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Shahjahanpur News: ‘सम्राट अशोक ने बुद्ध के मार्ग पर चलकर लोकसेवा के लिए समर्पित किया जीवन’
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बुद्ध विहार में सम्राट अशोक धम्म विजय दिवस पर बोलते वक्ता। स्रोत: संगठन
शाहजहांपुर। बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया की स्थानीय शाखा की ओर से पुवायां रोड स्थित बुद्ध विहार में सम्राट अशोक धम्म विजयदशमी समारोह का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने कहा कि सम्राट अशोक ने बुद्ध के मार्ग पर चलकर लोकसेवा को जीवन समर्पित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ तथागत गौतम बुद्ध, सम्राट अशोक और डॉ. बीआर आंबेडकर के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। मुख्य अतिथि बीएसआई उत्तर भारत के ट्रस्टी एसडी भास्कर ने कहा कि सम्राट अशोक बुद्ध के विचारों और उनके मार्ग से प्रभावित होकर लोकसेवा के लिए समर्पित हो गए थे। उन्होंने अपने पुत्र और पुत्री को भी बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित किया।
मुख्य वक्ता सोसायटी के प्रांतीय अध्यक्ष रामसेवक गौतम ने कहा कि विजयदशमी के दिन ही संविधान निर्माता डॉ. बीआर आंबेडकर ने नागपुर में अपने पांच लाख अनुयायियों के साथ बौद्ध धम्म की दीक्षा ली थी।
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महेश चंद्र गौतम की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में धम्माचार्य तोताराम बौद्ध, भुवनेश्वर बौद्ध, अंशुमान मैसी, भगवंतराम, बहादुर लाल आजाद, गियारी लाल आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ तथागत गौतम बुद्ध, सम्राट अशोक और डॉ. बीआर आंबेडकर के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। मुख्य अतिथि बीएसआई उत्तर भारत के ट्रस्टी एसडी भास्कर ने कहा कि सम्राट अशोक बुद्ध के विचारों और उनके मार्ग से प्रभावित होकर लोकसेवा के लिए समर्पित हो गए थे। उन्होंने अपने पुत्र और पुत्री को भी बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित किया।
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मुख्य वक्ता सोसायटी के प्रांतीय अध्यक्ष रामसेवक गौतम ने कहा कि विजयदशमी के दिन ही संविधान निर्माता डॉ. बीआर आंबेडकर ने नागपुर में अपने पांच लाख अनुयायियों के साथ बौद्ध धम्म की दीक्षा ली थी।
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महेश चंद्र गौतम की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में धम्माचार्य तोताराम बौद्ध, भुवनेश्वर बौद्ध, अंशुमान मैसी, भगवंतराम, बहादुर लाल आजाद, गियारी लाल आदि मौजूद रहे।