{"_id":"5e4aef678ebc3ecfbe0ba9cd","slug":"electricity-bill-on-government-department-shahjahanpur-news-bly396327912","type":"story","status":"publish","title_hn":"9.26 करोड़ रुपये का बिजली दबाकर बैठे सरकारी विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
9.26 करोड़ रुपये का बिजली दबाकर बैठे सरकारी विभाग
विज्ञापन
शाहजहांपुर। तमाम सरकारी विभागों पर सवा नौ करोड़ रुपये से ज्यादा बिल बकाया है लेकिन पावर कारपोरेशन के अभियंता छोटे बकाएदारों पर कार्रवाई का दबाव बना रहे हैं। इनमें से पुलिस, स्वास्थ और रेलवे पर ही लंबे समय से छह करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है लेकिन इन सरकारी विभागों पर शिकंजा कसने की अभी तक कोई योजना नहीं बनाई गई है।
शहर में घरेलू और वाणिज्यिक श्रेणी के करीब 85 हजार उपभोक्ता हैं, जो हर महीने करीब 12 करोड़ की बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं। मगर इनमें से बमुश्किल 50 फीसदी उपभोक्ता नियमित बिल भुगतान करते हैं। तमाम ऐसे उपभोक्ता भी हैं जो ज्यादा भुगतान से बचने के लिए कम रीडिंग का बिल निकलवाते हैं और शेष यूनिट मीटर मेें स्टोर रहते हैं। चार-छह माह बाद मीटर की वास्तविक रीडिंग की गणना होती है तो भारी-भरकम बिल देखकर उनके हाथ-पांव फूल जाते हैं। अधिकारियों के अनुसार महानगर में एक लाख रुपये और इससे अधिक धनराशि के सौ से अधिक बकाएदार हैं, जबकि आठ हजार से ज्यादा ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन पर दस हजार या इससे अधिक बकाया है। विद्युत वितरण खंड द्वितीय से जुड़े महानगर के करीब 16 करोड़ रुपये उपभोक्ताओं पर बकाया हैं। पुरानी देनदारी शामिल होने के बाद यह धनराशि बढ़कर 80 करोड़ रुपये हो जाती है।
सरकारी विभागों पर बकाया (लाख रुपये): एक नजर
विभाग बकाया धनराशि
पुलिस एवं जिला जेल 107.34
स्वास्थ्य 324.05
बीएसएनएल 9.53
शिक्षा 30.85
न्याय 13.84
वाणिज्य कर 12.49
रेलवे 182.28
जीआईसी हॉस्टल 32.90
पीडब्ल्यूडी 18.59
कृषि 8.97
विकास भवन समेत कई विभागों के कार्यालय बकाएदार
निर्वाचन कार्यालय पर 3.47 लाख, रोजा रेलवे साइडिंग कार्यालय पर 2.97 लाख, बीएसए कार्यालय पर 2.82 लाख, रोजा मंडी समिति सचिव कार्यालय पर 2.91 लाख, रोजा टेलीफोन एक्सचेंज पर 1.60 लाख, विकास भवन केे कार्यालयों पर 1.39 लाख, विद्युत सुरक्षा सहायक निदेशक कार्यालय पर 1.01 लाख, रोजा आईटीआई पर 90124, तहसीलदार सदर कार्यालय पर 85651, डीएम कार्यालय पर 56567 और पीडब्ल्यूडी एक्सईएन कार्यालय पर 48175 रुपये बिजली राजस्व की देनदारी है।
विज्ञापन
सरकार ने रेलवे, स्वास्थ्य, दूरसंचार आदि आवश्यक सेवाओं से जुड़े कई विभागों के कनेक्शन जनहित को ध्यान में नहीं काटने के निर्देश दिए हैं। अन्य विभागों के अधिकारियों को पत्र भेजकर बकाया बिल शीघ्र जमा करने के लिए कहा गया है। अन्यथा की स्थिति मेें उनके कनेक्शन काटकर आरसी जारी कराई जाएंगी। - प्रशांत गुप्ता, एक्सईएन (सिटी), पावर कारपोरेशन
विज्ञापन
शहर में घरेलू और वाणिज्यिक श्रेणी के करीब 85 हजार उपभोक्ता हैं, जो हर महीने करीब 12 करोड़ की बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं। मगर इनमें से बमुश्किल 50 फीसदी उपभोक्ता नियमित बिल भुगतान करते हैं। तमाम ऐसे उपभोक्ता भी हैं जो ज्यादा भुगतान से बचने के लिए कम रीडिंग का बिल निकलवाते हैं और शेष यूनिट मीटर मेें स्टोर रहते हैं। चार-छह माह बाद मीटर की वास्तविक रीडिंग की गणना होती है तो भारी-भरकम बिल देखकर उनके हाथ-पांव फूल जाते हैं। अधिकारियों के अनुसार महानगर में एक लाख रुपये और इससे अधिक धनराशि के सौ से अधिक बकाएदार हैं, जबकि आठ हजार से ज्यादा ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन पर दस हजार या इससे अधिक बकाया है। विद्युत वितरण खंड द्वितीय से जुड़े महानगर के करीब 16 करोड़ रुपये उपभोक्ताओं पर बकाया हैं। पुरानी देनदारी शामिल होने के बाद यह धनराशि बढ़कर 80 करोड़ रुपये हो जाती है।
विज्ञापन
सरकारी विभागों पर बकाया (लाख रुपये): एक नजर
विभाग बकाया धनराशि
पुलिस एवं जिला जेल 107.34
स्वास्थ्य 324.05
बीएसएनएल 9.53
शिक्षा 30.85
न्याय 13.84
वाणिज्य कर 12.49
रेलवे 182.28
जीआईसी हॉस्टल 32.90
पीडब्ल्यूडी 18.59
कृषि 8.97
विकास भवन समेत कई विभागों के कार्यालय बकाएदार
निर्वाचन कार्यालय पर 3.47 लाख, रोजा रेलवे साइडिंग कार्यालय पर 2.97 लाख, बीएसए कार्यालय पर 2.82 लाख, रोजा मंडी समिति सचिव कार्यालय पर 2.91 लाख, रोजा टेलीफोन एक्सचेंज पर 1.60 लाख, विकास भवन केे कार्यालयों पर 1.39 लाख, विद्युत सुरक्षा सहायक निदेशक कार्यालय पर 1.01 लाख, रोजा आईटीआई पर 90124, तहसीलदार सदर कार्यालय पर 85651, डीएम कार्यालय पर 56567 और पीडब्ल्यूडी एक्सईएन कार्यालय पर 48175 रुपये बिजली राजस्व की देनदारी है।
विज्ञापन
सरकार ने रेलवे, स्वास्थ्य, दूरसंचार आदि आवश्यक सेवाओं से जुड़े कई विभागों के कनेक्शन जनहित को ध्यान में नहीं काटने के निर्देश दिए हैं। अन्य विभागों के अधिकारियों को पत्र भेजकर बकाया बिल शीघ्र जमा करने के लिए कहा गया है। अन्यथा की स्थिति मेें उनके कनेक्शन काटकर आरसी जारी कराई जाएंगी। - प्रशांत गुप्ता, एक्सईएन (सिटी), पावर कारपोरेशन