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Shahjahanpur News: कई फ्यूल पंप पर डीजल की कमी से किसान परेशान
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निगोही। कई फ्यूल स्टेशनों पर डीजल की कमी के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पंप मालिकोंं का कहना है कि तेल कंपनियों से आपूर्ति कम हो गई है, जबकि डीजल की मांग बढ़ गई है।
इस दिनों तेज धूप निकलने और गर्म हवा चलने से खेतों में तैयार हो रही गन्ना, मक्का आदि फसलों को पानी की बहुत आवश्यकता है। सिंचाई के लिए अधिकतर किसानों के पास डीजल से चलने वाले पंपिंग सेट है। पिछले तीन दिन से डीजल नहीं मिल पाने के कारण पंपिंग सेट बंद पड़े हैं और सिंचाई नहीं हो पाने से कई किसानों की फसलें सूखने के कगार पर पहुंच रही हैं। यही वजह है कि जिस पंप पर डीजल होने का पता चलता है, किसानों समेत अन्य लोग वहीं अपने वाहन और प्लास्टिक केन लेकर पहुंच जाते हैं।
गत बुधवार को कस्बे के एक फ्यूल पंप पर डीजल लेकर एक टैंकर पहुंचा। इसकी भनक लगते ही वहां लोगों की काफी भीड़ लग गई और तमाम वाहन इकट्ठा हो गए। कुछ ही देर में डीजल खत्म हो जाने पर तमाम लोग मायूस होकर लौट गए।
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बृहस्पतिवार को सवेरे दस बजे से कुछ पंपों पर पेट्रोल तो मिलने लगा किंतु डीजल नहीं मिल सका। इस कारण मार्ग पर चलने वाले तमाम बड़े वाहन देर तक खड़े रहे और डीजल मिलने के बाद ही रवाना हो सके। एक फ्यूल पंप के मालिक का कहना है कि 24 घंटों में डीजल का सिर्फ एक टैंकर मिल रहा है जोकि मांग की तुलना में बहुत कम है। किसान नेता देवेंद्र पाल सिंह ने फसलों की सिंचाई के लिए सरकार से डीजल की पर्याप्त व्यवस्था कराने की मांग की गई है।
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डीजल और पेट्रोल का जिले में पर्याप्त भंडार है। सभी फ्यूल स्टेशन पर मांग के अनुसार आपूर्ति की जा रही है। विभाग की टीमें लगातार इसकी निगरानी कर रही हैं। हो सकता है कि कहीं पर टैंकर पहुंचने में समय लगा हो।
- चमन शर्मा, डीएसओ
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इस दिनों तेज धूप निकलने और गर्म हवा चलने से खेतों में तैयार हो रही गन्ना, मक्का आदि फसलों को पानी की बहुत आवश्यकता है। सिंचाई के लिए अधिकतर किसानों के पास डीजल से चलने वाले पंपिंग सेट है। पिछले तीन दिन से डीजल नहीं मिल पाने के कारण पंपिंग सेट बंद पड़े हैं और सिंचाई नहीं हो पाने से कई किसानों की फसलें सूखने के कगार पर पहुंच रही हैं। यही वजह है कि जिस पंप पर डीजल होने का पता चलता है, किसानों समेत अन्य लोग वहीं अपने वाहन और प्लास्टिक केन लेकर पहुंच जाते हैं।
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गत बुधवार को कस्बे के एक फ्यूल पंप पर डीजल लेकर एक टैंकर पहुंचा। इसकी भनक लगते ही वहां लोगों की काफी भीड़ लग गई और तमाम वाहन इकट्ठा हो गए। कुछ ही देर में डीजल खत्म हो जाने पर तमाम लोग मायूस होकर लौट गए।
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बृहस्पतिवार को सवेरे दस बजे से कुछ पंपों पर पेट्रोल तो मिलने लगा किंतु डीजल नहीं मिल सका। इस कारण मार्ग पर चलने वाले तमाम बड़े वाहन देर तक खड़े रहे और डीजल मिलने के बाद ही रवाना हो सके। एक फ्यूल पंप के मालिक का कहना है कि 24 घंटों में डीजल का सिर्फ एक टैंकर मिल रहा है जोकि मांग की तुलना में बहुत कम है। किसान नेता देवेंद्र पाल सिंह ने फसलों की सिंचाई के लिए सरकार से डीजल की पर्याप्त व्यवस्था कराने की मांग की गई है।
डीजल और पेट्रोल का जिले में पर्याप्त भंडार है। सभी फ्यूल स्टेशन पर मांग के अनुसार आपूर्ति की जा रही है। विभाग की टीमें लगातार इसकी निगरानी कर रही हैं। हो सकता है कि कहीं पर टैंकर पहुंचने में समय लगा हो।
- चमन शर्मा, डीएसओ