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बंडा में हाईवे पर लगी धान भरी ट्रैक्टर ट्रॉलियों की लंबी लाइन
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बंडा उप मंडी स्थल के बाहर लगी धान भरी ट्रैक्टर ट्रालियों की लाइन
- फोटो : POWAYAN
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पुवायां/बंडा। पुवायां तहसील में धान की फसल काफी समय पहले काटी जा चुकी है। सरकारी धान खरीद भी एक अक्तूबर से ही रही है, लेकिन डेढ़ माह बाद भी किसान धान बेचने के लिए परेशान घूम रहे हैं। किसानों का कहना है कि आठ से दस दिन तक लाइन में लगे रहने के बाद भी धान नहीं बिक रहा है। बंडा में हाईवे पर धान से भरी ट्रैक्टर ट्रॉलियों की लंबी लाइन लगी हुई है।
बंडा उप मंडी में धान खरीद के लिए 18 क्रय केंद्र बनाए हैं। गांव भौरखेड़ा जिगनिया निवासी विजयपाल ने बताया कि वह आठ दिन पहले धान लेकर मंडी आए थे, लेकिन अभी तक धान की तौल नहीं हो सकी है, जबकि केंद्रों पर बराबर तौल की जाती है। केंद्र प्रभारी सांठगांठ कर बिचौलियों का धान तौल रहे हैं।
गांव बरीबरा के रंजोध सिंह भी सात दिन से धान लेकर मंडी में पड़े हुए हैं। किसानों ने मांग की है कि मंडी में धान तौल की क्षमता बढ़ाई जाए। इस संबंध में एएमओ हनुमान प्रसाद यादव ने बताया कि मंडी में सभी क्रय केंद्रों पर धान की तौल हो रही है, फिर भी किसानों की लाइनें कम नहीं हो रही हैं। क्षमता से कहीं ज्यादा धान मंडी में आ रहा है, इस कारण समस्या है।
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धान क्रय केंद्रों पर किसानों से सीधे नहीं बिचौलियों के माध्यम से खरीद हो रही है। किसान जाता है तो उसे टरका दिया जाता है। अधिकारियों से कहते हैं तो वह भी ध्यान नहीं देते हैं। इन हालातों में किसान लुट रहा है। सुनने वाला कोई नहीं।
- अनिल सिंह यादव, तहसील अध्यक्ष, भाकियू टिकैत गुट पुवायां
सरकारी धान खरीद में भी किसान लूटा जा रहा है। किसान अगर राइस मिल में भी धान बिक्री करे तो उससे रजिस्ट्रेशन के कागजात मांगे जा रहे हैं और उस पर उसे 16 से 17 सौ का रेट दिया जा रहा है। बिचौलियों की मौज है। क्रय केंद्रों पर खरीद नाममात्र की है। - महेंद्र पाल सिंह यादव, (जिलाध्यक्ष), भाकियू भानु गुट शाहजहांपुर
बंडा मंडी में 18 सेंटर हैं। यहां रोजाना 10800 क्विंटल धान तौला जाना चाहिए, लेकिन रोजाना 36 ट्रालियां ही मंडी में जाने दी जाती है। 36 ट्रालियों में 2520 क्विंटल धान ही होता है। शेष धान किसका और कैसे तौला जा रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए। - तरविंदर सिंह मोमी, जिलाध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ भाकियू चढ़ूनी शाहजहांपुर
मैं सात दिन पहले वह धान लेकर मंडी आया था। अभी धान की तौल नहीं हो सकी है। अधिकारियों को जांच करनी चाहिए कि आखिर धान किसका और कितना तौला जा रहा है। - बलजिंदर सिंह, किसान, चांदूपुर पड़री बंडा
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बंडा उप मंडी में धान खरीद के लिए 18 क्रय केंद्र बनाए हैं। गांव भौरखेड़ा जिगनिया निवासी विजयपाल ने बताया कि वह आठ दिन पहले धान लेकर मंडी आए थे, लेकिन अभी तक धान की तौल नहीं हो सकी है, जबकि केंद्रों पर बराबर तौल की जाती है। केंद्र प्रभारी सांठगांठ कर बिचौलियों का धान तौल रहे हैं।
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गांव बरीबरा के रंजोध सिंह भी सात दिन से धान लेकर मंडी में पड़े हुए हैं। किसानों ने मांग की है कि मंडी में धान तौल की क्षमता बढ़ाई जाए। इस संबंध में एएमओ हनुमान प्रसाद यादव ने बताया कि मंडी में सभी क्रय केंद्रों पर धान की तौल हो रही है, फिर भी किसानों की लाइनें कम नहीं हो रही हैं। क्षमता से कहीं ज्यादा धान मंडी में आ रहा है, इस कारण समस्या है।
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धान क्रय केंद्रों पर किसानों से सीधे नहीं बिचौलियों के माध्यम से खरीद हो रही है। किसान जाता है तो उसे टरका दिया जाता है। अधिकारियों से कहते हैं तो वह भी ध्यान नहीं देते हैं। इन हालातों में किसान लुट रहा है। सुनने वाला कोई नहीं।
- अनिल सिंह यादव, तहसील अध्यक्ष, भाकियू टिकैत गुट पुवायां
सरकारी धान खरीद में भी किसान लूटा जा रहा है। किसान अगर राइस मिल में भी धान बिक्री करे तो उससे रजिस्ट्रेशन के कागजात मांगे जा रहे हैं और उस पर उसे 16 से 17 सौ का रेट दिया जा रहा है। बिचौलियों की मौज है। क्रय केंद्रों पर खरीद नाममात्र की है। - महेंद्र पाल सिंह यादव, (जिलाध्यक्ष), भाकियू भानु गुट शाहजहांपुर
बंडा मंडी में 18 सेंटर हैं। यहां रोजाना 10800 क्विंटल धान तौला जाना चाहिए, लेकिन रोजाना 36 ट्रालियां ही मंडी में जाने दी जाती है। 36 ट्रालियों में 2520 क्विंटल धान ही होता है। शेष धान किसका और कैसे तौला जा रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए। - तरविंदर सिंह मोमी, जिलाध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ भाकियू चढ़ूनी शाहजहांपुर
मैं सात दिन पहले वह धान लेकर मंडी आया था। अभी धान की तौल नहीं हो सकी है। अधिकारियों को जांच करनी चाहिए कि आखिर धान किसका और कितना तौला जा रहा है। - बलजिंदर सिंह, किसान, चांदूपुर पड़री बंडा