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Shahjahanpur News: योजनाओं का लाभ लेकर उद्योग करें स्थापित, सरकार देगी मदद
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शाहजहांपुर। शासन की योजनाओं का लाभ लेकर छात्राएं आत्मनिर्भर बनें। सरकार भी आपकी मदद करेगी। यह बात बृहस्पतिवार को जिला उद्योग केंद्र के सहायक विकास प्रबंधक अरुण कुमार पांडेय ने आर्य महिला डिग्री कॉलेज में छात्राओं से कही।
अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता दा 100 मिलियन स्माइल के तहत आयोजित कार्यक्रम में अरुण पांडेय ने कहा कि शक्ति वह मूल मंत्र है, जो जानकारी से आती है। महिलाओं को अपनी शक्ति को पहचानने की आवश्यकता है। छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने के साथ उद्योग स्थापित कर खुद रोजगार हासिल कर सकती हैं। साथ ही दूसरों के लिए भी सहारा बन सकती हैं। जिला उद्योग केंद्र से विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ऋण लेकर उद्योग स्थापित कर सकती हैं।
प्राचार्य डॉ. सुनीता जैसल ने कहा कि छात्राओं के अंदर अनेक क्षमता छिपी हैं। अपनी रुचि के अनुसार ही कार्य करें, जिससे जीवन की राह प्रशस्त होगी। कार्यक्रम में शिक्षिका रानू दुबे, डॉ. सारिका अग्रवाल, मनोरमा, डॉ. आशीष गोयल आदि मौजूद रहे।
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ये हैं योजनाएं
- मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत निर्माण और सेवा क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने पर 25 प्रतिशत तक अनुदान मिलता है। इसमें 25 लाख का ऋण बैंक के माध्यम से मिलता है।
- एक जिला एक उत्पाद योजना में जरी-जरदोजी के निर्माण, रिटेल और सेवा क्षेत्र में कुशल कारीगरों को तीन दो करोड़ तक लोन मिलता है। इसमें 20 से 25 प्रतिशत तक का अनुदान मिलता है।
- प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में बढ़ई, दर्जी समेत विभिन्न ट्रेडों के प्रशिक्षण पर पांच हजार रुपये, दस दिन का प्रशिक्षण व आठ हजार तक की टूल किट मिलती है।
- एक जिला एक उत्पाद प्रशिक्षण योजना में पांच हजार रुपये, दस दिन की ट्रेनिंग व दस हजार रुपये की टूल किट प्रदान की जाती है।
- एससीएसटी, ओबीसी ट्रेनिंग प्रोग्राम में ब्यूटीशियन, अस्पताल सहायिका और प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण देकर डिप्लोमा प्रदान किया जाता है।
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अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता दा 100 मिलियन स्माइल के तहत आयोजित कार्यक्रम में अरुण पांडेय ने कहा कि शक्ति वह मूल मंत्र है, जो जानकारी से आती है। महिलाओं को अपनी शक्ति को पहचानने की आवश्यकता है। छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने के साथ उद्योग स्थापित कर खुद रोजगार हासिल कर सकती हैं। साथ ही दूसरों के लिए भी सहारा बन सकती हैं। जिला उद्योग केंद्र से विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ऋण लेकर उद्योग स्थापित कर सकती हैं।
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प्राचार्य डॉ. सुनीता जैसल ने कहा कि छात्राओं के अंदर अनेक क्षमता छिपी हैं। अपनी रुचि के अनुसार ही कार्य करें, जिससे जीवन की राह प्रशस्त होगी। कार्यक्रम में शिक्षिका रानू दुबे, डॉ. सारिका अग्रवाल, मनोरमा, डॉ. आशीष गोयल आदि मौजूद रहे।
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ये हैं योजनाएं
- मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत निर्माण और सेवा क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने पर 25 प्रतिशत तक अनुदान मिलता है। इसमें 25 लाख का ऋण बैंक के माध्यम से मिलता है।
- एक जिला एक उत्पाद योजना में जरी-जरदोजी के निर्माण, रिटेल और सेवा क्षेत्र में कुशल कारीगरों को तीन दो करोड़ तक लोन मिलता है। इसमें 20 से 25 प्रतिशत तक का अनुदान मिलता है।
- प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में बढ़ई, दर्जी समेत विभिन्न ट्रेडों के प्रशिक्षण पर पांच हजार रुपये, दस दिन का प्रशिक्षण व आठ हजार तक की टूल किट मिलती है।
- एक जिला एक उत्पाद प्रशिक्षण योजना में पांच हजार रुपये, दस दिन की ट्रेनिंग व दस हजार रुपये की टूल किट प्रदान की जाती है।
- एससीएसटी, ओबीसी ट्रेनिंग प्रोग्राम में ब्यूटीशियन, अस्पताल सहायिका और प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण देकर डिप्लोमा प्रदान किया जाता है।