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यहां भी न हो जाए औरंगाबाद जैसा हादसा, रोजाना रेलवे ट्रैक के किनारे से गुजर रहे प्रवासी

Sun, 10 May 2020 01:11 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 10 May 2020 01:11 AM IST
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Even here, an accident like Aurangabad, the diaspora passing through the railway track on a daily basis
शाहजहांपुर। लॉकडाउन के चलते रोजी-रोटी का संकट खड़ा होने पर अपने घर पहुंचने की आस में 40 किमी पैदल चलने के बाद पटरी पर सोए मजदूरों के ऊपर से मालगाड़ी गुजरने से 16 की मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इसके बाद भी मजदूरों के रेलवे ट्रैक से होकर गुजरने का सिलसिला थमा नहीं है। शनिवार को शाहजहांपुर के निगोही से बिहार जाने के लिए 100 से अधिक दिहाड़ी मजदूरों का रेलवे ट्रैक के किनारे-किनारे निकल गए, जिसकी आरपीएफ और जीआरपी को भनक तक नहीं लगी।
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श्रमिकों ने बताया कि बीती रात 11 बजे वे लोग रेल लाइन के किनारे चलते हुए शाहजहांपुर पहुंचे। इनके जत्थे में 12 से 14 साल के कुछ किशोर भी शामिल हैं, जो अन्य मजदूरों के साथ उसी हिम्मत से पैदल अपनी मंजिल की ओर जा रहे थे। यह मजदूर शाहजहांपुर-पीलीभीत रेल लाइन पर ब्राडगेज होने पर ठेकेदार के जरिये यहां मजदूरी करने आए थे। वहीं, औरंगाबाद की घटना के बाद रेल पटरियों की सुरक्षा बढ़ाने का दावा किया जा रहा है। आरपीएफ इंस्पेक्टर एसडी मीणा ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से रेलवे ट्रैक के किनारे जवानों की तैनाती की गई है, जो ट्रैक किसी को भी रेलवे ट्रैक से नहीं गुजरने दे रहे। जीआरपी सब इंस्पेक्टर टीकम सिंह ने बताया कि रेलवे के निर्देशानुसार श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के स्टेशन से गुजरने पर पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
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मजदूर बोले, भगवान ही रुठे, तो सरकार से क्या कहें
- शनिवार को रेलवे लाइन के किनारे-किनारे शाहजहांपुर पहुंचे दिहाड़ी मजदूरों में बिहार प्रांत के अररिया निवासी रघुनंदन सिंह, छोटू, रिषीदेव, नन्हकू कुमार व पूर्णिया निवासी भोला, विमल कुमार आदि शामिल थे। उनसे पूछा गया कि वह पैदल ही इतना लंबा सफर तय कैसे तय करेंगे, तो उन्होंने बताया कि वह लोग बीती रात 11 बजे रेल लाइन के किनारे-किनारे से चलते हुए शाहजहांपुर पहुंचे। इसके बाद जो भी रास्ता मिलेगा उससे पूछते-पूछते बिहार तक जाएंगे। जब उनसे पूछा गया कि तुम्हारे लोगों के पास खाने पीने का तो कोई सामान है नहीं तो पैदल इतना लम्बा सफर कैसे तय करोंगे। उन्होंने सीधा जबाव दिया भगवान भरोसे। यह पूछे जाने पर सरकार से कोई उम्मीद नहीं है तो उन्होंने सीधे कहा सरकार हम गरीबों के लिए कुछ नहीं करेगी।
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