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Shahjahanpur News: तीन साल बाद भी नहीं बन सका कसरक रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज
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उत्तर रेलवे की कसरक रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज। संवाद
खुदागंज। लखनऊ-दिल्ली रेलमार्ग पर उत्तर रेलवे की कसरक रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज तीन साल बाद भी बनकर तैयार नहीं हो पाने से रेलवे फाटक के दोनों ओर बसे 50 से ज्यादा गांवों के हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों को कटरा जाने के लिए हुलासनगरा की ओर जाने पर करीब आठ से दस किमी का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ता है।
कसरक क्राॅसिंग के मार्ग की अहमियत इसी तथ्य से समझी जा सकती है कि यह रास्ता मीरानपुर कटरा के अंदर से होते हुए खुदागंज को जोड़ता है और आगे पीलीभीत तक जाता है। इसीलिए क्रॉसिंग पर बन रहा ओवरब्रिज सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि हजारों लोगों की रोजमर्रा की जीवनरेखा माना जाता है।
ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही यह मार्ग यातायात के लिए बंद कर दिए जाने पर ग्रामीणों को आवाजाही के लिए हुलासनगरा का वैकल्पिक मार्ग दिया गया है। इसलिए कसरक से लोग पहले हुलासनगरा जाते हैं और वहां से उल्टी दिशा में चलकर मीरानपुर कटरा पहुंचते हैं। इसमें उनके समय के साथ धन की बरबादी भी होती है।
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सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों और प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने को लेकर होती है। दो वर्ष पहले तक मीरानपुर कटरा जाने के लिए लोग कसरक रेलवे फाटक से ही निकल कर यहां आने के बाद सीधे मीरानपुर कटरा निकल जाते थे। अब चूंकि खुदागंज-मीरानपुर कटरा मार्ग की रेलवे क्रॉसिंग पर भी ओवरब्रिज बन रहा है।
इसलिए अब कसरक के लोगों को हुलासनगरा होकर मीरानपुर कटरा जाना उनका मजबूरी बन गया है। कुछ दिन तक तो कसरक रेलवे स्टेशन का फाटक खुलता रहा, लेकिन बाद में रेलवे लाइन के पास पुल का काम होने पर उसे भी बंद कर दिया गया। खास यह है कि दिनभर यातायात का दबाव बना रहने से कसरक-हुलासनगरा मार्ग भी कई जगह उखड़कर जर्जर हो गया है। मानसून सीजन में बारिश का दौर शुरू होने पर यह मार्ग भी आवागमन के लायक नहीं रहेगा।
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जन सामान्य की बात
जिला पंचायत सदस्य जगदीश गंगवार का कहना है कि ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि लोगों को आवागमन में ज्यादा वक्त नहीं गंवाना पड़े। व्यापारी शिवराम वर्मा के अनुसार ओवरब्रिज का निर्माण कार्य धीमी गति से होने के कारण कसरक के तमाम दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सुधीर सिंह के अनुसार रेल अधिकारियों को दोनों मार्गों पर एक साथ ओवरब्रिज बनाने का काम शुरू कराने के बजाय किसी एक मार्ग पर काम कराना चाहिए, ताकि दूसरे मार्ग की क्रॉसिंग खुली रह सके। फल व्यापारी लालू के अनुसार दोनों मार्गों की क्रॉसिंग एक साथ बंद कर दिए जाने से मालभाड़ा ज्यादा देने के साथ समय भी खराब होता है।
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रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज बनाने का काम रेलवे की देखरेख में चल रहा है। उन्हीं के अनुसार कार्य किया जा रहा है। जल्द ही ओवरब्रिज के निर्माण कार्य को पूरा कर लिया जाएगा।
-नईम खान, साइड इंजीनियर, सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ)
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कसरक क्राॅसिंग के मार्ग की अहमियत इसी तथ्य से समझी जा सकती है कि यह रास्ता मीरानपुर कटरा के अंदर से होते हुए खुदागंज को जोड़ता है और आगे पीलीभीत तक जाता है। इसीलिए क्रॉसिंग पर बन रहा ओवरब्रिज सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि हजारों लोगों की रोजमर्रा की जीवनरेखा माना जाता है।
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ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही यह मार्ग यातायात के लिए बंद कर दिए जाने पर ग्रामीणों को आवाजाही के लिए हुलासनगरा का वैकल्पिक मार्ग दिया गया है। इसलिए कसरक से लोग पहले हुलासनगरा जाते हैं और वहां से उल्टी दिशा में चलकर मीरानपुर कटरा पहुंचते हैं। इसमें उनके समय के साथ धन की बरबादी भी होती है।
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सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों और प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने को लेकर होती है। दो वर्ष पहले तक मीरानपुर कटरा जाने के लिए लोग कसरक रेलवे फाटक से ही निकल कर यहां आने के बाद सीधे मीरानपुर कटरा निकल जाते थे। अब चूंकि खुदागंज-मीरानपुर कटरा मार्ग की रेलवे क्रॉसिंग पर भी ओवरब्रिज बन रहा है।
इसलिए अब कसरक के लोगों को हुलासनगरा होकर मीरानपुर कटरा जाना उनका मजबूरी बन गया है। कुछ दिन तक तो कसरक रेलवे स्टेशन का फाटक खुलता रहा, लेकिन बाद में रेलवे लाइन के पास पुल का काम होने पर उसे भी बंद कर दिया गया। खास यह है कि दिनभर यातायात का दबाव बना रहने से कसरक-हुलासनगरा मार्ग भी कई जगह उखड़कर जर्जर हो गया है। मानसून सीजन में बारिश का दौर शुरू होने पर यह मार्ग भी आवागमन के लायक नहीं रहेगा।
जन सामान्य की बात
जिला पंचायत सदस्य जगदीश गंगवार का कहना है कि ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि लोगों को आवागमन में ज्यादा वक्त नहीं गंवाना पड़े। व्यापारी शिवराम वर्मा के अनुसार ओवरब्रिज का निर्माण कार्य धीमी गति से होने के कारण कसरक के तमाम दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सुधीर सिंह के अनुसार रेल अधिकारियों को दोनों मार्गों पर एक साथ ओवरब्रिज बनाने का काम शुरू कराने के बजाय किसी एक मार्ग पर काम कराना चाहिए, ताकि दूसरे मार्ग की क्रॉसिंग खुली रह सके। फल व्यापारी लालू के अनुसार दोनों मार्गों की क्रॉसिंग एक साथ बंद कर दिए जाने से मालभाड़ा ज्यादा देने के साथ समय भी खराब होता है।
रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज बनाने का काम रेलवे की देखरेख में चल रहा है। उन्हीं के अनुसार कार्य किया जा रहा है। जल्द ही ओवरब्रिज के निर्माण कार्य को पूरा कर लिया जाएगा।
-नईम खान, साइड इंजीनियर, सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ)