{"_id":"61b3a0738d0af574bb4ee05b","slug":"farmers-protest-shahjahanpur-news-bly468840684","type":"story","status":"publish","title_hn":"बजाज चीनी मिल पर धरना-प्रदर्शन में 12 को पहुंचेंगे वीएम सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बजाज चीनी मिल पर धरना-प्रदर्शन में 12 को पहुंचेंगे वीएम सिंह
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पुवायां। शुक्रवार को जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम, सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव विनोद कुमार धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मिल के जीएम केन हितेंद्र सिंह को भी मौके पर बुलाया और भुगतान के बारे में जानकारी की। जीएम केन और अधिकारियों की किसानों से वार्ता होती रही, लेकिन कोई निर्णय नहीं हो सका।
जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह ने बताया कि मिल अधिकारी चीनी बिकने पर ही गन्ना भुगतान की बात कह रहे हैं, लेकिन जो चीनी पहले बेची गई है उसके भुगतान के बारे में कुछ नहीं कह रहे हैं। जीएम केन से शुक्रवार रात तक तीन करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेजने का वायदा किया था और अब सोमवार को भुगतान की बात कही जा रही है। भूपेंद्र सिंह गिल, अंग्रेज सिंह, गुरनाम सिंह, उमाशंकर पटेल, रविंद्र कुमार, विपिन शर्मा, अनुरुद्ध गंगवार, विपिन गंगवार, मुनीश कुमार, सुरेंद्र सिंह सहित तमाम किसान मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री के आगमन और आंदोलन को लेकर चिंतित अधिकारी
अधिकारी चाहते हैं कि प्रधानमंत्री के 18 दिसंबर को शाहजहांपुर आगमन से पहले धरना समाप्त हो जाए। लेकिन किसान गत वर्ष का बकाया मिलने के बाद ही धरना समाप्त करने की बात कह रहे हैं।
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सेंटर दूसरी मिलों को दिए जाने की मांग
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन, भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट और किसानों के कुछ अन्य संगठन मांग कर रहे हैं कि जब बजाज चीनी मिल गन्ने का भुगतान नहीं कर रहा है तो उन लोगों को बजाज चीनी मिल को गन्ना देने के लिए विवश क्यों किया जा रहा है। जो सेंटर बजाज चीनी मिल को आवंटित हैं, उनको निगोही, अजबापुर सहित दूसरी मिलों को आवंटित किया जाना चाहिए, जिससे वह लोग अपना गन्ना दूसरी मिलों को दे सकें।
आज विवाद की आशंका
किसान संगठनों ने बजाज चीनी मिल में 11 दिसंबर से पेराई बंद कराने की चेतावनी दी है तो कुछ किसान खेतों को गन्ने से खाली कर दूसरी फसलों को बोने की बात कहते हुए मिल में तौल बंद कराने का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में शनिवार को तौल बंद कराई गई तो विवाद हो सकता है।
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जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह ने बताया कि मिल अधिकारी चीनी बिकने पर ही गन्ना भुगतान की बात कह रहे हैं, लेकिन जो चीनी पहले बेची गई है उसके भुगतान के बारे में कुछ नहीं कह रहे हैं। जीएम केन से शुक्रवार रात तक तीन करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेजने का वायदा किया था और अब सोमवार को भुगतान की बात कही जा रही है। भूपेंद्र सिंह गिल, अंग्रेज सिंह, गुरनाम सिंह, उमाशंकर पटेल, रविंद्र कुमार, विपिन शर्मा, अनुरुद्ध गंगवार, विपिन गंगवार, मुनीश कुमार, सुरेंद्र सिंह सहित तमाम किसान मौजूद रहे।
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प्रधानमंत्री के आगमन और आंदोलन को लेकर चिंतित अधिकारी
अधिकारी चाहते हैं कि प्रधानमंत्री के 18 दिसंबर को शाहजहांपुर आगमन से पहले धरना समाप्त हो जाए। लेकिन किसान गत वर्ष का बकाया मिलने के बाद ही धरना समाप्त करने की बात कह रहे हैं।
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सेंटर दूसरी मिलों को दिए जाने की मांग
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन, भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट और किसानों के कुछ अन्य संगठन मांग कर रहे हैं कि जब बजाज चीनी मिल गन्ने का भुगतान नहीं कर रहा है तो उन लोगों को बजाज चीनी मिल को गन्ना देने के लिए विवश क्यों किया जा रहा है। जो सेंटर बजाज चीनी मिल को आवंटित हैं, उनको निगोही, अजबापुर सहित दूसरी मिलों को आवंटित किया जाना चाहिए, जिससे वह लोग अपना गन्ना दूसरी मिलों को दे सकें।
आज विवाद की आशंका
किसान संगठनों ने बजाज चीनी मिल में 11 दिसंबर से पेराई बंद कराने की चेतावनी दी है तो कुछ किसान खेतों को गन्ने से खाली कर दूसरी फसलों को बोने की बात कहते हुए मिल में तौल बंद कराने का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में शनिवार को तौल बंद कराई गई तो विवाद हो सकता है।