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हफ्तों से सेंटरों पर पड़े हैं किसान....नहीं तुल रहा धान

Mon, 19 Oct 2020 01:40 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 19 Oct 2020 01:40 AM IST
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Farmers have been lying at centers for weeks.
पुवायां (शाहजहांपुर)। क्रय केंद्रों पर कोई किसान धान लिए आठ दिनों से रुका है तो किसी को दस दिन गुजर गए। मगर सिस्टम पर हावी हो चुके क्रय केंद्र प्रभारी धान नहीं तौल रहे हैं। एसडीएम पुवायां के सामने तो सेंटर इंचार्जों की धांधली कई बार सामने आ चुकी है, लेकिन कार्रवाई किसी केंद्र प्रभारी के खिलाफ नहीं की गई। अच्छे दिन लाने का दावा करने वाली सरकार किसानों की दुर्दशा पर ध्यान नहीं दे रही है। कई केंद्र प्रभारियों पर किसानों को धमकाने का आरोप है।
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दस दिन बाद भी नहीं तुला धान
बंडा। गांव जलालपुर निवासी राममिलन मंडी में आठ अक्तूबर को धान लेकर आए थे। दस दिन बीत जाने के बाद भी उनका धान सेंटर इंचार्ज नहीं तोल रहे हैं। दस रातों से जगकर धान की रखवाली कर रहे हैं। राममिलन ने बताया कि अभी उनको यह ही नहीं बताया गया है कि धान कब तुलेगा। इससे वह बेहद परेशान हैं। धान की रखवाली में फंसे होने से खेती के अन्य काम ठप हैं। संवाद
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चार दिन से आरएफसी सेंटर पर, नहीं तुल रहा धान
गांव उमरसड़ा के किसान राजाराम चार दिन से अपना धान लेकर पुवायां मंडी में आरएफसी के सेंटर पड़े हुए हैं, लेकिन कोई सेंटर प्रभारी उनका धान नहीं तोल रहा है। नमी तक चेक नहीं की गई है। बताया कि, मंगलवार को तोल कराने की बात सेंटर प्रभारी कर रहे हैं। जब चार रात गुजार चुके है तो दो और गुजारेंगे। उनका पुत्र रोजाना सुबह शाम घर से खाना देने आता है।
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कोई सुनने वाला नहीं तो किसे बताएं
गांव मुडिया वैश्य निवासी सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि वह 11 अक्तूबर को पुवायां मंडी में नेफेड के सेंटर पर धान लेकर आए थे। अभी तक तोल नहीं हो सकी है। 17 प्रतिशत नमी तक का धान खरीदने के निर्देश हैं। उनके धान की नमी 13.7 है, फिर भी कोई सुनने वाला नहीं है। 15 अक्तूबर को धान तोला जाना था, लेकिन 18 तक नहीं तोला जा सका है। कोई सुनने वाला आए तभी तो पीड़ा सुनाएं
छह दिन से धान तौल के लिए परेशान, मिल रही धमकी
खुटार। गांव सिल्हुआ निवासी रामशंकर मिश्रा ने बताया कि एफसीआई के सेंटर पर छह दिन पूर्व धान लाए थे। अभी तक तोल नहीं की गई। सेंटर प्रभारी प्रदीप कुमार नदारद रहते हैं। फोन से संपर्क करने पर बारदाना और श्रमिक और नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते है। किसान इधर उधर भटकते रहते है। आरोप लगाया कि ठेकेदार से बात करने पर कहा कि परेशान करोगे तो सरकारी कागज फाड़ कर एफआईआर करा देंगे। संवाद
अधिकारी न देखने आ रहे न ले रहे सुध
गांव मुड़िया वैश्य के सत्यपाल सिंह नेफेड के सेंटर पर धान की रखवाली करते मिले। बताया कि पांच दिन से धान लेकर सेंटर पर पड़े हैं। अभी तक नंबर नहीं आया है। बताया जा रहा है कि 20 अक्तूबर को तोला जाएगा। अभी तक किसी अधिकारी ने भी सुध नहीं ली। अगर अधिकारी देखने आए और किसानों की पीड़ा सुने तो ही वह जान पाएंगे कि किसान की हालत क्या है। किसान की सुनने वाला कोई नहीं है। किसान भगवान भरोसे है।
