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आपात बिजली कटौती ने रात की नींद उड़ाई
शाहजहांपुर।
Updated Fri, 08 May 2015 11:04 PM IST
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रोजाना नौ घंटे की नियमित बिजली कटौती होने के बावजूद बृहस्पतिवार की रात पॉवर कारपोरेशन के सिस्टम कंट्रोल ने तीन घंटे की आपात कटौती थोप दी। नतीजा यह हुआ कि आधी रात के बाद तक शहर अंधेरे में डूबा रहा और गर्मी से बेहाल लोग बिस्तरों पर करवटें बदलते रहे। घरों में पानी का संकट पैदा हो जाने से सुबह की नियमित दिनचर्या में भी खलल पड़ा।
आम दिनों की तरह बृहस्पतिवार को भी तीन चरणों में नियमित बिजली कटौती लागू रही। लोगों को उम्मीद थी कि दिन में पॉवर कट के बदले रात में बिजली सप्लाई मिलेगी, लेकिन लोग खाना खाकर बिस्तरों पर पहुंच भी नहीं पाए कि साढ़े दस बजे बत्ती गुल हो गई। चूंकि, बुधवार की रात को दो बजे से एक घंटे तक इमर्जेंसी रोस्टरिंग लागू रही। इसलिए माना गया कि आपात कटौती एक घंटे बाद खत्म हो जाएगी।
इसके विपरीत, आपात कटौती रात डेढ़ बजे तक प्रभावी रही। बाद में फीडरवार सप्लाई शुरू होने पर लाइनों की ट्रिपिंग से बिजली की आंख मिचौनी का खेल शुरू हो गया। नतीजा यह हुआ कि कामकाजी लोग चैन की नींद नहीं ले पाए। इसका असर सुबह की दिनचर्या पर भी पड़ा। घरों की टंकियां खाली हो जाने से लोगों को पानी के लिए इंतजार करना पड़ा क्योंकि सुबह छह बजे से दो घंटे की नियमित कटौती लागू होने पर लोगों को आठ बजे तक बिजली आने का इंतजार करना पड़ा।
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रात नौ बजे से ग्रिड पर पड़ रहा बोझ
पॉवर कारपोरेशन के एक्सईएन ट्रांसमिशन संजीव भाष्कर के अनुसार गर्मियों के सीजन में रात नौ बजे से एसी, कूलर, पंखे आदि चलने से पॉवर ग्रिड पर बिजली का लोड पड़ रहा है। ग्रिड को ट्रिप होने से बचाने के लिए सिस्टम कंट्रोल ने तीन घंटे की आपात कटौती की।
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आम दिनों की तरह बृहस्पतिवार को भी तीन चरणों में नियमित बिजली कटौती लागू रही। लोगों को उम्मीद थी कि दिन में पॉवर कट के बदले रात में बिजली सप्लाई मिलेगी, लेकिन लोग खाना खाकर बिस्तरों पर पहुंच भी नहीं पाए कि साढ़े दस बजे बत्ती गुल हो गई। चूंकि, बुधवार की रात को दो बजे से एक घंटे तक इमर्जेंसी रोस्टरिंग लागू रही। इसलिए माना गया कि आपात कटौती एक घंटे बाद खत्म हो जाएगी।
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इसके विपरीत, आपात कटौती रात डेढ़ बजे तक प्रभावी रही। बाद में फीडरवार सप्लाई शुरू होने पर लाइनों की ट्रिपिंग से बिजली की आंख मिचौनी का खेल शुरू हो गया। नतीजा यह हुआ कि कामकाजी लोग चैन की नींद नहीं ले पाए। इसका असर सुबह की दिनचर्या पर भी पड़ा। घरों की टंकियां खाली हो जाने से लोगों को पानी के लिए इंतजार करना पड़ा क्योंकि सुबह छह बजे से दो घंटे की नियमित कटौती लागू होने पर लोगों को आठ बजे तक बिजली आने का इंतजार करना पड़ा।
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रात नौ बजे से ग्रिड पर पड़ रहा बोझ
पॉवर कारपोरेशन के एक्सईएन ट्रांसमिशन संजीव भाष्कर के अनुसार गर्मियों के सीजन में रात नौ बजे से एसी, कूलर, पंखे आदि चलने से पॉवर ग्रिड पर बिजली का लोड पड़ रहा है। ग्रिड को ट्रिप होने से बचाने के लिए सिस्टम कंट्रोल ने तीन घंटे की आपात कटौती की।