फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Even if the situation worsens in the war with Corona, full preparation to handle

कोरोना से जंग में हालत बिगड़ भी गए तो संभालने की पूरी तैयारी

Tue, 16 Jun 2020 02:02 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jun 2020 02:02 AM IST
विज्ञापन
Even if the situation worsens in the war with Corona, full preparation to handle
शाहजहांपुर। जिले में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। अब तक 67 लोग संक्रमित पाए भी जा चुके हैं। हालांकि कोरोना संक्रमित लगभग 30 रोगी उपचार के बाद स्वस्थ होकर अपने घर भी जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जिले में अभी ऐसे हालात नहीं हैं, जिस पर अनावश्यक चिंता की जा सकी। व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं और स्थिति पर बराबर नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन

यहां बता दें कि वर्तमान में ददरौल में लेवल-वन का एक कोविड अस्पताल संचालित है। इसके अलावा दो अस्पताल लेवल-टू के संचालित हैं, जिसमें एक जिला अस्पताल और दूसरा वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज है। जिले में कोरोना के गंभीर संक्रमितों के उपचार के लिए चार वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए हैं। अधिक गंभीर स्थिति वाले संक्रमितों को लखनऊ भेजने की व्यवस्था में शामिल किया गया है। ऐसे मरीजों को पीजीआई के लेवल-थ्री कोविड अस्पताल में रखा जाता है। इसके अलावा एक ट्रूनेट मशीन भी जिला अस्पताल में उपलब्ध है, जिससे कोरोना संक्रमित की जांच की जाती है। प्रतिदिन सौ से अधिक सैंपल लिए जा रहे हैं, उनकी जांच लखनऊ में कराई जा रही है।
विज्ञापन

वहीं से जांच रिपोर्ट तीसरे या चौथे दिन उपलब्ध हो पाती हैं। लेवल-1 के ददरौल कोविड अस्पताल में जहां 40 बेड व्यवस्था की गई है, वहीं लेवल-2 के दोनों मेडिकल कॉलेजों में 30-30 बेड तैयार किए गए हैं। इसके अलावा संजय कुमार सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, बीएस पब्लिक स्कूल आदि शिक्षण संस्थाओं को भी अधिग्रहीत किया गया है, जहां जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी में 650 संक्रमितों को भर्ती करने की योजना स्वास्थ्य विभाग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

व्यवस्थाएं पर्याप्त हैं, चिंता की कोई बात नहीं
जिले में सामान्य रूप के ही कोरोना संक्रमित सामने आ रहे हैं, जिन्हें ददरौल के कोविड अस्पताल में 21 दिनों के लिए क्वारंटीन किया जाता है। जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आ जाती है, उन्हें डिस्चार्ज कर घर भेज दिया जाता है। जिला स्तर पर चार वेंटिलेटर हैं। अभी ऐसी कोई इमरजेंसी नहीं हैं, जिससे चिंता की जा सके और प्राइवेट अस्पतालों को लेना पड़े। कोविड अस्पतालों में आवश्यकतानुसार बेड बढ़ाए जा सकते हैं। फिलहाल 750 मरीजों को रखने की व्यवस्था है। - डॉ. एसपी गौतम, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed