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Shahjahanpur News: हर उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षिका की तैनाती नहीं
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शाहजहांपुर। ददरौल और भावलखेड़ा ब्लॉक के उच्च प्राथमिक स्कूलों में आरटीई के नियम पूरे नहीं हो रहे हैं। स्कूलाें में छात्र और छात्राएं होने के बावजूद महिला शिक्षिकाओं की समान नियुक्ति पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। कुछ स्कूलाें में एक से अधिक शिक्षक तैनात हैं तो कई जगहों पर शिक्षिकाएं हैं। स्कूलों में शिक्षक-शिक्षिकाओं के अनुपात पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जिले के उच्च प्राथमिक स्कूलों में सरप्लस शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया चल रही थी। एकल और बंद स्कूलों की सूची भी वेबसाइट पर डाली गई थी। इस बीच मामले पर न्यायालय में सुनवाई होने पर समायोजन की प्रक्रिया को बढ़ा दिया गया। ऐसे में सरप्लस शिक्षकों को एकल और बंद स्कूलों में भेजने की प्रक्रिया कुछ दिन के लिए फिर से लटक गई है।
अधिकारी बताते हैं कि शहर से सटे ददरौल और भावलखेड़ा ब्लॉक में नियम पूरे नहीं हो रहे हैं। स्कूलों में एक से ज्यादा शिक्षक जमे हुए हैं। जबकि छात्राओं के शिक्षा ग्रहण करने के चलते वहां पर शिक्षिकाओं की तैनाती भी होनी चाहिए। प्रत्येक स्कूल में एक महिला शिक्षक होना अनिवार्य हैं लेकिन इसे लेकर कोई व्यवस्था नहीं की गई।
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जिले में कई स्कूल एकल और बंद हैं। हमारी प्राथमिकता स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती करना है, जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
-दिव्या गुप्ता, बीएसए
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जिले के उच्च प्राथमिक स्कूलों में सरप्लस शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया चल रही थी। एकल और बंद स्कूलों की सूची भी वेबसाइट पर डाली गई थी। इस बीच मामले पर न्यायालय में सुनवाई होने पर समायोजन की प्रक्रिया को बढ़ा दिया गया। ऐसे में सरप्लस शिक्षकों को एकल और बंद स्कूलों में भेजने की प्रक्रिया कुछ दिन के लिए फिर से लटक गई है।
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अधिकारी बताते हैं कि शहर से सटे ददरौल और भावलखेड़ा ब्लॉक में नियम पूरे नहीं हो रहे हैं। स्कूलों में एक से ज्यादा शिक्षक जमे हुए हैं। जबकि छात्राओं के शिक्षा ग्रहण करने के चलते वहां पर शिक्षिकाओं की तैनाती भी होनी चाहिए। प्रत्येक स्कूल में एक महिला शिक्षक होना अनिवार्य हैं लेकिन इसे लेकर कोई व्यवस्था नहीं की गई।
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जिले में कई स्कूल एकल और बंद हैं। हमारी प्राथमिकता स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती करना है, जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
-दिव्या गुप्ता, बीएसए