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Shahjahanpur News: वन स्टाॅप सेंटर से लड़कियों के भागने में तीन लोगों से मांगा स्पष्टीकरण
Fri, 24 Jan 2025 12:53 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 24 Jan 2025 12:53 AM IST
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शाहजहांपुर। नवादा इंदेपुर स्थित वन स्टॉप सेंटर से छह लड़कियाें के भागने के मामले की जांच शुरू कर दी गई है। लापरवाही करने को लेकर जिला प्राेबेशन अधिकारी गौरव मिश्रा ने केस वर्कर और गार्ड समेत तीन लोगों का स्पष्टीकरण दो दिन के भीतर मांगा है।
बुधवार की शाम करीब साढ़े सात बजे वन स्टॉप सेंटर से छह लड़कियां दूसरी मंजिल पर बने कमरे की खिड़की से चादर और दुपट्टा बांधकर नीचे उतरीं और भाग गई थीं। रात में जानकारी होने के बाद तलाश शुरू की गई। कांट इंस्पेक्टर ने लड़कियों को तलाश कर रात में वन स्टाप सेंटर भेज दिया था। सूचना के बाद एसपी सिटी संजय कुमार और सीओ सिटी पंकज पंत ने पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था।
लड़कियों के भागने के मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी गौरव मिश्रा ने जांच शुरू करा दी है। बताया कि गार्ड, एनपीएस स्टाफ और केस वर्कर से स्पष्टीकरण मांगा है।
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युवती के उकसाने की बात आई सामने
-लड़कियों के भागने के मामले में एक युवती द्वारा उकसाने की बात सामने आई है। बताते हैं कि निगोही निवासी एक युवती बाइक रिपेयरिंग करने वाले युवक के साथ चली गई थी। पुलिस ने उसे दिल्ली में तलाश लिया था। उसे यहां वन स्टाप सेंटर के आश्रय स्थल पर लाया गया। बताया जाता है कि कांस्टेबल ने उससे बेड पर बैठने के लिए कहा तो उसने हाथ उठाने की बात कही थी। युवती ने न्यायालय में परिवार के साथ जाने से मना कर दिया था। इस पर उसे नारी निकेतन भेजने की बात कही गई थी। माना जा रहा है कि नारी निकेतन में जाने के डर से समूह बनाकर वे भाग गईं।
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पांच बेड का आश्रय स्थल, 11 लड़कियां थीं मौजूद
-वन स्टाप सेंटर में आने वाली युवतियाें के लिए आश्रय स्थल में पांच बेड का इंतजाम है, जबकि बुधवार को 11 लड़कियां मौजूद थीं। बताते हैं कि लड़कियों को पांच दिन तक नि:शुल्क खाना दिया जाता है। इसके बाद 50 रुपये में छह रोटी, आलू की सब्जी और मिक्स वेज दिया जाता है। बताते हैं कि कैंटीन संचालक का भी दस महीने से भुगतान नहीं हुआ है।
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चार महिला कांस्टेबल थीं मौजूद, उठे सवाल
-आश्रयस्थल पर चार महिला कांस्टेबल की ड्यूटी हमेशा रहती है। बुधवार की रात भी वे तैनात थीं। इसके बावजूद लड़कियां आसानी से खिड़की के जरिये भाग गईं। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
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बुधवार की शाम करीब साढ़े सात बजे वन स्टॉप सेंटर से छह लड़कियां दूसरी मंजिल पर बने कमरे की खिड़की से चादर और दुपट्टा बांधकर नीचे उतरीं और भाग गई थीं। रात में जानकारी होने के बाद तलाश शुरू की गई। कांट इंस्पेक्टर ने लड़कियों को तलाश कर रात में वन स्टाप सेंटर भेज दिया था। सूचना के बाद एसपी सिटी संजय कुमार और सीओ सिटी पंकज पंत ने पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था।
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लड़कियों के भागने के मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी गौरव मिश्रा ने जांच शुरू करा दी है। बताया कि गार्ड, एनपीएस स्टाफ और केस वर्कर से स्पष्टीकरण मांगा है।
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युवती के उकसाने की बात आई सामने
-लड़कियों के भागने के मामले में एक युवती द्वारा उकसाने की बात सामने आई है। बताते हैं कि निगोही निवासी एक युवती बाइक रिपेयरिंग करने वाले युवक के साथ चली गई थी। पुलिस ने उसे दिल्ली में तलाश लिया था। उसे यहां वन स्टाप सेंटर के आश्रय स्थल पर लाया गया। बताया जाता है कि कांस्टेबल ने उससे बेड पर बैठने के लिए कहा तो उसने हाथ उठाने की बात कही थी। युवती ने न्यायालय में परिवार के साथ जाने से मना कर दिया था। इस पर उसे नारी निकेतन भेजने की बात कही गई थी। माना जा रहा है कि नारी निकेतन में जाने के डर से समूह बनाकर वे भाग गईं।
पांच बेड का आश्रय स्थल, 11 लड़कियां थीं मौजूद
-वन स्टाप सेंटर में आने वाली युवतियाें के लिए आश्रय स्थल में पांच बेड का इंतजाम है, जबकि बुधवार को 11 लड़कियां मौजूद थीं। बताते हैं कि लड़कियों को पांच दिन तक नि:शुल्क खाना दिया जाता है। इसके बाद 50 रुपये में छह रोटी, आलू की सब्जी और मिक्स वेज दिया जाता है। बताते हैं कि कैंटीन संचालक का भी दस महीने से भुगतान नहीं हुआ है।
चार महिला कांस्टेबल थीं मौजूद, उठे सवाल
-आश्रयस्थल पर चार महिला कांस्टेबल की ड्यूटी हमेशा रहती है। बुधवार की रात भी वे तैनात थीं। इसके बावजूद लड़कियां आसानी से खिड़की के जरिये भाग गईं। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।