फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   farmer warn to shut mill gate

टेंट लगाकर गेट बंद करने के एलान से चीनी मिल अधिकारियों में मची खलबली

Thu, 05 Mar 2020 12:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 05 Mar 2020 12:42 AM IST
विज्ञापन
farmer warn to shut mill gate
मकसूदापुर/बंडा। किसान के गन्ने के बकाया दो लाख रुपये नहीं देने और 48 हजार रुपये फीस के रूप में बकाया होने पर बच्चों को परीक्षा नहीं देने से आक्रोशित किसानों का बजाज चीनी मिल मकसूदापुर गेट पर चल रहा धरना प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान किसानों ने मिल गेट के सामने टेंट लगाने का एलान किया तो मिल प्रबंधन में खलबली मच गई। बाद में पुलिस ने किसानों को समझाकर मामला संभाला।
विज्ञापन

बिलसंडा के गांव मरौरी निवासी अनिल सिंह के दो बच्चे बजाज पब्लिक स्कूल में पढ़ते हैं। अनिल सिंह के अनुसार बजाज चीनी मिल पर उनके गन्ने के दो लाख रुपये बकाया हैं, जबकि उन पर बजाज स्कूल की फीस के रूप में 48 हजार रुपये बकाया हैं। उन्होंने गन्ने का भुगतान मिलते ही फीस जमा करने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद भी उनके बच्चों को परीक्षा से वंचित कर दिया गया। इस बात को लेकर भारतीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार से चीनी मिल गेट के पास अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
विज्ञापन

बुधवार को भी चीनी मिल का कोई अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचा तो किसानों ने मिल गेट के सामने टेंट लगाकर गन्ना आपूर्ति रोकने का एलान कर दिया। इससे मिल प्रशासन में खलबली मच गई। मामले की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी राजेंद्र बहादुर सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाया कि गेट के सामने टेंट न लगाएं और शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन करते रहें। इस पर किसान मान गए लेकिन धरना प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। किसानों ने कहा कि भुगतान की समस्या हल नहीं होने तक धरना जारी रहेगा। बुधवार को धरना स्थल पर अमरजीत सिंह, रामशंकर मिश्रा, पवन कश्यप सहित तमाम किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

समिति के सचिव ने की किसानों से वार्ता
बजाज चीनी मिल गेट पर धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों से सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव अनिल कुमार सिंह और चीनी मिल के एचआर हेड विवश्वान त्रिपाठी ने वार्ता की। तय हुआ कि जिन किसानों के बच्चों की फीस नहीं जमा हो सकी है, उनको परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जाएगा। इसके बाद किसानों ने हाईकोर्ट के आदेशानुसार गन्ने का समय से भुगतान नहीं होने पर ब्याज सहित भुगतान की मांग रखी। इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाने के कारण वार्ता विफल हो गई।

किसान मजदूर संगठन के बैनर तले किसानों ने स्कूल की फीस के मुद्दे को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू किया था। किसी भी बच्चे को परीक्षा देने से नहीं रोका जाएगा। चीनी बिक्री की 85 प्रतिशत राशि किसानों को भुगतान के रूप में दी जाएगी। - विवश्वान त्रिपाठी, एचआर हेड, बजाज चीनी मिल मकसूदापुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed