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पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ मुकेश और किशन
अल्हागंज (शाहजहांपुर)
Updated Fri, 29 May 2015 12:07 AM IST
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फोटो 16 में है
पुलिस अभिरक्षा से फरार
हुआ मुकेश और किशन
- पुलिस की मौजूदगी में हुआ सूरज का अंतिम संस्कार
- रात करीब साढ़े नौ बजे गांव पहुंची धीरपाल की लाश
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर/अल्हागंज। अल्हागंज थाना क्षेत्र के गांव रघुनाथपुर में हुए डबल मर्डर के मामले में पुलिस की एक ओर चूक सामने आई है। सूरज के अंतिम संस्कार के दौरान नामजद अभियुक्त मुकेश और किशन भी वहां मौजूद थे। ये दोनों दूसरे पक्ष के धीरपाल की हत्या में आरोपी हैं। पुलिस ने इन दोनों को सूरज के अंतिम संस्कार के दौरान ही हिरासत में लिया था लेकिन वे मौका पाकर फरार हो गए। हालांकि अल्हागंज एसओ दोनों आरोपियों को हिरासत में लेने की बात से इंकार कर रहे हैं। उधर, गांव में सुरक्षा की दृष्टि से डेढ़ सेक्शन पीएसी तैनात कर दी गई है। धीरपाल का शव भी पोस्टमार्टम होने के बाद देर रात में पहुंच गया।
बुधवार सुबह 10 बजे जमीन के विवाद में हुई फायरिंग के बाद से रघुनाथपुर गांव में मातमी सन्नाटा है। गांव में डेढ़ सेक्शन पीएसी के साथ अल्हागंज और अन्य थानों की पुलिस लगाई गई है। फायरिंग में मुकेश सिंह के पुत्र सूरज और दूसरे पक्ष के धीरपाल की मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने वीरपाल सिंह के पुत्र अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया था जबकि मुकेश के भाई राकेश को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया था। घायल वीरपाल को हालत नाजुक होने पर इलाज के लिए बरेली भेजा गया है।
पोस्टमार्टम के बाद मृतक सूरज का शव बुधवार शाम को ही गांव पहुंच गया था। बृहस्पतिवार को घटियाघाट गंगा तट पर पुलिस अभिरक्षा में सूरज का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान धीरपाल की हत्या में नामजद मुकेश और किशन भी वहां मौजबद थे। पुलिस ने दोनों को अपनी अभिरक्षा में ले रखा था लेकिन अंतिम संस्कार के दौरान ही दोनों फरार हो गया। वीरपाल की पत्नी अखिलेश की तहरीर पर पुलिस ने धीरपाल की हत्या में मुकेश और उसके बेटे किशन के साथ नौ लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की थी।
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अल्हागंज के एसओ प्रदीप कुमार यह तो स्वीकार कर रहे हैं कि अंत्येष्टि के दौरान पुलिस बल मौजूद रहा। मुकेश और किशन भी वहां देखे गए लेकिन उन्हें पुलिस अभिरक्षा में लेने की बात से मुकर रहे हैं। उनकी बात पर अगर यकीन भी कर लिया जाए तो भी सवाल यह उठता है कि धीरपाल की हत्या में नामजद होने के बावजूद उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। इधर, धीरपाल का शव भी गुरुवार देर शाम गांव पहुंच गया। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को पुलिस की मौजूदगी में होगा।
घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें पुलिस अभिरक्षा में नहीं लिया गया था। उन्हीं घायलों में सूरज का पिता मुकेश भी शामिल था। इसलिए इसे पुलिस अभिरक्षा से फरार होने की बात नहीं कह सकते हैं। धीरपाल का शव गांव में पहुंचने वाला है। सुरक्षा के लिए लिहाज से गांव में ही मौजूद हूंÐ
- आदेश त्यागी, सीओ जलालाबाद
दोनों घरों में सांत्वना दे रहे गांव वाले
शाहजहांपुर। दोहरे हत्याकांड के बाद से गांव वाले भी काफी परेशान हैं। एक तो पुलिस और पीएसी की मौजूदगी से उन लोगों को दिक्कत हो रही है। वहीं ग्रामीण इस मामले की गंभीरता से अच्छे से वाकिफ हैं, इसलिए कुछ भी स्पष्ट रूप से कहने से बच रहे हैं। गांव के लोग खासतौर पर महिलाएं दोनों दोनों घरों में जाकर सांत्वना दे रही हैं।
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फोटो 16 में है
पुलिस अभिरक्षा से फरार
हुआ मुकेश और किशन
- पुलिस की मौजूदगी में हुआ सूरज का अंतिम संस्कार
- रात करीब साढ़े नौ बजे गांव पहुंची धीरपाल की लाश
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर/अल्हागंज। अल्हागंज थाना क्षेत्र के गांव रघुनाथपुर में हुए डबल मर्डर के मामले में पुलिस की एक ओर चूक सामने आई है। सूरज के अंतिम संस्कार के दौरान नामजद अभियुक्त मुकेश और किशन भी वहां मौजूद थे। ये दोनों दूसरे पक्ष के धीरपाल की हत्या में आरोपी हैं। पुलिस ने इन दोनों को सूरज के अंतिम संस्कार के दौरान ही हिरासत में लिया था लेकिन वे मौका पाकर फरार हो गए। हालांकि अल्हागंज एसओ दोनों आरोपियों को हिरासत में लेने की बात से इंकार कर रहे हैं। उधर, गांव में सुरक्षा की दृष्टि से डेढ़ सेक्शन पीएसी तैनात कर दी गई है। धीरपाल का शव भी पोस्टमार्टम होने के बाद देर रात में पहुंच गया।
बुधवार सुबह 10 बजे जमीन के विवाद में हुई फायरिंग के बाद से रघुनाथपुर गांव में मातमी सन्नाटा है। गांव में डेढ़ सेक्शन पीएसी के साथ अल्हागंज और अन्य थानों की पुलिस लगाई गई है। फायरिंग में मुकेश सिंह के पुत्र सूरज और दूसरे पक्ष के धीरपाल की मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने वीरपाल सिंह के पुत्र अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया था जबकि मुकेश के भाई राकेश को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया था। घायल वीरपाल को हालत नाजुक होने पर इलाज के लिए बरेली भेजा गया है।
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पोस्टमार्टम के बाद मृतक सूरज का शव बुधवार शाम को ही गांव पहुंच गया था। बृहस्पतिवार को घटियाघाट गंगा तट पर पुलिस अभिरक्षा में सूरज का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान धीरपाल की हत्या में नामजद मुकेश और किशन भी वहां मौजबद थे। पुलिस ने दोनों को अपनी अभिरक्षा में ले रखा था लेकिन अंतिम संस्कार के दौरान ही दोनों फरार हो गया। वीरपाल की पत्नी अखिलेश की तहरीर पर पुलिस ने धीरपाल की हत्या में मुकेश और उसके बेटे किशन के साथ नौ लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की थी।
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अल्हागंज के एसओ प्रदीप कुमार यह तो स्वीकार कर रहे हैं कि अंत्येष्टि के दौरान पुलिस बल मौजूद रहा। मुकेश और किशन भी वहां देखे गए लेकिन उन्हें पुलिस अभिरक्षा में लेने की बात से मुकर रहे हैं। उनकी बात पर अगर यकीन भी कर लिया जाए तो भी सवाल यह उठता है कि धीरपाल की हत्या में नामजद होने के बावजूद उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। इधर, धीरपाल का शव भी गुरुवार देर शाम गांव पहुंच गया। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को पुलिस की मौजूदगी में होगा।
घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें पुलिस अभिरक्षा में नहीं लिया गया था। उन्हीं घायलों में सूरज का पिता मुकेश भी शामिल था। इसलिए इसे पुलिस अभिरक्षा से फरार होने की बात नहीं कह सकते हैं। धीरपाल का शव गांव में पहुंचने वाला है। सुरक्षा के लिए लिहाज से गांव में ही मौजूद हूंÐ
- आदेश त्यागी, सीओ जलालाबाद
दोनों घरों में सांत्वना दे रहे गांव वाले
शाहजहांपुर। दोहरे हत्याकांड के बाद से गांव वाले भी काफी परेशान हैं। एक तो पुलिस और पीएसी की मौजूदगी से उन लोगों को दिक्कत हो रही है। वहीं ग्रामीण इस मामले की गंभीरता से अच्छे से वाकिफ हैं, इसलिए कुछ भी स्पष्ट रूप से कहने से बच रहे हैं। गांव के लोग खासतौर पर महिलाएं दोनों दोनों घरों में जाकर सांत्वना दे रही हैं।