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आंधी के साथ हुई झमाझम बारिश से खिले किसानों के चेहरे
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शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में ट्रामा सेंटर के बाहर भरा पानी
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। कई दिनों से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को सोमवार दोपहर बाद बड़ी राहत मिली। पहले आंधी और उसके बाद करीब दस मिनट तक हुई बारिश से शहर की सड़कों और निचले स्थानों पर जलभराव होने से लोगों को समस्या सामना तो करना पड़ा, लेकिन गर्मी से राहत पाकर लोगों ने चैन की सांस ली। इस दौरान करीब 17 मिमी बारिश हो गई। बारिश के लिए टकटकी लगाए बैठै किसानों के भी चेहरे खिल उठे।
रविवार रात में न्यूनतम तापमान पहले ही 0.8 डिग्री बढ़कर 27 डिग्री सेल्सियस हो चुका था। सोमवार को सुबह दस बजे के बाद धूप निकल आई। दोपहर तक इतनी गर्मी हो गई कि अधिकतम तापमान दो डिग्री बढ़कर 34 डिग्री सेल्सियस हा गया, लेकिन दोपहर 1.30 बजे के बाद अचानक हवा ने अंधड़ का रूप ले लिया। करीब पांच मिनट तक धूल भरी आंधी चलने के बाद चौतरफा घिरे बादल बरसने लगे। इसके बाद भी देर तक बूंदाबांदी होती रही।
वातावरण में आर्द्रता का स्तर बढ़ने से हवा में ठंडक बढ़ी तो गर्मी और उमस से राहत मिल गई, लेकिन शहर में कई जगह सड़कों पर पानी भर जाने से इतनी कीचड़ हो गई कि राह चलना दुश्वार हो गया। जेल रोड पर बहादुरपुरा, बहादुरगंज की गल्ला मंडी, लोहामंडी तिराहा, लकड़ी मंडी आदि क्षेत्रों में कई जगह सड़कें तालाब में बदल गईं। गन्ना शोध परिषद के मौसम विशेषज्ञ सुरेंद्र सिंह के अनुसार मंगलवार को भी मध्यम से भारी वर्षा होने के आसार हैं क्योंकि वायुदाब सामान्य से बहुत कम है।
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धान और दलहन को वरदान साबित होगी बारिश
सोमवार को बारिश भले ही कुछ देर हुई हो, उससे खरीफ की सभी फसलों को जीवन दान मिलेगा। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी के अनुसार आज हुई बरसात धान सहित उड़द, मूंग, मूंगफली, सोयाबीन आदि दलहनी फसलों के लिए वरदान साबित होगी। उन्होंने कहा कि अभी बारिश इतनी नहीं हुई कि पानी खेतों में भरने की नौबत आए। इसलिए बलुई दोमट मिट्टी वाले खेतों में पानी का जमाव नहीं होने से मूंगफली की फलियां भी मजबूत होंगी। डॉ. त्रिपाठी के अनुसार खेतों में गन्ना अभी बड़ा नहीं हुआ है, इसलिए तेज हवा से गन्ना गिरने की भी कोई आशंका नहीं है।
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रविवार रात में न्यूनतम तापमान पहले ही 0.8 डिग्री बढ़कर 27 डिग्री सेल्सियस हो चुका था। सोमवार को सुबह दस बजे के बाद धूप निकल आई। दोपहर तक इतनी गर्मी हो गई कि अधिकतम तापमान दो डिग्री बढ़कर 34 डिग्री सेल्सियस हा गया, लेकिन दोपहर 1.30 बजे के बाद अचानक हवा ने अंधड़ का रूप ले लिया। करीब पांच मिनट तक धूल भरी आंधी चलने के बाद चौतरफा घिरे बादल बरसने लगे। इसके बाद भी देर तक बूंदाबांदी होती रही।
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वातावरण में आर्द्रता का स्तर बढ़ने से हवा में ठंडक बढ़ी तो गर्मी और उमस से राहत मिल गई, लेकिन शहर में कई जगह सड़कों पर पानी भर जाने से इतनी कीचड़ हो गई कि राह चलना दुश्वार हो गया। जेल रोड पर बहादुरपुरा, बहादुरगंज की गल्ला मंडी, लोहामंडी तिराहा, लकड़ी मंडी आदि क्षेत्रों में कई जगह सड़कें तालाब में बदल गईं। गन्ना शोध परिषद के मौसम विशेषज्ञ सुरेंद्र सिंह के अनुसार मंगलवार को भी मध्यम से भारी वर्षा होने के आसार हैं क्योंकि वायुदाब सामान्य से बहुत कम है।
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धान और दलहन को वरदान साबित होगी बारिश
सोमवार को बारिश भले ही कुछ देर हुई हो, उससे खरीफ की सभी फसलों को जीवन दान मिलेगा। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी के अनुसार आज हुई बरसात धान सहित उड़द, मूंग, मूंगफली, सोयाबीन आदि दलहनी फसलों के लिए वरदान साबित होगी। उन्होंने कहा कि अभी बारिश इतनी नहीं हुई कि पानी खेतों में भरने की नौबत आए। इसलिए बलुई दोमट मिट्टी वाले खेतों में पानी का जमाव नहीं होने से मूंगफली की फलियां भी मजबूत होंगी। डॉ. त्रिपाठी के अनुसार खेतों में गन्ना अभी बड़ा नहीं हुआ है, इसलिए तेज हवा से गन्ना गिरने की भी कोई आशंका नहीं है।