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सूदखोर से परेशान किसान ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
Updated Tue, 12 Dec 2017 11:45 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सूदखोर से 40 हजार रुपये का लिया गया ऋण एक किसान को भारी पड़ गया। मय ब्याज के रकम चुकता करने के बाद भी सूदखोर ने पीड़ित पर 1.40 लाख का बकाया निकाल रखा है और उसकी जमीन पर कब्जा किए हुए है। मामले में सुनवाई नहीं होने पर पीड़ित ने सीएम और डीएम सहित उच्चाधिकारियों को रजिस्टर्ड डाक से पत्र भेजकर कहा है कि उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या करने को मजबूर होगा। जिलाधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि शिकायत मिलने पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
थाना सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र के गांव अल्हापुर निवासी लालबहादुर ने डीएम को दिए गए पत्र में बताया कि उसने तीन अगस्त 2009 में क्षेत्र के एक गांव निवासी सूदखोर से चालीस हजार रुपये लिए थे। इन रुपयों को उसने मय ब्याज के चार दिसंबर 2009 को 45 हजार रुपये वापस कर दिए थे। इसके बाद उसने वर्ष 2011 में दो बार में पंद्रह-पंद्रह हजार रुपये और दिए। इसके बाद भी वह रुपये मांगता रहा। वह उसे छह हजार रुपये प्रतिमाह के तौर पर देते हुए अब तक कुल 2 लाख 88 हजार रुपये दे चुका है। इसके बाद भी सूदखोर उसकी जमीन पर कब्जा जमाए हुए है। सूदखोर अब भी उस पर एक लाख चालीस हजार रुपये बकाया होने की बात कह रहा है। उसने सूदखोर के कब्जे से खेत छुड़वाने के लिए कई बार पंचायत भी कराई। इसके बाद भी वह कब्जा छोडने को तैयार नहीं है और उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है।
थाना सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र के गांव अल्हापुर निवासी लालबहादुर ने डीएम को दिए गए पत्र में बताया कि उसने तीन अगस्त 2009 में क्षेत्र के एक गांव निवासी सूदखोर से चालीस हजार रुपये लिए थे। इन रुपयों को उसने मय ब्याज के चार दिसंबर 2009 को 45 हजार रुपये वापस कर दिए थे। इसके बाद उसने वर्ष 2011 में दो बार में पंद्रह-पंद्रह हजार रुपये और दिए। इसके बाद भी वह रुपये मांगता रहा। वह उसे छह हजार रुपये प्रतिमाह के तौर पर देते हुए अब तक कुल 2 लाख 88 हजार रुपये दे चुका है। इसके बाद भी सूदखोर उसकी जमीन पर कब्जा जमाए हुए है। सूदखोर अब भी उस पर एक लाख चालीस हजार रुपये बकाया होने की बात कह रहा है। उसने सूदखोर के कब्जे से खेत छुड़वाने के लिए कई बार पंचायत भी कराई। इसके बाद भी वह कब्जा छोडने को तैयार नहीं है और उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है।
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