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बादल और बूंदाबांदी से डरे किसान, आज बारिश के आसार
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शाहजहांपुर। पश्चिमी विक्षोभ से बने हवा के कम दबाव के क्षेत्र ने सोमवार सुबह अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। तेज हवा के साथ बादल छाने लगे और दोपहर तक कई स्थानों पर बूंदाबांदी होने लगी। इससे तापमान मेें थोड़ी कमी आने से जनजीवन को गर्मी से राहत मिली, लेकिन वह किसान खासे डर गए जो अपनी गेहूं की फसल काट नहीं सके हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार लगभग 65 फीसदी गेहूं फसल कटकर घरों और मंडियों तक पहुंच चुकी है और अब उन्हीं किसानों की फसल कटने से शेष बची है, जो खेत मजदूरों के जरिए हाथ से कटाई करा रहे हैं। मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि बैरोमीटर की रीडिंग मेें 22 अंक की गिरावट को देखते अगले 24 घंटे के दौरान आंधी के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है।
इस वर्ष 2.73 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की फसल उगाई गई है। होली के बाद फसल पकने पर कटने का मौका आया तो मौसम ने बिगड़ैल तेवर दिखाए और बूंदाबांदी से फसल में नमी बढ़ गई। बाद मेें लॉकडाउन घोषित होने पर फसल काटने के लिए किसानों को खेत मजदूर मिलने कठिन हो गए। बड़े फार्मरों ने कंबाइन और अनय कृषि यंत्रों से कटाई कर अपनी फसल निजी गोदामों में सहेजने के साथ मंडियों तक पहुंचानी शुरू कर दी, लेकिन छोटे और मझोले किसानों ने परिवार के सदस्यों के साथ खुद फसल काटनी शुरू की। नतीजे मेें आर्थिक रूप से कमजोर ऐसे साधनहीन किसान फसल कटाई में पिछड़ गए, जो कंबाइन का किराया दे पाने में असमर्थ रहे।
अब इन्हीं किसानों को बिगड़ा मौसम परेशान कर रहा है। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार बैरोमीटर की रीडिंग में 21 मिलीबार उछाल को देखते अगले 24 घंटे तक मौसम में सुधार के कोई संकेत नहीं हैं और मंगलवार को तेज आंधी के साथ बारिश के आसार प्रबल हो गए हैं। इधर, प्रभारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी कमलेश पांडेय ने बताया कि क्रय केंद्रों पर खरीदे गए 8993 टन गेहूं को ढकने के लिए तिरपाल की व्यवस्था करा दी गई है। साथ ही केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खरीदा जा चुका गेहूं तत्काल एफसीआई के गोदामों तक भिजवाने की व्यवस्था कराएं।
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इस वर्ष 2.73 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की फसल उगाई गई है। होली के बाद फसल पकने पर कटने का मौका आया तो मौसम ने बिगड़ैल तेवर दिखाए और बूंदाबांदी से फसल में नमी बढ़ गई। बाद मेें लॉकडाउन घोषित होने पर फसल काटने के लिए किसानों को खेत मजदूर मिलने कठिन हो गए। बड़े फार्मरों ने कंबाइन और अनय कृषि यंत्रों से कटाई कर अपनी फसल निजी गोदामों में सहेजने के साथ मंडियों तक पहुंचानी शुरू कर दी, लेकिन छोटे और मझोले किसानों ने परिवार के सदस्यों के साथ खुद फसल काटनी शुरू की। नतीजे मेें आर्थिक रूप से कमजोर ऐसे साधनहीन किसान फसल कटाई में पिछड़ गए, जो कंबाइन का किराया दे पाने में असमर्थ रहे।
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अब इन्हीं किसानों को बिगड़ा मौसम परेशान कर रहा है। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार बैरोमीटर की रीडिंग में 21 मिलीबार उछाल को देखते अगले 24 घंटे तक मौसम में सुधार के कोई संकेत नहीं हैं और मंगलवार को तेज आंधी के साथ बारिश के आसार प्रबल हो गए हैं। इधर, प्रभारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी कमलेश पांडेय ने बताया कि क्रय केंद्रों पर खरीदे गए 8993 टन गेहूं को ढकने के लिए तिरपाल की व्यवस्था करा दी गई है। साथ ही केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खरीदा जा चुका गेहूं तत्काल एफसीआई के गोदामों तक भिजवाने की व्यवस्था कराएं।
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