पांच दिनों से कोचर फार्म के एफसीआई सेंटर पर ट्रालियों से धान लेकर आए हैं। यहां पर धान की तौल के लिए कोई व्यवस्था नही है। शनिवार को सेंटर पर तौल नहीं की गई। सेंटर इंचार्ज ध्यान नहीं दे रहे हैं।
- जगतार सिंह, गांव रसवां कलां, खुटार
शनिवार को धान क्रय सेंटर पर धान लेकर आए थे। सेंटर इंचार्ज ने बाहर होने की बात कहकर तोल करने से इंकार कर दिया। एसडीएम से शिकायत की लेकिन कोई संज्ञान नहीं लिया गया। रविवार तक आसरा देखने के बाद धान की भरी ट्राली लेकर आढ़त पर बेचने जा रहे हैं।
- वीरेंद्र शुक्ला, मलिका, खुटार
एक ही सेंटर से ज्यादा गांव जोड़े जाने और सेंटर से गांवों की ज्यादा दूरी की जानकारी कराई जाएगी। किसानों को धान बेचने में कोई नहीं दी जाएगी। - गिरजेश कुमार चौधरी, एडीएम वित्त एवं राजस्व
धान खरीद में समस्या पर किसानों की शिकायत पर गंभीरता से ध्यान दिया जा रहा है। मैं खुद सेंटरों का निरीक्षण कर रहा हूं। धान खरीदने में आनाकानी करने वाले सेंटर प्रभारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
- दशरथ कुमार, एसडीएम पुवायां
किसी क्रय केंद्र पर पांच से सात गांव तो किसी पर पच्चीस, कैसे हो खरीद
खुटार। धान खरीद में माफिया हावी हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता हैं कि गांव से बीस से पच्चीस किलोमीटर की दूरी पर लगे क्रय केंद्र से गांव का नाम जोड़ा गया है। दूसरे सेंटर पर जाने पर धान लेने से मना कर दिया जाता है।
किसानों राममिलन, विदनेश कुमार, हरीराम, जियनलाल का कहना हैं कि अधिकारियों से बात करो तो वह कहते है कि किसान किसी भी सेंटर पर धान बेच सकता है। सेंटर पर पहुंचो तो प्रभारी कहते हैं कि उनका गांव दूसरे सेंटर से अटैच है। किसानों को इसी बहाने से एक सेंटर से दूसरे सेंटर टरकाया जा रहा है। गांव रजमना में लगे पीसीयू के सेंटर पर पच्चीस गांव जोड़े गए हैं। सेंटर पर मात्र एक कांटा ही उपलब्ध है, जिससे किसानों को धान तुलवाने के लिए कई दिन इंतजार करना पड़ता है। केंद्र प्रभारी अभिषेक गुप्ता ने बताया कि दो दर्जन गांव की भीड़ संभालना मुश्किल होता है। एक ही कांटा होने और जगह कम होने के कारण टोकन देकर किसानों को नंबर से बुलाया जा रहा है। बारदाना भी कम पड़ सकता हैं।

धान खरीद में धांधली पर धरना प्रदर्शन करेंगे भाकिमसं कार्यकर्ता
खुटार। भारतीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ता सेंटरों पर किसानों का धान नहीं तुलने और धान खरीद में बरती जा रही धांधली को लेकर सोमवार को कोचर फार्म पर लगे एफसीआई के सेंटर पर धरना प्रदर्शन करेंगे। संगठन के जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह और ब्लॉक अध्यक्ष रामशंकर मिश्रा ने बताया कि शनिवार को एसडीएम से शिकायत के बाद भी समस्या का निदान नहीं हो सका है। रविवार को किसानों की बैठक में धरना प्रदर्शन का निर्णय लिया गया है। आरोप है कि तमाम सेंटरों पर किसानों को लौटाया जा रहा है। खुटार के कोचर फार्म पर लगे एफसीआई के सेंटर पर तो प्रभारी किसानों से अभद्रता पर उतारू हैं। कई सेंटरों पर किसानों ने धान खरीद पर सुविधा शुल्क मांगा जा रहा है। सोमवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ता किसानों की समस्याओं को लेकर कोचर फार्म के एफसीआई सेंटर पर धरना प्रदर्शन करेंगे। समस्या का समाधान होने के बाद ही धरना समाप्त किया जाएगा। इस मौके पर अमरीक सिंह, जगतार सिंह, सतनाम सिंह, रविशंकर मिश्रा, सुखदेव सिंह, तरसेम सिंह सहित तमाम किसान मौजूद रहे।
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