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UP News: शाहजहांपुर में खाद न मिलने पर भड़के किसान, स्टेट हाईवे पर लगाया जाम, हंगामा

Wed, 20 Nov 2024 01:30 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 20 Nov 2024 01:30 PM IST
सार

शाहजहांपुर जिले में खाद न मिलने से किसान परेशान हैं। सहकारी समितियों के किसान चक्कर काट रहे हैं, फिर भी उन्हें खाद नहीं मिल रही है। मिर्जापुर साधन सहकारी समिति पर बुधवार तमाम किसान पहुंचे, लेकिन वहां सचिव ही नहीं मिले। इससे किसान आक्रोशित हो गए। उन्होंने स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। 

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farmers angry due to not getting fertilizers blocked the highway in Shahjahanpur
सहकारी समिति पर जुटे किसान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शाहजहांपुर की मिर्जापुर साधन सहकारी समिति में खाद न मिलने से नाराज किसानों ने बुधवार को हंगामा करते हुए मुरादाबाद-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह समझा-बुझाकर ग्रामीणों को शांत किया। करीब आधे घंटे तक हाईवे पर जाम लगा रहा। वाहनों की लंबी कतार लग गई। 

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किसानों का कहना है कि वे कई दिन से खाद के लिए समिति के चक्कर लगा रहे हैं। रोज कल आने की बात कहकर उन्हें टरकाया जा रहा है। उनका खेत सूख रहा है। बुधवार सुबह जब वे लोग समिति पर आए तो सचिव नदारद मिले। मोबाइल पर बात करने का प्रयास किया तो नंबर स्विच ऑफ आ रहा था। इस पर किसान भड़क गए और हंगामा करना शुरू कर दिया। 
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हाईवे पर दोनों तरफ लग गई वाहनों की कतार 
किसान समिति से निकलकर सामने स्टेट हाईवे पर आ गए। उन लोगों ने पूर्वाह्न करीब 11 बजे हाईवे जाम कर दिया। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सूचना पर मिर्जापुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। लोगों को किनारे कर करीब आधे घंटे बाद जाम खुलवा दिया। दोपहर तक किसान समिति पर ही डटे हुए थे।
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खबर से संबंधित वीडियो 

भंडार में भरपूर होने का दावा
रबी की फसल की बोआई के लिए डीएपी की चाह में समितियों के चक्कर लगा रहे किसान परेशान हैं। उन्हें उपलब्धता न होने की बात कहकर लौटाया जा रहा है। जबकि, प्रशासन खाद के पर्याप्त भंडारण का दावा कर रहा है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि खाद जरूरतमंदों तक क्यों नहीं पहुंच पा रही, इस गोलमाल के पीछे कौन हैं? प्रशासन के पास भी इसका कोई सटीक जवाब नहीं है। हर वर्ष  गेहूं, आलू और सरसों की बोआई के समय खाद की किल्लत हो जाती है।  इसके बाद भी प्रशासन खाद वितरण की सही से तैयारी नहीं करता है। जब कहीं से खाद नहीं मिलती है तो किसान ब्लैक में खाद लेने के लिए मजबूर होते हैं।  

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देर होने पर बढ़ेगी खेती की लागत
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी ने बताया कि धान कटने के बाद खेतों में नमी है। किसान ने पलेवा लगाकर खेत तैयार कर लिए हैं। अगर खाद नहीं मिली तो खेतों से नमी खत्म हो जाएगी। ऐसे में फिर सिंचाई करके खेत में पलेवा लगाना पड़ेगा। इससे खेती की लागत बढ़ेगी। 

जिले में साधन समिति की संख्या- 115
16343 टन है डीएपी और एनपीके का लक्ष्य 
11900 टन अब तक वितरित हुई डीएपी व एनपीके 
80 से 120 टन भेजी जा चुकी प्रत्येक सोसाइटी को खाद 
71 हजार किसानों को हो चुका है वितरण  

कृषि विभाग के पास उवर्रक की स्थिति (टन में) 
कुल डीएपी और एनपीके का लक्ष्य : 46,398 
उपलब्ध डीएपी व एनपीके : 3,973 
अब तक वितरण- 13000 

24 घंटे में आने वाली हैं दो रैक 
कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अगले 24 घंटे में जिले में दो प्राइवेट कंपनियों की रैक पहुंचने वाली हैं। दोनों रैक से करीब 1700 टन डीएपी और एनपीके आएगी। इसमें से 30 प्रतिशत सहकारी साधन समितियों को भेज दी जाएगी। 

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