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ट्रांसफार्मर फुंकने से रेल कालोनियों की गुल हुई बत्ती
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रोजा। उत्तर रेलवे के स्थानीय जंक्शन के बिजली उपकेंद्र का 250 केवी क्षमता वाला ट्रांसफॉर्मर ओवरलोडिंग के कारण मंगलवार को दोपहर करीब 12.30 बजे तेज धमाके के साथ जल उठा। इसी के साथ रेल कालोनियों के सैकड़ों घरों की बत्ती गुल हो गई और परिचालन स्टाफ के मोबाइल व वाकी-टॉकी चार्ज करने को भी परेशान हो गए।
स्टेशन की प्रेम नगर, कोयला, अस्पताल और थाना कॉलोनी के करीब चार सौ आवासों की बिजली सप्लाई के लिए रेलवे पावर स्टेशन के बाहर 250 केवी क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया गया है। गत माह भी बिजली की ओवरलोडिंग के कारण इस ट्रांसफार्मर के केबल लोड के कारण जल गई थी। उस वक्त ट्रांसफार्मर को जलने से बचा लिया गया, लेकिन बिजली की बढ़ी हुई मांग के अनुरूप अधिक क्षमता का दूसरा ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया।
यही वजह रही कि मंगलवार दोपहर ट्रांसफार्मर में आग लग गई और अब मरम्मत कर इस्तेमाल करने लायक भी नहीं रहा। रेलवे के विद्युत अनुभाग के अवर अभियंता अवधेश कुमार ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर ट्रॉली ट्रांसफॉर्मर के लिए पावर कारपोरेशन के उप खंड अभियंता से संपर्क करना चाहा, लेकिन उनसे मोबाइल पर बात नहीं हो सकी। शाम छह बजे तक दूसरे ट्रांसफार्मर की व्यवस्था नहीं हो पाने से आवासों मेें लगे इन्वर्टर जवाब देने लगे। नतीजा यह हुआ कि लोको पायलटों के मोबाइल फोन और वाकी-टॉकी चार्ज करने को भी परेशान होना पड़ा।
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स्टेशन की प्रेम नगर, कोयला, अस्पताल और थाना कॉलोनी के करीब चार सौ आवासों की बिजली सप्लाई के लिए रेलवे पावर स्टेशन के बाहर 250 केवी क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया गया है। गत माह भी बिजली की ओवरलोडिंग के कारण इस ट्रांसफार्मर के केबल लोड के कारण जल गई थी। उस वक्त ट्रांसफार्मर को जलने से बचा लिया गया, लेकिन बिजली की बढ़ी हुई मांग के अनुरूप अधिक क्षमता का दूसरा ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया।
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यही वजह रही कि मंगलवार दोपहर ट्रांसफार्मर में आग लग गई और अब मरम्मत कर इस्तेमाल करने लायक भी नहीं रहा। रेलवे के विद्युत अनुभाग के अवर अभियंता अवधेश कुमार ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर ट्रॉली ट्रांसफॉर्मर के लिए पावर कारपोरेशन के उप खंड अभियंता से संपर्क करना चाहा, लेकिन उनसे मोबाइल पर बात नहीं हो सकी। शाम छह बजे तक दूसरे ट्रांसफार्मर की व्यवस्था नहीं हो पाने से आवासों मेें लगे इन्वर्टर जवाब देने लगे। नतीजा यह हुआ कि लोको पायलटों के मोबाइल फोन और वाकी-टॉकी चार्ज करने को भी परेशान होना पड़ा।
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