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किसानों के असल मुद्दों पर भी ध्यान दे सरकार
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श्याम पाल वर्मा
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा पर भले ही किसान संगठनों ने खुशी जताई हो, लेकिन किसानों का मानना है कि सरकार को अन्य समस्याओं की ओर भी ध्यान देने की जरूरत है। बढ़ती महंगाई और उपज का सही मूल्य न मिल पाने से किसान गरीब होता जा रहा है।
सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन किसान का भला नहीं हो रहा। कृषि कानूनों की वापसी अलग मुद्दा है, लेकिन अगर सरकार उपज का उचित मूल्य नहीं दिला पा रही है तो उसे नाकाम ही कहा जाएगा। किसानों ने कहा कि छुट्टा जानवर उनकी फसल चर जाते हैं। इस पर भी सरकार ध्यान दे।
कृषि कानूनों के अलावा सरकार को किसानों की अन्य समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए। मेरे तीन एकड़ धान बारिश में खराब हो गए। आज तक जांच नहीं की गई और मुआवजे के संबंध में कोई आश्वासन तक नहीं दिया गया।
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रामसागर अवस्थी, उदयपुर खखरा बंडा
गन्ने का बकाया भुगतान जल्द कराया जाना चाहिए। यह बड़ी समस्या है। इसके अलावा किसान का धान सेंटर पर सही रेट में बिक सके, इस पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। किसानों के लिए सस्ता डीजल भी मुहैया कराना चाहिए।
रामशंकर मिश्रा, सिल्हुआ खुटार
कृषि कानून खत्म करके सरकार ने किसानों को खुश करने की कोशिश की है। खाद की किल्लत, उपज का सही मूल्य न मिल पाना, डीजल की बढ़ती कीमत, गन्ने का समय पर पेमेंट न मिलना यह ऐसी दिक्कते है जिन्हें दूर करने की आवश्यकता है।
अशोक कुशवाहा, सिकंदरपुर, जलालाबाद
कृषि कानून के बारे में हमें ज्यादा जानकारी नही है। क्षेत्र के किसानों की सबसे बड़ी समस्या छुट्टा जानवर हैं। इसके अलावा सरकारी केंद्रों पर किसान का धान और गेहूं आसानी से नहीं तौला जाता। इन पर भी सरकार कुछ करे।
नन्हकू, मढिया गोंसाई, जलालाबाद
महंगाई से सबसे ज्यादा परेशान किसान है। कृषि यंत्रों के दामों में बढ़ोतरी, महंगा होता डीजल, सबका भार किसान पर पड़ता। जमा-पूंजी लगाकर फसल उगाने के बाद किसान आसानी से न तो अपनी उपज बेच पाता है और न ही मूल्य प्राप्त कर पाता है।
अनिल वर्मा, प्रधान ग्राम पंचायत रुद्रपुर, तिलहर
किसान की वास्तविक समस्याओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है। किसान को गन्ना, धान और गेहूं का मूल्य समय से प्राप्त करने में चक्कर लगाने पड़ते हैं। सरकार को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए।
श्याम पाल वर्मा, प्रधान ग्राम पंचायत नवदिया धूसर, तिलहर
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सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन किसान का भला नहीं हो रहा। कृषि कानूनों की वापसी अलग मुद्दा है, लेकिन अगर सरकार उपज का उचित मूल्य नहीं दिला पा रही है तो उसे नाकाम ही कहा जाएगा। किसानों ने कहा कि छुट्टा जानवर उनकी फसल चर जाते हैं। इस पर भी सरकार ध्यान दे।
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कृषि कानूनों के अलावा सरकार को किसानों की अन्य समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए। मेरे तीन एकड़ धान बारिश में खराब हो गए। आज तक जांच नहीं की गई और मुआवजे के संबंध में कोई आश्वासन तक नहीं दिया गया।
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रामसागर अवस्थी, उदयपुर खखरा बंडा
गन्ने का बकाया भुगतान जल्द कराया जाना चाहिए। यह बड़ी समस्या है। इसके अलावा किसान का धान सेंटर पर सही रेट में बिक सके, इस पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। किसानों के लिए सस्ता डीजल भी मुहैया कराना चाहिए।
रामशंकर मिश्रा, सिल्हुआ खुटार
कृषि कानून खत्म करके सरकार ने किसानों को खुश करने की कोशिश की है। खाद की किल्लत, उपज का सही मूल्य न मिल पाना, डीजल की बढ़ती कीमत, गन्ने का समय पर पेमेंट न मिलना यह ऐसी दिक्कते है जिन्हें दूर करने की आवश्यकता है।
अशोक कुशवाहा, सिकंदरपुर, जलालाबाद
कृषि कानून के बारे में हमें ज्यादा जानकारी नही है। क्षेत्र के किसानों की सबसे बड़ी समस्या छुट्टा जानवर हैं। इसके अलावा सरकारी केंद्रों पर किसान का धान और गेहूं आसानी से नहीं तौला जाता। इन पर भी सरकार कुछ करे।
नन्हकू, मढिया गोंसाई, जलालाबाद
महंगाई से सबसे ज्यादा परेशान किसान है। कृषि यंत्रों के दामों में बढ़ोतरी, महंगा होता डीजल, सबका भार किसान पर पड़ता। जमा-पूंजी लगाकर फसल उगाने के बाद किसान आसानी से न तो अपनी उपज बेच पाता है और न ही मूल्य प्राप्त कर पाता है।
अनिल वर्मा, प्रधान ग्राम पंचायत रुद्रपुर, तिलहर
किसान की वास्तविक समस्याओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है। किसान को गन्ना, धान और गेहूं का मूल्य समय से प्राप्त करने में चक्कर लगाने पड़ते हैं। सरकार को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए।
श्याम पाल वर्मा, प्रधान ग्राम पंचायत नवदिया धूसर, तिलहर

अशोक कुशवाहा जलालाबाद- फोटो : SHAHJAHANPUR

नन्हकू जलालाबाद- फोटो : SHAHJAHANPUR

अनिल वर्मा- फोटो : SHAHJAHANPUR

रामशंकर मिश्रा, सिल्हुआ खुटार- फोटो : POWAYAN

रामसागर अवस्थी, उदयपुर खखरा बंडा- फोटो : POWAYAN