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खाद लेने के लिए लंबी कतार: शाहजहांपुर के मिर्जापुर में उमड़ी किसानों की भीड़, पुलिस ने कराया वितरण

Thu, 21 Nov 2024 04:26 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 21 Nov 2024 04:26 PM IST
सार

मिर्जापुर स्थित साधन सहकारी समिति में बुधवार को खाद न मिलने पर किसानों ने जमकर हंगामा किया था। इसके बाद रात में यहां स्टॉक पहुंचा। गुरुवार सुबह से पुलिस की मौजूदगी में खाद का वितरण कराया गया। 

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farmers gathered to buy fertilizer in Mirzapur Shahjahanpur
मिर्जापुर में खाद लेने के लिए कतार में बैठे किसान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शाहजहांपुर के मिर्जापुर स्थित साधन सहकारी समिति में बृहस्पतिवार को सुबह से ही खाद का वितरण शुरू हो गया। खाद लेने के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान पुलिस ने किसानों को लाइन में लगाकर खाद बंटवाई।

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बुधवार को खाद न मिलने से नाराज किसानों ने काफी हंगामा किया था। इस दौरान मुरादाबाद-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह समझा-बुझाकर ग्रामीणों को शांत किया। किसानों को खाद वितरण का आश्वासन दिया गया था। देर रात को ही खाद का स्टाक साधन सहकारी समिति पर पहुंच गया और सुबह नौ बजे से वितरण भी शुरू कर दिया गया। पुलिस की मौजूदगी में किसानों की लाइन लगाकर उनको खाद वितरण किया गया। 
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इसी तरह से मदनापुर क्षेत्र की सहकारी समिति लश्करपुर और बरी खास समिति पर शाम तक खाद उपलब्ध होने की बात कही जा रही है। सेहरामऊ दक्षिणी किसान सेवा सहकारी समिति पर एनपीके तथा यूरिया खाद वितरित हुई। इस दौरान प्रति किसान को दो-दो बोरी खाद दी गई।

जलालाबाद की समितियों में तीन दिन से संकट
तीन दिन से जलालाबाद क्षेत्र की किसी भी सहकारी समिति पर खाद उपलब्ध नहीं है। इससे किसान परेशान हैं। खाद के संकट से कम जोत वाले छोटे किसान ज्यादा जूझ रहे हैं। इस कारण गेहूं की बोआई पिछड़ रही है। अनुमान के मुताबिक, ब्लॉक क्षेत्र में लगभग 11 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल होनी है। आलू और सरसों की फसल भी की जाती है। इन सभी फसलों के लिए किसान डीएपी खाद को प्राथमिकता देते हैं और नहीं मिलने पर खेत में एनपीके डालते हैं। 

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अभी तक ब्लॉक क्षेत्र की सभी दस समितियों के माध्यम से लगभग 11,500 बोरी डीएपी और 6000 बोरी एनपीके का वितरण हो चुका है। इसके बावजूद तमाम किसान खाद के लिए भटक रहे हैं। एडीओ को-ऑपरेटिव संजय दीक्षित ने बताया कि वितरण से पहले आधार कार्ड जमा कराकर खाद की उपलब्धता के अनुरूप किसानों को पर्चियां जारी की जा रही हैं। 

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