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शाहजहांपुर: त्रिलोकीनाथ धाम से श्रद्धालुओं की आस्था अटूट, सावन में दर्शन के लिए लगती है दो किमी लंबी लाइन

Fri, 11 Jul 2025 05:58 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 11 Jul 2025 05:58 AM IST
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faith of the devotees is unwavering in the Trilokinath Dham temple in Shahjahanpur
त्रिलोकीनाथ धाम में स्थापित शिवलिंग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

शाहजहांपुर के पैना बुजुर्ग गांव में स्थित बाबा त्रिलोकीनाथ धाम श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। हर सोमवार को यहां मेला लगता है। हजारों श्रद्धालु लंबी लाइन में लगकर बाबा शिव के दर्शन करते हैं। सावन में तो श्रद्धालुओं को दो-दो किलोमीटर लंबी लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ता है। आस्था इतनी है कि दूरदराज से भी लोग देवाधिदेव महादेव की पूजा-अचर्ना के लिए यहां आते हैं।

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सिंधौली ब्लॉक के पैना बुजुर्ग गांव में रिंग रोड किनारे 1999 में विजय जी महाराज ने शिवलिंग की स्थापना कराई थी। धीरे-धीरे मंदिर की प्रसिद्धि आसपास के क्षेत्र में फैल गई। वर्तमान में दूर-दूर से लोग शिवलिंग के दर्शन के लिए यहां पर आते हैं। मान्यता है कि जो श्रद्धालु सच्चे मन से भोलेनाथ से कामना करते हैं, वह अवश्य पूरी होती है। कभी छोटे स्थान पर स्थित मंदिर परिसर अब काफी क्षेत्र में फैल गया है। अब भी इसका निर्माण कार्य चल रहा है। 
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परिसर में भोले बाबा की एक विशाल प्रतिमा भी स्थापित की गई है। साथ ही बाबा शिव के परिवार की बड़ी प्रतिमा परिसर में बनी हुई है। मंदिर के सेवक रुपेंद्र ने बताया कि हर सोमवार, शुक्रवार और पूर्णिमा को गद्दी लगाई जाती है। इसमें श्रद्धालु अपनी समस्या को लेकर पहुंचते हैं। मंदिर संस्थापक और सर्वराकार विजय जी महाराज पीड़ितों की समस्याओं का निराकरण करते हैं। 

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हर सोमवार को लगता है मेला
सोमवार को भोले बाबा का दिन माना जाता है। इस वजह से हर सोमवार यहां पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। आसपास प्रसाद आदि की दुकानें लगाए जाने से लगभग दो किलोमीटर स्थान क्षेत्र मेला क्षेत्र बन जाता है। लोग यहां खरीदारी भी करते हैं। मंदिर में महिलाओं-पुरुषों के लिए अलग-अलग लाइन लगती है। मंदिर के एक ओर से प्रवेश दिया जाता है और दूसरी ओर से निकास की व्यवस्था है। 

सावन के सोमवार को मुश्किल से मिलते हैं दर्शन
वैसे तो सावन भर मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं लेकिन सोमवार को श्रद्धालुओं का रेला उमड़ता है। सुबह चार बजे से ही करीब दो किलोमीटर लंबी लाइन लग जाती है। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद महिला-पुरुष श्रद्धालु शिवलिंग पर जलाभिषेक कर पाते हैं। इसके बावजूद उनका उत्साह कम नहीं होता। तमाम श्रद्धालु सावन के हर सोमवार को घंटों लाइन में लगकर भोले बाबा के दर्शन पाते हैं। 

त्रिलोकीनाथ पर श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास
मंदिर के संस्थापक विजय जी महाराज आठ वर्ष की आयु से शिवभक्ति में लीन रहे। उन्होंने बताया कि त्रिलोकीनाथ धाम पर श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास है। मनोकामना लेकर आने वाले श्रद्धालु यहां से खाली हाथ नहीं लौटते हैं। इसी वजह से मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं में इतनी गहरी आस्था है। उन्होंने निगोही में अपने पैतृक गांव उदारा और जलालाबाद के लहरावल गांव में भी भोलेनाथ के मंदिर का निर्माण करा रहे हैं।

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