण विधानसभा में बंटा हुआ था। 1957 के चुनाव में तिलहर पूर्व से कांग्रेस के शिवकुमार मिश्रा और दक्षिण से कांग्रेस के भगवान सहाय उर्फ तिन्नू बाबू जीते थे। इसके बाद 1957 में सोशलिस्ट पार्टी से बालक राम विधायक बने। 1962 में कांग्रेस के भगवान सहाय जीते। 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से सुरेंद्र विक्रम विधायक बने। 1969 के चुनाव में फिर से सुरेंद्र विक्रम विधायक बने। 1974 में जनसंघ से जीतकर सत्यपाल सिंह यादव विधायक बन गए। 1977 में सत्यपाल सिंह यादव दोबारा तिलहर से विधायक चुने गए लेकिन इस बार उन्होंने कांग्रेस से जीत हासिल की थी। 1980 में सत्यपाल सिंह यादव जनता पार्टी (सेकुलर) से तीसरी बार विधायक बने। 1985 में सत्यपाल सिंह यादव लोकदल से विधायक बने। 1989 में सत्यपाल सिंह यादव को कांग्रेस के सुरेंद्र विक्रम ने हरा दिया। 1991 में जनता दल से फिर से सत्यपाल सिंह यादव विधायक बनने में सफल रहे। बाद में हुए उपचुनाव में जनता पार्टी से मुलायम सिंह यादव लड़े और कांग्रेस के प्रत्याशी वीरेंद्र पाल सिंह उर्फ मुन्ना को 10,322 वोटों से हरा दिया। 1993 में हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र पाल सिंह उर्फ मुन्ना विधायक बने। 1996 और 2002 में भी वीरेंद्र पाल सिंह यहां से चुनाव जीते। 2007 में सत्यपाल सिंह यादव के बेटे राजेश यादव पहली बार विधायक बने। 2012 में बसपा से रोशनलाल वर्मा जीते। 2017 के चुनाव में बसपा छोड़कर भाजपा में गए रोशनलाल वर्मा ने यहां पर जीत हासिल की।
कुल मतदाता- 3,54,724
पुरुष मतदाता- 1,90,546
महिला मतदाता -1,64,160
अन्य-18
जातिगत आंकड़े
किसान- 52000
यादव -30,000
मुस्लिम- 60,000
अनुसूचित जाति- 52000
क्षत्रिय- 15000
ब्राह्मण -14000
वैश्य -15000
कुशवाहा -15000
लोधी-12000
अन्य पिछड़ी जातियां- 34000
सिख- 3000
(सभी आंकड़े लगभग में हैं)
2017 विधानसभा चुनाव के आंकड़े
1. रोशनलाल वर्मा-भाजपा-81770 वोट-40.03 प्रतिशत
2. कुं. जितिन प्रसाद- कांग्रेस- 76065 वोट-37.24 प्रतिशत
3. अवधेश कुमार वर्मा-बसपा-31418 वोट- 15.38 प्रतिशत
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